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Beating Retreat में जवानों के ड्रम की धुनों को सुनने पहुंचे पीएम मोदी तो हुआ कुछ ऐसा कि फिर तोड़ना पड़ा प्रोटोकॉल

गणतंत्र दिवस के संपन्न समारोहः राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्थल विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट के कार्यक्रम के साथ 69वें गणतंत्र दिवस का समारोह संपन्न बेहद हर्षोल्लास के साथ किया गया।

Author नई दिल्ली | January 30, 2018 6:56 AM

राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्थल विजय चौक पर बीटिंग द रिट्रीट के कार्यक्रम के साथ 69वें गणतंत्र दिवस का संपन्न समारोह बेहद हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस दौरान देश की तीनों सेनाओं (इंडियन आर्मी, इंडियन एयरफोर्स और इंडियन नेवी) के जवानों ने ड्रम बैंड्स की मनमोहक प्रसुत्ति की और आए हुए अतिथि गणों का मन मोहा। बीटिंग रिट्रीट समारोह में तीनों शक्तिशाली सेनाओं की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रहे। समापन समारोह में इंडियन आर्मी के प्रमुख जनरल बिपिन रावत, इंडियन नेवी के प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा और इंडियन एयरफोर्स के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ मौजूद थे। इनके अलावा प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और डिफेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने भी शिरकत की। पीएम मोदी बैंड की धुन पर उंगलियों की थाप को बेहर गौर से देखते दिखाई दिए। धुनों को सुन रहे पीएम मोदी के हाथों की उंगलियों से थपथपाते दिखे। उन्होंने जवानों के इस हुनर को बेहद बारीकी से सुना और देखा। इस समारोह में शिरकत करने इस बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद किसी बग्गी में नहीं बल्कि मर्सिडीज बेंज लिमोजिन में बैठकर पहुंचे। जबकि पिछली बार प्रणव मुखर्जी बग्गी में पहुंचे थे। इस दौरान आर्मी के जवानों ने अपनी सुरीली धुनों के जरिए राष्ट्रपति को सलामी दी।

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इन जवानों ने देश की सांस्कृतिक विरासत के शानदार तरीके से तरह-तरह की धुनों और स्वर लहरियों से सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम में एक ओर सेनाओं और पुलिस फोर्स के बैंड की बीट की गूंज को दिखाया तो वहीं सितार और बांसुरी जैसे पारंपरिक भारतीय वाद्य यंत्रों से निकलने वाली संगीत लहरियों को भी सुनाया। इस दौरान पूरा राजपथ भारतीय गीत-संगीत से गूंज रहा था। कार्यक्रम की शुरुआत ‘जन गण मन’ से हुई और समापन ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा’ की धुन के साथ हुआ।

मर्सिडीज बेंज लिमोजिन में बैठकर पहुंचे राष्ट्रपति ने की पीएम मोदी से समारोह के दौरान मुलाकात। (PTI)

पीएम मोदी ने तोड़ा प्रोटोकॉल

हर बार की तरह इस बार भी पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल को तोड़ा और अपने फैंस से मिलने जा पहुंचे। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों के मिलने की कोशिश की।  कई लोग उनसे हाथ मिलाए तो कइयों ने उनके साथ सेल्फी ली। दिलचस्प ये है कि भीड़ देखकर पीएम मोदी हैरान नहीं बल्कि एक्साइटिड दिखाई दिए और पब्लिक के बीच आ गए। इसके बाद कई फैंस ने उनके साथ सेल्फी ली। लिहाजा इन्हीं सब बातों की वजह से वह जनता के प्रिय नेता हैं।

समारोह के अंत में पीएम मोदी के साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ जमा हो गई।

जब कुर्सियों से उठकर लोग करने लगे wow और Amazing

बीटिंग द रिट्रीट प्रोग्राम में जवानों द्वारा प्रस्तुत किए बैंड की बीट में महात्मा गांधी की धुन ‘रघुपति राघव राजा राम’ ‘वैष्णव जन’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ और ‘वंदे मातरम’ की धुनें हर किसी के दिल देश भक्ति की अलख जगाने वाली थीं। शाम के 7 बजे सारे जहां से अच्छा की धुन से जैसे ही समारोह का समापन हुआ तो कुर्सियों पर बैठे लोग उठ गए और विजय चौक के बदले नजारे की ओर देखने लगे।

जगमगा उठा संसद भवन विजय चौक का खूबसूरत मनोरम नजारा

संपन्न समारोह में पूरा विजय चौक रंग-विरंगी रोशनी से सराबोर नजर आने लगा। इनमें राष्ट्रपति भवन, नार्थ और साउथ ब्लाक और संसद भवन रोशनी ऐसे जगमगाए मानो दीवाली हो। वहीं आस-पास जल से भरे फब्बारे में तिरंगे वाले रंग की झलक देखने को मिली।

रोशनी में सराबोर विजय चौक का नजारा (PTI)

 

जब बैंडों से चमकने लगी अनोखी लाइटें

बीटिंग रिट्रीट में देश की तीनों सेनाओं सहित पुलिस के जवानों के बैंड ने 26 धुनों को सुनाया। इनमें पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों ने 18 धुनों को बजाया।  इस दौरान सेना और पुलिस फोर्स के बैंड ने ड्रम, बैगपाइपर, पाइप व अन्य सितार वादक बजाते हुए विजय चौक पर मार्च निकाला, जबकि नार्थ और साउथ ब्लाक के ऊपरी हिस्से में संगातकारों के समूह सितार, शहनाई, तबला जैसे पारंपरिक वाद्य के साथ अपनी कला का नजारा पेश करते दिखे। इस दौरान कुछ जवान श्रृंगार से सुसज्जित घोड़ों और ऊंटों पर बैठे हुए सांस्कृतिक धुनों को बजाते हुए भी दिखाई दिए। इस दौरान इंडियन कोस्त गार्ड के जवान जिन बैंड्स को बजा रहे थे उनमें अनोखी लाइ दिख रही थी, जिन्हें देख समारोह में मौजूद लोग सीटों से उठकर तालियां बजाने लगे और वाओ करने लगे।

लाइटों से रोशन हुए कोस्त गार्ड्स के बैंड (PTI)

दिल्ली पुलिस के जवानों ने भी दिखाया अपना हुनर

तीनों सेना व सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा समारोह में कुल 25 मनोरन धुनें बजाई गईं जिनमें से 25 भारत की पारंपरिक धुनें जबकि पश्चिमी धुन बजाई की प्रस्तुति की गई थी। यह पहला मौका था कि तीनों सेनाओं के बीच दिल्ली पुलिस के बैंड ने भी अपनी शानदार प्रस्तुति दी। वहीं प्रेसींडेंट के बॉडीगार्ड घोड़ों पर हाथों में झंडा लिए दिखाई दिए। आपको बता दें कि बीटिंग द रिट्रीट हमारे देश की पुरानों यादों की परंपरा है। पहले के दौर में जब देश की जवान युद्ध के बाद वापस लौटा करते थे तो इसका ऐलान बिगुल बजाकर होता था। लिहाजा यह सेरेमनी भी उन्हीं दिलों की याद में सेलिब्रेट की जाती है। ऐसे में राजपथ पर गणतंत्र दिवस के बाद जिस तरह से बिटिंग रिट्रीट समारोह होता है, इसकी जड़ें 1950 के दशक के शुरुआती दिनों में पड़ी थीं जब भारतीय सेना के मेजर राबर्ट्स ने बैंड की प्रस्तुतियों के साथ इस अनूठे समारोह की शुरुआत की थी।

पीएम मोदी को नमस्कार करते मनमोहन सिंह

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