पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्या ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। चुनाव आयोग द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किए जाने पर उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह चुनाव आयोग का विशेषाधिकार है। उन्हें सोचना और जवाब देना है। अगर टीएमसी को कोई समस्या है तो उन्हें चुनाव आयोग के पास जाना चाहिए। अगर कोलकाता में नहीं, तो गणेश के पास जाएं। वहां नहीं तो सुप्रीम कोर्ट जाएं और वहां भी नहीं तो कालीघाट की मां काली के पास जाएं। मां काली तो उनका आवेदन बहुत पहले ही खारिज कर चुकी हैं। आरजी कर कांड के बाद मां ने उन्हें कह दिया है कि मुझे माफ करो। अगर अब मैंने तुम्हें आशीर्वाद दिया तो मेरी पूजा बंद हो जाएगी।”
उन्होंने कहा, “अगर भाजपा यह सब कर रही है और इसके पीछे कोई साजिश है तो उनके लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं। उनके पास काला कोट भी है, वे खुद जा सकती हैं। अगर उन्हें लगता है कि भाजपा और चुनाव आयोग एक ही हैं, तो उन्हें अदालत जाना चाहिए।”
‘ममता हार पचा नहीं पा रही हैं’
बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, “ममता बनर्जी अपनी हार पचा नहीं पा रही हैं। उन्होंने सपने में भी इसकी कल्पना नहीं की थी। यही वजह है कि वह यह ड्रामा कर रही हैं। पश्चिम बंगाल की जनता उनके इस नाटक को अच्छी तरह जानती है। लोगों को पूरी जानकारी है कि ममता बनर्जी ने क्या किया है और आगे क्या कर सकती हैं। ममता बनर्जी अब सत्ता से बाहर हो चुकी हैं। छह महीने इंतजार कीजिए, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नाम की कोई पार्टी नहीं बचेगी।”
गौरतलब है कि यह बयान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुरुवार देर रात कोलकाता के भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचे के बाद आई है। स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा करने के बाद ममता ने कहा था कि अगर ईवीएम में छेड़छाड़ की कोई कोशिश की गई, तो उनकी पार्टी उसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यहां ईवीएम के लिए एक स्ट्रॉन्ग रूम है। हमने पाया कि कई जगहों पर हेरफेर हो रहा है। जब मैंने टीवी पर सीसीटीवी देखा, तो मुझे लगा कि मुझे खुद जाकर देखना चाहिए। शुरुआत में केंद्रीय बलों ने मुझे अंदर जाने नहीं दिया, लेकिन हमारे चुनावी नियमों के अनुसार किसी भी पार्टी के उम्मीदवार और उनके चुनाव एजेंट को सील्ड रूम तक जाने की अनुमति होती है।”
उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे एजेंट को गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी तरह एकतरफा कार्रवाई हो रही है। इसके बावजूद अगर कोई ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ करने या मतगणना में गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा, तो हम जीवन-मरण की लड़ाई लड़ेंगे।” हालांकि, चुनाव आयोग ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया।
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर कहा, ‘कुगुदिराम अनुशीलन केंद्र के अंदर 7 एसी स्ट्रॉन्ग रूम हैं। मतदान समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों/चुनाव एजेंटों और सामान्य पर्यवेक्षक की मौजूदगी में इन सभी स्ट्रॉन्ग रूम को पूरी तरह बंद और सील कर दिया गया था। अंतिम स्ट्रॉन्ग रूम सुबह लगभग 5.15 बजे बंद किया गया था। सभी स्ट्रॉन्ग रूम जिनमें ईवीएम रखी गई हैं, उन्हें सील किया गया है।’
आयोग ने कहा है कि इसी परिसर में पोस्टल बैलेट के लिए एक और स्ट्रॉन्ग रूम है, जिसमें हमने विधानसभा सीटों के मतपत्र रखे हैं। हमने सभी पर्यवेक्षकों, आरओ को सूचित किया था और आरओ से अनुरोध किया था कि वे अपने उम्मीदवारों और एजेंटों को इस बारे में बता दें। आरओ ने राजनीतिक दलों को मेल से इस बारे में बताया था।
आयोग ने कहा कि मतदान परिसर वाले स्ट्रॉन्ग रूम के गलियारे में शाम 4 बजे बैलेट को अलग-अलग किया जा रहा था। मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित है और वहां ताला लगा हुआ है। चुनाव आयोग ने कहा है कि शशि पांजा, कुणाल घोष और काली को भी यही जानकारी दी गई थी।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार शाम भवानीपुर में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम पर पहुंचीं। बीजेपी ने इसे ड्रामा करार देते हुए कहा कि वे हार के बहाने तलाश रही हैं। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में बीजेपी नेता शहनवाज हुसैन ने कहा, “जो चुनाव हारने वाला होता है, वह हार के बहाने पहले ही तलाशता है।” पूरी खबर पढ़ें…
