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बर्दवान विस्फोट का मुख्य संदिग्ध असम से गिरफ्तार

बर्दवान विस्फोट मामले के मुख्य संदिग्ध और आतंकवादी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकवादी शाहनूर आलम को असम पुलिस की विशेष संचालन इकाई ने नलबाड़ी जिले से उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया। आलम युवाओं को भड़काकर उन्हें जेएमबी में शामिल करता था और इसके बाद उन्हें आतंकवादी गतिविधियों के […]

Author December 7, 2014 9:08 AM
आलम को असम पुलिस की विशेष संचालन इकाई ने नलबाड़ी जिले से उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया गया था।

बर्दवान विस्फोट मामले के मुख्य संदिग्ध और आतंकवादी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकवादी शाहनूर आलम को असम पुलिस की विशेष संचालन इकाई ने नलबाड़ी जिले से उसके एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया। आलम युवाओं को भड़काकर उन्हें जेएमबी में शामिल करता था और इसके बाद उन्हें आतंकवादी गतिविधियों के प्रशिक्षण के लिए भेजता था। असम पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) खगेन सरमा ने शनिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उसे एक स्थानीय व्यक्ति से सूचना मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया।

आलम को शुक्रवार रात नलबाड़ी जिले में मुकलमुआ पुलिस थाने के लारकुछी गांव से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही दो अक्तूबर के बर्दवान विस्फोट मामले में असम में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या दस हो गई है। डीजीपी ने कहा कि हम विस्फोट के दिन से ही शाहनूर के पीछे लगे हुए थे। कई बार, हम चूक गए। शुक्रवार को असम पुलिस की विशेष संचालन इकाई को उसके ठिकाने की सूचना मिली और उसे गिरफ्तार किया गया।

आलम को कामरूप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। बर्दवान विस्फोट मामले में मुख्य आरोपियों में से एक आलम अभी तक असम, मेघालय और बांग्लादेश के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले इलाके में कई स्थानों पर छिपता घूम रहा था। लेकिन विस्फोट के बाद वह बांग्लादेश नहीं गया। उस पर आपराधिक साजिश और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने या उसका प्रयास करने से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है ।

जेएमबी के साथ आलम की संलिप्तता के बारे में सरमा ने बताया कि हथियारों के इस्तेमाल की दृष्टि से वह आतंकवादी गतिविधियों या आतंकी प्रशिक्षण में माहिर नहीं है लेकिन वह लोगों को बहकावे में लेने में बहुत मंजा हुआ है और यह ज्यादा खतरनाक है। शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि आलम बर्दवान विस्फोट से गहराई से जुड़ा हुआ था और घटना से पूर्व उसका वहां आना जाना था। इसके अलावा उसके पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में जेएमबी सरगनाओं के साथ उसके अच्छे संबंध थे।

दंत चिकित्सा में पैरा मेडिकल प्रशिक्षण प्राप्त आलम को जेएमबी में ‘इलियास’ नाम दिया गया था और उसने असम तथा पश्चिम बंगाल में ‘लोगों को प्रेरित करने का प्रशिक्षण’ हासिल किया था। आलम उर्फ डाक्टर बारपेटा जिले के छटाला गांव का रहने वाला है और आरोप है कि उसने जेएमबी के भारतीय नेटवर्क के लिए धन का प्रबंध किया।

सरमा ने बताया कि हम कुछ एनजीओ की पड़ताल कर रहे हैं जिन्होंने संभवत: जिहादियों के साथ कुछ पैसे का लेन देन किया। हालांकि असम में जिहादियों के साथ धन का कोई गंभीर लेन देन नहीं हुआ। राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने पिछले महीने आलम की पत्नी सुजना बेगम को हिरासत में लिया था लेकिन आलम फरार था। एनआइए ने उसके बारे में सूचना देने वाले को पांच लाख रुपए के इनाम की भी घोषणा की थी।
जेएमबी के संदिग्धों के बारे में पूछे जाने पर डीजीपी ने कहा कि हमें पांच अहम लोगों की तलाश है जिनमें लोगों को बरगलाने या आतंकवादी प्रशिक्षण देने की क्षमता है। इसके अलावा 50-60 युवक जिहादी तत्वों से प्रभावित हैं लेकिन पुलिस का उन्हें गिरफ्तार करने का इरादा नहीं है। इन लोगों का उचित तरीके से मार्गदर्शन कर मुख्य धारा में वापस लाया जा सकता है।

सरमा ने बताया कि इस सूची में जेएमबी की पांच महिला सदस्य भी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जेएमबी की असम में कोई चालू प्रशिक्षण यूनिट नहीं है और न ही राज्य में उसका कोई ऐसा ठिकाना है जहां से वह हमलों को अंजाम दे सके। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकी प्रशिक्षण पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में दिया गया। जब बांग्लादेश में जेएमबी को प्रतिबंधित कर दिया गया तो उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम में सुरक्षित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी। लेकिन स्थानीय मुसलिमों ने कभी उनका समर्थन नहीं किया।

सरमा ने कहा कि जेएमबी के कुछ वरिष्ठ सदस्यों ने इस साल के शुरू में लारकुछी में बाजारों, मस्जिदों और मदरसों का दौरा जरूर किया था। उन्होंने कहा कि हम इन जगहों की निगरानी कर रहे हैं। जेएमबी केवल धुबरी, नलबाड़ी और बारपेटा में कुछ युवकों को भरमा सकती है। हालांकि उन्होंने निचले, मध्य असम और बराक घाटी में अपने ठिकाने बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि जेएमबी एक संगठनात्मक अड्डा स्थापित कर एक तंत्र बनाने की कोशिश कर रहा है और उसके बाद यहां हमलों के लिए बाहर से लोगों को लाने की उसकी कोशिश है।

सरमा ने बताया कि बांग्लादेश के जेएमबी सरगनाओं ने यहां भारतीय मुसलिम लड़कियों से शादी करने और उसके बाद यहां अपनी रिहायश बनाकर स्थानीय पहचान पाने की कोशिश की। एक असमिया लड़की की ऐसे व्यक्ति से शादी हुई और वे दोनों पश्चिम बंगाल में जा बसे। जेएमबी के पाकिस्तान की खुफिया एजंसी आइएसआइ के साथ संबंधों के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि इस्लामी आतंकवाद का हमेशा आइएसआइ से संबंध होता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अल कायदा की असम में कोई गंभीर मौजूदगी नहीं है।

लारकुछी गांव में आलम के रिश्तेदार मुजीबुर रहमान ने दावा किया है कि उसने उसके घर में आलम की मौजूदगी की सूचना पुलिस को दी थी जिससे उसे गिरफ्तार किया गया। बर्दवान विस्फोट के संबंध में गिरफ्तार किए गए दस लोगों में आलम, उसकी पत्नी सुजेना बेगम और भाई जकारिया अली शामिल हैं।

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