पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है। हालांकि कई ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां त्रिकोणीय मुकाबला है। ऐसे में इन सीटों का समीकरण बदलेगा। पश्चिम बंगाल की करीब एक दर्जन सीटों पर इस बार के चुनाव में सबसे अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में यहां वोट बंटने की भी संभावना है। हालांकि चुनावी समीकरण बताते हैं कि इन आधी सीटों पर पिछले चुनाव में भाजपा का कब्जा रहा है। यहां सीधी टक्कर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच था लेकिन इस बार कांग्रेस भी इन सीटों पर चुनाव मैदान में है। इस वजह से इन सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है।
कांग्रेस ने मुकाबले को बनाया रोचक
चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि पहले चरण के चुनाव में सबसे अधिक उम्मीदवार वाली सीटों में कूच बिहार दक्षिण, जलपाईगुड़ी, करंदीघी, इताहर विधानसभा सीट हैं। यहां पर कुल इन सीट पर 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि बाकी सात सीटें ऐसी हैं, जहां पर 14-14 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन सीट में धूप गुड़ी, मायानगरी, डबग्राम फुलवारी, रतुआ, सुजापुर और दुर्गापुर पश्चिम जैसी अहम सीटें शामिल हैं।
इस चुनाव में वोट बंटवारे का फायदा कांग्रेस को कितना होगा, ये इन सीटों का समीकरण तय करेगा। हालांकि इस त्रिकोणीय समीकरण के साथ सबसे अधिक उम्मीदवार होने की वजह से यहां पर बड़े दलों (बीजेपी और टीएमसी) के लिए मुकाबला कड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस सभी सीटों पर कड़ी मशक्कत कर ही है और इस बार के चुनाव में मुर्शिदाबाद संसदीय सीट समेत अन्य सीटों पर अच्छे परिणाम की उम्मीद है। कांग्रेस इस बार के चुनाव में सभी दलों के विकल्प के तौर पर मैदान में है।
BJP ने बनाई थी बढ़त
कांग्रेस को इस बार बंगाल में खाता खुलने की उम्मीद है। इन सीटों सिर्फ वर्तमान समीकरण चौंकाने वाले हैं बल्कि बीते चुनाव में यहां अधिकतर सीटों पर सीधा मुकाबला कांग्रेस और टीएमसी के बीच ही था। टीएमसी से कड़े मुकाबले के बाद भी भाजपा दस में से छह सीटों पर जीत हासिल करने में सफल हुई थी, जबकि एक सीट पर कांग्रेस ने भी टीएमसी को सीधी टक्कर दी थी। जिन सीटों पर भाजपा ने यहां पर जीत हासिल की थी, उन सीटों में कूच बिहार दक्षिण, मथाभंगा, धूपगुड़ी, मैनागुरी, डबग्राम फुलवारी और दुर्गापुर पश्चिम की सीटें शामिल थीं।
पहले चरण की 152 सीटों पर वोटिंग
पहले चरण में बंगाल की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। बीजेपी सभी 152, टीएमसी 149, बीएसपी 64, सीपीआई (एम) 98, कांग्रेस151 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पहले चरण में कुल 1475 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
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पुनरीक्षण में नाम हटने, भाजपा के यूसीसी के वादे और AIMIM-AJUP गठबंधन के कमजोर पड़ने से टीएमसी की मुसलिम मतदाताओं पर पकड़ एक बार फिर मजबूत होती दिख रही है। पढ़ें पूरी खबर
