देशभर में लोगों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर निराशा जताई है। मंगलवार को ईंधन के दामों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने के बाद आम लोगों में नाराज़गी देखने को मिली। अब राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 97.77 रुपये से 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई जबकि डीजल के दाम 91 पैसे बढ़कर 90.67 रुपये से 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में आम लोगों ने पेट्रोल-पंप पर मौजूद अलग-अलग लोगों से बात की।

एक पेट्रोल पंप पर मौजूद व्यक्ति ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ेगा जबकि अमीरों को इससे ज्यादा परेशानी नहीं होगी।

समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में इस शख्स ने कहा, ”महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे तक बढ़ा दिए हैं। ऐसे में आम आदमी कैसे जिएगा? अमीरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन मिडिल क्लास-जो बाइक से सफर करता है और किसी तरह अपना गुजारा करता है, उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सीएनजी के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। देश का क्या होगा? जल्द ही हमारे भीख मांगने की नौबत आ जाएगी।”

‘ईंधन पर टैक्स को शून्य तक कम करना चाहिए’

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से नाराज एक अन्य नागरिक कपिल रामपाल ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार को ईंधन पर टैक्स को शून्य तक कम करना चाहिए क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा। उन्होंने कहा, ”उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है क्योंकि उनका काम ही देश को लूटना है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बाद उन्हें टैक्स कम करना चाहिए था लेकिन इसके बजाय वे आम जनता पर बोझ डाल रहे हैं। महंगाई और बढ़ेगी, फिर सरकार राहत पैकेज लाएगी। सरकार को ईंधन पर टैक्स शून्य कर देना चाहिए और फिर देखना चाहिए कि अर्थव्यवस्था कितनी तेजी से बढ़ती है।”

एक अन्य व्यक्ति ने भी नाराजगी जताते हुए कहा, ”उन्होंने गैस और पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए हैं, सरकार यही करती है। हर चीज महंगी हो गई है। कुछ कहने का कोई फायदा नहीं क्योंकि उन्हें हमारी बातों की परवाह ही नहीं है।”

सीएनजी टैक्सी चालक गगन ने कहा कि ईंधन और गैस की कीमतें बढ़ने के बावजूद टैक्सी किराया वही है जिससे निचले मध्यम वर्ग और गरीब तबके की जेब पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ”मैं सीएनजी गाड़ी चलाता हूं और सीएनजी के दाम 3 रुपये बढ़ गए हैं। हमारे किराए पहले जैसे ही हैं लेकिन महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है।”

हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि इस बढ़ोतरी का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। एक टैक्सी चालक मोहन ने कहा, ”कीमतें आमतौर पर 2 से 4 रुपये तक बढ़ती रहती हैं। यह ठीक है, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।”

एक अन्य शख्स सुरेंद्र पॉल ने भी इसी तरह की राय रखते हुए कहा, ”कम से कम हमें ईंधन तो मिल रहा है। जाहिर है कि इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा लेकिन ईंधन बिल्कुल न मिलने से तो यह बेहतर है।”

कर्नाटक में 107.12 रुपये पहुंचा पेट्रोल का दाम

आपको बता दें कि कर्नाटक में डीजल की कीमत में 94 पैसे प्रति लीटर और पेट्रोल में 95 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 107.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.04 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

एएनआई से बात करते हुए एक यात्री ने कहा, ”हम क्या कर सकते हैं? कुछ नहीं किया जा सकता। दाम हर दिन बढ़ रहे हैं। यह बहुत ज्यादा हो गया है और हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।”

तेलंगाना में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। यहां पेट्रोल 111.88 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.95 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

एक ऑटो चालक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि भीषण गर्मी में दिनभर काम करने के बाद भी वह अपने परिवार के लिए पर्याप्त पैसे नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।

उन्होंने कहा, ”गरीब लोगों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। कमाई बहुत कम है। अगर पेट्रोल के दाम ऐसे ही बढ़ते रहे तो ऑटो चालक कहां जाएंगे? हम अपने बच्चों की स्कूल फीस और घर का किराया कैसे देंगे? सरकार अपनी मर्जी से दाम बढ़ा देती है। हम गरीब लोग कहां जाएं? हम पूरे दिन तेज गर्मी में काम करते हैं लेकिन फिर भी पर्याप्त पैसे लेकर घर नहीं लौट पाते। महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।”

एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि जो व्यक्ति रोज 400-500 रुपये कमाता है, अगर वही पैसा पेट्रोल-डीजल पर खर्च हो जाए तो वह अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेगा। उन्होंने सरकार से आम आदमी की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा, ”जो व्यक्ति 400-500 रुपये रोज कमाता है, अगर वह सब पेट्रोल-डीजल पर खर्च कर दे तो अपने परिवार को कैसे खिलाएगा? गरीब लोग कैसे गुजारा करेंगे? सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह सिर्फ अमीरों के बारे में ना सोचे बल्कि गरीबों के लिए भी कदम उठाए। कम से कम खाने-पीने की चीजों के दाम तो कम किए जाएं।”

क्यों बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम

अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद वैश्विक तेल की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज जलमार्ग के बाधित होने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के बावजूद, खुदरा ईंधन की दरें दो साल पुरानी दरों पर ही स्थिर रखी गईं। सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागत से बचाने के लिए उठाया गया।

फरवरी में शुरू हुए ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी आई है। इसको देखते हुए सरकारी रिटेल पेट्रोलियम कंपनियों ने अपने बढ़ते नुकसान का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया। इससे पहले पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में विधानसभा चुनावों के बीच ईंधन के दाम स्थिर रखे गये थे। विभिन्न राज्यों में मूल्य वर्धित कर (वैट) में अंतर के कारण ईंधन कीमतें अलग-अलग हैं।