ताज़ा खबर
 

बीफ विवाद: केरल सरकार ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी

केरल हाउस में दिल्ली पुलिस के ‘छापे’ के विवाद के बीच राज्य सरकार ने धमकी दी है कि अगर केंद्र ने इसे गलती नहीं माना तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, व्यंजन सूची..

Author तिरुवनंतपुरम /नई दिल्ली | October 29, 2015 2:06 AM
दिल्ली के केरल भवन में ‘गोमांस’ पर विवाद छिड़ा। (पीटीआई फोटो)

केरल हाउस में दिल्ली पुलिस के ‘छापे’ के विवाद के बीच राज्य सरकार ने धमकी दी है कि अगर केंद्र ने इसे गलती नहीं माना तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, व्यंजन सूची में भैंस का मांस वापस आ गया है। उधर राष्ट्रीय राजधानी में राज्य संचालित गेस्ट हाउस की कैंटीन में गोमांस परोसे जाने की कथित तौर पर झूठी शिकायत किए जाने को लेकर हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है।

सोमवार की दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को केंद्र-राज्य संबंधों को प्रभावित करने वाला बताते हुए केरल कैबिनेट ने बुधवार को अपनी बैठक में इस विषय पर चर्चा की। दिल्ली पुलिस के स्पष्टीकरण पर केंद्र के टिके रहने की स्थिति में इसने कानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने सिर्फ अपनी ड्यूटी की और कानून के मुताबिक मुआयना किया।

मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने तिरुवनंतपुरम में बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, राज्य संचालित गेस्ट हाउस में राज्य के अधिकारियों की इजाजत के बगैर की गई छापेमारी ने शिष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर दी, कानून का उल्लंघन किया और केंद्र-राज्य संबंधों को भी प्रभावित किया। चांडी ने कहा कि दिल्ली पुलिस का कथन राज्य के लिए स्वीकार्य नहीं है और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को इस मुद्दे पर लिखे पत्र के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। इस विषय पर दिल्ली पुलिस के अपनाए गए रुख से केंद्र के जवाब के अनुरूप होने पर केरल कानूनी कार्रवाई करेगा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गोमांस दिल्ली में प्रतिबंधित है, इसे केरल हाउस में नहीं परोसा गया। उन्होंने कहा, लेकिन भैंस का मांस (जो प्रतिबंधित नहीं है) आज से केरल हाउस में परोसा जाएगा, यह मायने नहीं रखता कि कौन इसका विरोध करता है। इस मुद्दे पर केरल के रुख का समर्थन करने के लिए चांडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धन्यवाद किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह छापा किसी को तुष्ट करने की कोशिश के तहत जान-बूझकर किया गया और इसका मकसद लोगों के मन में भय पैदा करना भी था। शिकायत की विश्वसनीयता की जांच किए बगैर पुलिस केरल भवन में आई थी। दिल्ली पुलिस पर बरसते हुए चांडी ने कहा कि इस घटना ने भारत की संघीय व्यवस्था को प्रभावित किया है। हालांकि उन्होंने कहा, अगर गलती मान ली जाती है तो केरल इस पर नर्म रुख अपनाने को तैयार है।

बहरहाल, देश में गोवध पर प्रतिबंध की आवश्यकता को लेकर उठे विवाद से बचते हुए उन्होंने कहा है, केरल में यह उपलब्ध है। यह पूछने पर कि क्या आगामी महीने में होने वाले निकाय चुनाव में गोमांस विवाद का राजनीतिक प्रभाव पड़ेगा, इस पर चांडी ने कहा कि केरल के लोग ‘सब कुछ’ देख रहे हैं और इसके लिए उन्हें कुछ भी स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है।

26 अक्तूबर को केरल भवन में गोमांस परोसे जाने की शिकायत को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया और विभिन्न हलकों में इसकी आलोचना की गई। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने आम आदमी पार्टी पर केरल भवन के बीफ मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में आप का रुख बहुत खतरनाक है और पार्टी अपनी गंदी राजनीति से देश का माहौल बिगाड़ रही है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि सरकार के अधीन संचालित केरल भवन में गोमांस परोसे जाने की शिकायत पर दिल्ली पुलिस का वहां प्रवेश करना संघीय ढांचे पर हमला है। भाजपा ने इस आरोप को खारिज कर दिया था। आप संयोजक के बयान को खारिज करते हुए विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा, केरल भवन मामले में आप का रुख बहुत खतरनाक है। धर्मनिरपेक्ष राजनीति के तथाकथित झंडाबरदार अब समाज और देश को बांटने की कोशिश में सांप्रदायिक राजनीति कर रहे हैं।

उधर केरल भवन में गोमांस परोसे जाने को लेकर उठे विवाद की आलोचना करते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कोच्चि में कहा कि संघ परिवार संगठन केरल में राज्य सरकार के अतिथिगृहों या होटलों के मेनू में बीफ (भैंस का मांस) रखने के खिलाफ नहीं है।

केरल हाउस में दिल्ली पुलिस के कथित छापे पर विवाद के एक दिन बाद विहिप की केरल इकाई के अध्यक्ष एसजेआर कुमार ने भोजन के तौर-तरीकों समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर लोगों पर अपनी बात थोपने के लिए हिंदू सेना और रामसेना जैसे संगठनों पर नरेंद्र मोदी सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

कुमार ने कहा, हम केरल भवन में बीफ परोसे जाने के खिलाफ नहीं है। हमने केरल या नई दिल्ली के केरल भवन सहित राज्य सरकार के अतिथिगृहों में बीफ परोसे जाने को लेकर कभी भी विवाद पैदा नहीं किया। केरल हाउस के मेनू में भैंस के मांस से बने व्यंजन को फिर से शामिल करने के केरल सरकार के फैसले पर विहिप के बयान के बारे में उनसे पूछा गया था। कुमार ने कहा कि केरल भवन बीफ प्रकरण हिंदू सेना जैसे संगठनों का काम है जो कि संघ परिवार का हिस्सा नहीं हैं।

इस विवाद के बीच पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को जम्मू में कहा कि भारतीय संविधान व्यक्ति को उसके घर की चारदीवारों के अंदर वह जो चाहे, उसे खाने की आजादी देता है। महबूबा ने एक समारोह से इतर कहा, भारतीय संविधान के अनुसार कोई व्यक्ति दूसरों की भावनाओं को आहत किए बिना अपने घर की चार दीवारों के भीतर जो चाहे, वह खाने का उसे अधिकार है। उन्होंने कहा, दाल खाना बस की बात नहीं रही, महंगाई इतनी बड़ गई है। और यहां इस बात पर बहस हो रही है कि लोगों को किस तरह का मांस खाना चाहिए और किस तरह का नहीं खाना चाहिए।

माकपा ने भाजपा नीत केंद्र सरकार का परिहास करते हुए कहा कि उन्हें हैरानी है कि भाजपा शासन में पुलिस की प्राथमिकता काले धन को तलाशने के बजाय ‘मनगढ़ंत’ गोमांस को तलाशने में बदल गई है। माकपा पोलितब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने केरल हाउस की घटना को लेकर एक ट्वीट में कहा, पुलिस काले धन को उजागर करने के लिए छापा नहीं मार रही है बल्कि वह मनगढ़ंत गोमांस का खुलासा करने में जुटी है। वाह मोदी। करात ने पुलिस की इस कथित छापेमारी को राजग सरकार द्वारा गढ़ा गया नया ‘मानदंड’ बताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा, लोगों को खाने के लिए भले ही दाल नहीं मिले, लेकिन पुलिस का इस्तेमाल गोमांस तलाशने के लिए किया जा रहा है।

लगातार ब्रेकिंग न्‍यूज, अपडेट्स, एनालिसिस, ब्‍लॉग पढ़ने के लिए आप हमारा फेसबुक पेज लाइक करेंगूगल प्लस पर हमसे जुड़ें  और ट्विटर पर भी हमें फॉलो करें

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App