यूपी चुनाव से पहले अभ्यर्थियों का फूटा योगी सरकार पर गुस्सा! BJP दफ्तर घेर पूछा- शिक्षक भर्ती नहीं करनी थी, तो DELED क्यों कराया?

लखनऊ स्थित बीजेपी दफ्तर पर भारी तादाद में पहुंचे छात्रों ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उके हाथ में पोस्टर भी थे। छात्रों का कहना था कि सरकार उन्हें अंधेरे में क्यों रख रही है। अगर भर्तियां करनी ही नहीं थीं तो DELED क्यों कराया।

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लखनऊ स्थित बीजेपी दफ्तर का घंराव करते छात्र। (फोटोः स्क्रीनशाट news24 video)

शिक्षक भर्ती नहीं करने को लेकर छात्रों ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने बीजेपी दफ्तर का घेराव कर अपने रोष का प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जब भर्तियां करनी ही नहीं थीं तो DELED क्यों कराया। छात्रों को अंधेरे में क्यों रखा। उत्तर प्रदेश का चुनाव सिर पर है। ऐसे में छात्रों का गुस्सा बीजेपी की सरकार को भारी पड़ सकता है।

लखनऊ स्थित बीजेपी दफ्तर पर भारी तादाद में पहुंचे छात्रों ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उके हाथ में पोस्टर भी थे। छात्रों का कहना था कि सरकार उन्हें अंधेरे में क्यों रख रही है। अगर भर्तियां करनी ही नहीं थीं तो DELED क्यों कराया। हालांकि, रोष प्रदर्शन का पता लगने पर भारी तादाद में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। छात्रों को पुलिस की वैन में जबरन धकेला गया और उन्हें ले जाया गया।

ध्यान रहे कि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) करना अनिवार्य है। कोरोना संक्रमण की वजह से ही डीएलएड 2020 के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी। उस समय परीक्षा संस्था ने इसका प्रस्ताव भेजा था। संक्रमण कम होने पर डीएलएड 2020 के लिए प्रवेश कराने की मुहिम निजी कालेजों ने शुरू की, लेकिन इस पर निर्णय नहीं हो सका था।

2021 में प्रवेश जुलाई के बाद शुरू होना है। इस बार अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश नहीं मिलेगा, बल्कि दावेदारों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी। प्रवेश परीक्षा का सिलेबस (पाठ्यक्रम) अभी तय नहीं है, क्योंकि इधर करीब बीस वर्षों से प्रवेश परीक्षा नहीं हो रही थी। परीक्षा नियामक अथॉरिटी ने डीएलएड 2021 का प्रस्ताव फरवरी में ही बेसिक शिक्षा निदेशक व शासन को भेजा था।

पहले पंचायत चुनाव व यूपी बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम तय न होने से यह कोर्स भी लंबे समय तक लटका रहा। इधर कोरोना संक्रमण बढ़ने से स्कूल-कॉलेज व शैक्षिक संस्थान बंद हैं। शासन ने प्रस्ताव का अनुमोदन करने की जगह निर्देश दिया कि प्रवेश प्रक्रिया जुलाई के बाद तय की जाए।

उधर, सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर अपना रोष जताया और छात्रों का समर्थन किया। उमेश ने लिखा-अभी नही किए तो अगले 4 साल कुछ नही होने वाला। एक यूजर ने लिखा-युवा मांग रहा है रोजगार, योगी जी कर रहे हैं प्रचार। हिमन ने लिखा- सम्पत्ति जब्त हो जाने का ख़ौफ नही इन्हें? सब के सब हिमाचल से हैं क्या? अभय सिंह ने लिखा-अब तक मैं भी अंधभक्त था लेकिन अब दोगुनी कट्टरता कर साथ भाजपा का विरोध करूंगा और प्रदेश से उखाड़ फेंकने की हर मुमकिन कोशिश करूंगा।

डंकापति के हैंडल से ट्वीट किया गया- वोट देंगे हिन्दू राष्ट्र के लिए,वोट देंगे मुसलमानों की चूड़ी टाइट करने के लिए और मांगेंगे नौकरी! पाखंडी लोग। एक और का कहना था कि उत्तर प्रदेश के युवा देशविरोधी काम करना बंद करें। यह क्या नौकरी को मांग कर रहे है लोग। अगर अपनी प्रॉपर्टी ज़ब्त करवाना है तो प्रदर्श जारी रखें। योगी जी खुद मोदी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को नंबर एक राज्य बना चुके हैं।

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