Baramati Plane Crash: महाराष्ट्र के पुणे स्थित बारामती हवाई अड्डे पर रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक निजी कंपनी द्वारा संचालित प्रशिक्षण विमान (ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट) टेक-ऑफ के दौरान अनियंत्रित होकर रनवे से बाहर निकल गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि विमान को मामूली नुकसान पहुंचा है।
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि करीब सात महीने पहले इसी हवाई अड्डे पर हुए एक भीषण विमान हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी। बार-बार हो रहे हादसों ने बारामती एयरपोर्ट के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टेक-ऑफ के दौरान अनियंत्रित हुआ प्रशिक्षण विमान
इस हादसे को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संदीप सिंह गिल ने कहा है कि यह हादसा रविवार दोपहर करीब 12:35 बजे हुआ। वीटी-सेक्स (VT-SEX) प्रशिक्षण विमान अभ्यास उड़ान पर था, जिसमें कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जुंद्रे सवार थे।
संदीप सिंह के अनुसार, विमान ने रनवे पर प्रवेश कर टेक-ऑफ का पहला प्रयास किया जो विफल रहा। इसके बाद दोबारा प्रयास किया गया, लेकिन टेक-ऑफ के दौरान विमान को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका। विमान रनवे की तय सीमा को पार करते हुए दाहिनी ओर बनी पक्की सतह से बाहर निकल गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और दोनों पायलट सकुशल बाहर निकल आए।
सात महीने पहले हुआ था पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार का निधन
बारामती हवाई अड्डा पिछले कुछ समय से हादसों को लेकर सुर्खियों में है। इससे पहले 28 जनवरी को इसी हवाई अड्डे के पास एक लीयरजेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में एनसीपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, सहायक और दो पायलटों – कैप्टन सुमित कपूर व फर्स्ट ऑफिसर शम्भावी पाठक की मौत हो गई थी।
विमान दुर्घटना जांच एजेंसी (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि हादसे के वक्त रनवे पर दृश्यता (Visibility) बेहद कम थी। इसके अलावा रनवे पर निशानों का धुंधला होना और ढीली बजरी की मौजूदगी भी हादसे का कारण बनी थी।
मई महीने में भी हुआ था एक ट्रेनिंग प्लेन क्रैश
इसी साल 13 मई को भी बारामती में एक अन्य निजी कंपनी का प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है। गोजुबावी गांव के पास लैंडिंग से ठीक पहले विमान कम ऊंचाई पर उड़ते हुए बिजली के खंभे से टकरा गया था। हालांकि, उस हादसे में भी प्रशिक्षु पायलट बाल-बाल बच गया था।
लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को ऐसे गैर-नियंत्रित हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
बड़े बदलावों का फैसला
एयरपोर्ट पर लगातार उठते सवालों के बीच प्रशासन ने बारामती हवाई अड्डे के उन्नयन (Upgradation) और नवीनीकरण का काम शुरू करने का फैसला लिया है। नए मास्टर प्लान के तहत हवाई अड्डे पर उड़ानों के सुरक्षित संचालन के लिए एक स्वतंत्र एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और रनवे का विस्तार किया जाएगा।
इसके अलावा, रात के समय विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए आधुनिक प्रणालियों (Night Landing System), आपात स्थितियों से निपटने के लिए समर्पित अग्निशमन केंद्र और पूरे परिसर की घेराबंदी के लिए एक मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित है। हालांकि, इस नए हादसे ने एयरपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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