जम्मू कश्मीर: मुस्लिम संगठनों ने कहा, गौमांस पर रोक इस्लाम के ख़िलाफ़

जमात-ए-इस्लामी और पृथकतावादी हुर्रियत कांफ्रेंस जैसे संगठनों ने जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा गौमांस पर रोक लगाने के फैसले पर नाराज प्रतिक्रिया दी..

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उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने मंगलवार को गौवध के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद पुलिस को निर्देश दिया कि वह देखे कि राज्य में कहीं भी गौमांस की बिक्री न हो।

जमात-ए-इस्लामी और पृथकतावादी हुर्रियत कांफ्रेंस जैसे संगठनों ने जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा गौमांस पर रोक लगाने के फैसले पर नाराज प्रतिक्रिया दी और बार एसोसिएशन का कहना है कि वह इस फैसले को चुनौती देगी। कट्टरपंथी हुर्रियत कांफ्रेंस और जेकेएलएफ ने फैसले के विरोध में शनिवार को कश्मीर में बंद का आह्वान किया है।

उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने मंगलवार को गौवध के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद पुलिस को निर्देश दिया कि वह देखे कि राज्य में कहीं भी गौमांस की बिक्री न हो। फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने एक बयान में कहा, ‘‘जुम्मे की नमाज के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन होंगे और शनिवार को उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ पूर्ण हड़ताल रहेगी। जम्मू और कश्मीर एक मुस्लिम बहुल राज्य है और अदालत ने (समुदाय की) प्रतिक्रिया पर विचार नहीं किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस आदेश से न सिर्फ मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई है बल्कि यह हमारे धार्मिक मामलों में सीधी दखलंदाजी है। एक मुस्लिम को ऐसा कानून मंजूर नहीं है, जो उसके धर्म में दखल देता हो।’’

जमात-ए-इस्लामी ने भी निर्देश की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे, जो इस्लाम के खिलाफ है। संगठन के नवनिर्वाचित प्रमुख गुलाम मोहम्मद भट ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इस आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे। यह धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के तो खिलाफ है ही, हमारी आस्था के भी खिलाफ है।’’

पृथकतावादी नेता मसर्रत आलम के नेतृत्व वाली मुस्लिम लीग ने भी आदेश की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘हम अपनी धार्मिक आस्थाओं पर कोई समझौता नहीं करने वाले। (इस्लाम में) गौमांस की इजाजत है।’’