नालसार स्टूडेंट्स विवाद को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के निशाने पर हैं। सीजेपी समर्थक मनन मिश्रा का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस बीच मनन मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सीजेपी के 5-10 लोग अनाप-शनाप बोलकर कुछ भी नहीं कर सकते हैं, अगर उन्हें मुझे हटाना है तो मेरे खिलाफ चुनाव लड़े और जीत कर दिखाएं।
मनन मिश्रा ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, “बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अनाप-शनाप बयान चल रहे हैं। इस बीच नालसार जिसके चांसलर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया होते हैं, वहां के छात्रों ने दीक्षांत समारोह में उनका बहिष्कार कर दिया। बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन होने के नाते यह बात मुझे बुरी लगी। जब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया उस संस्थान के कुलपति हैं, ज्यूडिशरी के हेड हैं तो उनका इस तरह से अपमान करना ठीक नहीं था।”
‘मनन मिश्रा को किसी ने पद पर बैठाया नहीं’
मनन मिश्रा ने कहा कि ऐसे में एक आदेश जारी किया गया कि इनका एनरोलमेंट नहीं होगा, लेकिन 15 मिनट के अंदर उसे वापस ले लिया गया और छात्रों की शिकायतें दूर हो गई है। मनन मिश्रा ने कहा कि इसका नाजायज फायदा उठाते हुए आम आदमी पार्टी और कथित सीजेपी के लोगों ने मांग शुरू कर दी कि मनन मिश्रा को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनन मिश्रा किसी के द्वारा यहां पर बैठाए हुए या फिर सेलेक्ट किए हुए व्यक्ति नहीं है, बल्कि अगर वह 12-14 साल से बार काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन है तो वह चुने जाते हैं।
मनन मिश्रा ने कहा, “अगर मैं सातवीं बार चुना गया हूं तो वकीलों ने मुझे चुना है। पूरे चुनाव की प्रक्रिया होती है। 25-26 लाख वकील प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से बार काउंसिल आफ इंडिया के चेयरमैन को चुनते हैं। पहले राज्य स्तर पर चुनाव होता है, उसके बाद राज्य स्तर के प्रतिनिधि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन का चुनाव करते हैं। ऐसे में यह 5-10 सीजेपी के लोग, 5-10 सोशल मीडिया के लोग जो बकते हैं, वह ठीक नहीं है। मनन मिश्रा 25 लाख वकीलों के प्रतिनिधि हैं। कल को बड़ी संख्या में वकील मेरे समर्थन में भी आएंगे।”
‘सीजेपी के लोगों ने ताला तोड़ा- मनन मिश्रा’
मनन मिश्रा ने कहा कि 15 लोग यहां पर आ गए कि इस्तीफा दो साहब, मजाक है। उन्होंने कहा कि ये लोग बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सामने बैठे और ताला तोड़ दिया, अंदर घुस गए इसके बाद कुछ और वकील आए और उन्होंने मारपीट कर उनको भगा दिया। मनन मिश्रा ने कहा कि यह सीजेपी के लोग थे और उन्हें वकीलों ने भगा दिया। मनन मिश्रा ने कहा कि आज भी कहीं से खबर आई कि उन्हें मारपीट कर भगा दिया है।
मनन मिश्रा ने कहा, “वकील कॉकरोच नहीं है। यह जो कॉकरोच, सीजेपी के लोग उन्हें लीगल कॉकरोच का नाम दे रहे हैं। यह वकील बर्दाश्त नहीं करेंगे। वकील बुद्धिजीवी वर्ग है और यदि उसके मान सम्मान को आघात पहुंचेगा, तो वकील उसका जवाब देगा। जिसको मनन मिश्रा से दिक्कत है, वह चुनाव लड़ सकता है। प्रजातंत्र देश में है, चुनाव में लड़कर मुझे हराओ। लेकिन सोशल मीडिया पर अनाप-शनाप ज्यादा दिन नहीं चलेगा और वकील जवाब देगा।”
हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी विवाद के कुछ दिनों बाद वकीलों के एक समूह ने गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दफ्तर के बाहर मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन बीसीआई के उस आदेश के खिलाफ था, जिसमें NALSAR विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट हो रहे बैच के एनरोलमेंट को रोकने के लिए कहा गया था। पढ़ें पूरी खबर।
