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बेअंत सिंह का फरार कातिल तारा बैंकाक में पकड़ा गया

ग्यारह साल पहले चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से सौ फीट लंबी सुरंग खोदकर फरार हुए आतंकवादी जगजीत सिंह उर्फ तारा को थाइलैंड में गिरफ्तार किया गया है। तारा उन आतंकवादियों में है जिसे 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई […]

Author , January 7, 2015 8:47 AM
जगतार सिंह तारा बैंकाक पुलिस की गिरफ्त में।

ग्यारह साल पहले चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से सौ फीट लंबी सुरंग खोदकर फरार हुए आतंकवादी जगजीत सिंह उर्फ तारा को थाइलैंड में गिरफ्तार किया गया है। तारा उन आतंकवादियों में है जिसे 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इस बीचविदेश मंत्रालय ने कहा है कि आतंकवादी तारा को थाइलैंड से प्रत्यर्पित कराया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने मंगलवार रात को कहा, भारत में जघन्य अपराध करने वाले कहीं भी हों, उन्हें पकड़ा जाएगा।

सीबीआइ सूत्रों ने संकेत दिया है कि जगतार सिंह तारा को थाइलैंड से लाने के लिए एक दल को भेज सकती है। सीबीआइ के अनुसार, 37 वर्षीय तारा बेअंत सिंह की हत्या में सीधे तौर पर शामिल था क्योंकि उसने वह कार खरीदी थी जिसका इस्तेमाल चंडीगढ़ सचिवालय में मानव बम से सिंह की हत्या करने में किया गया। जब कार पेंटर बलविंदर सिंह ने विस्फोट में इस्तेमाल कार को पहचाना तब सभी आरोपियों की साजिश का पर्दाफाश हुआ। इसी पेंटर ने कार पर पेंट किया था।

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बब्बर खालसा के आतंकवादियों ने 31 अगस्त, 1995 को चंडीगढ़ के सचिवालय परिसर में बम विस्फोट कर बेअंत सिंह की हत्या कर दी थी। विस्फोट में 17 अन्य लोगों की जान भी चली गई थी जिनमें तीन कमांडो शामिल थे। मामले में 13 लोगों के नाम आरोपियों के तौर पर दर्ज किए गए जिनमें से नौ को गिरफ्तार कर लिया गया, तीन फरार हो गए और आत्मघाती हमलावर दिलावर सिंह विस्फोट में मारा गया।

तारा जनवरी, 2004 में दो अन्य आतंकवादियों के साथ चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से 110 फुट की सुरंग खोदकर फरार हो गया था। थाइलैंड के अधिकारियों के अनुसार, तारा बीते साल अक्तूबर में गुरमीत सिंह के नाम से पाकिस्तानी पासपोर्ट लेकर थाइलैंड में घुसा था। सोमवार को उसे पूर्वी प्रांत चोन बुरी में गिरफ्तार कर लिया गया। चोन बुरी पुलिस और सेना के जवानों के एक दल ने बांग लामुंग जिले के तांबुन नोंग फ्रियू के सोई माबयालिया में एक पाकिस्तानी के घर पर छापा मारकर गुरमीत सिंह यानी तारा को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने घर के मालिक 48 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक अली अलत को भी गिरफ्तार कर लिया। अलत ने कहा कि उसे ‘गुरमीत सिंह’ की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी नहीं थी।

Beant Singh, Jagtar Singh Tara, Babbar Khalsa, Punjab CM Beant Singh 31 आगस्त 1995 में हुर्इ बेअंत सिंह की हत्या का आरोपी जगतार सिंह तारा खालिस्तान टार्इगर फोर्स का चीफ हैं, जो 2004 में चंडीगढ़ की बुडैल जेल से फरार हुआ था

 

सूत्रों ने बताया कि गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू की ओर से थाई अधिकारियों से आतंकवादी को पकड़ने में मदद के लिए किए गए आग्रह के बाद यह कार्रवाई हुई है। रिजिजू ने यह आग्रह तब किया था जब वे पिछले साल के अंत में संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में शामिल होने बैंकाक गए थे ।

थाइलैंड में पिछले सप्ताह राष्ट्रीय पुलिस के प्रवक्ता ने घोषणा की थी कि थाईलैंड में सक्रिय या देश को पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल कर रहे सीमा पार के आपराधिक गिरोहों को निशाना बनाने के लिए एक विशेष इकाई गठित की जाएगी। पुलिस के मेजर जनरल और चोन बूरी पुलिस के प्रमुख नितिपोंग नियामनोई ने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने संदिग्ध को पकड़ने में मदद के लिए थाइलैंड का सहयोग मांगा था ।

चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस के सूत्रों ने ईएनएस को बताया कि 37 वर्षीय तारा बैंकाक में किसी थाई लड़की से शादी करने की फिराक में था। पुलिस का कहना है कि तारा पाकिस्तानी खुफिया एजंसी आइएसआइ की मदद से यहां पनाह पाए हुए था। पुलिस उस पाकिस्तानी से भी पूछताछ कर रही है जिसने उसे अपने घर में रखा। तारा के ठिकाने के बारे में अमेरिका से मिले सुराग से जानकारी मिली और थाई पुलिस से संपर्क साधा गया।

सूत्रों का कहना है कि जगतार सिंह पिछले साल गुरुमीत सिंह वल्द काका सिंह के नाम पर बने पाकिस्तानी पासपोर्ट के जरिए थाइलैंड में दाखिल हुआ था। सूत्रों ने बताया कि पंजाब की सुरक्षा एजंसियां आइबी के सहयोग से उसका ठिकाना जानने में कामयाब रहीं। इससे पहले पुलिस ने तारा के एक साथी रमनदीप उर्फ गोल्डी को नवंबर में मलेशिया में पकड़ा था। उस समय तारा चकमा देने में कामयाब रहा था।

सूत्रों का कहना है कि तारा और गोल्डी पंजाब में आतंकवादी हमला करने की ताक में थे। तारा के पाकिस्तानी नाते की ओर संकेत करते हुए पुलिस सूत्रों ने कहा कि तारा ने पाकिस्तान में भी अपना ठिकाना बना रखा था। पंजाब पुलिस ने बताया तारा को भारत लाने के साठ दिन में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

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