Bengladeshi Infiltration: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के हकीमपुर सीमा चौकी पर बुधवार को बांग्लादेश में प्रवेश करने के की कोशिश कर रहे लोगों का आना-जाना जारी है। अहम बात यह है कि बांग्लादेश की तरफ जाने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा हो गई है। सूत्र बताते हैं कि बांग्लादेश सीमा रक्षकों ने प्रवेश रक्षकों ने प्रवेश करने वाले लोगों को लेकर आपत्ति जताई है।

पश्चिम बंगाल के अधिकारियों द्वारा संदिग्ध बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी जारी है, और पिछले तीन दिनों में स्थापित हिरासत केंद्रों में अब तक 143 लोग हिरासत में हैं। पहले दो केंद्र मुर्शिदाबाद और मालदा में स्थापित किए गए थे, जबकि एक और केंद्र उत्तर 24 परगना के टेटुलिया में बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन केंद्रों में क्रमशः 24, 9 और 110 लोग हिरासत में हैं।

दस्तावेज के बावजूद BGB नहीं दे रहा प्रवेश

टेटुलिया डिटेंशन सेंटर एक ऐसी इमारत में स्थापित किया गया है जो पहले तृणमूल कांग्रेस की ‘पाथेर साथी’ योजना का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य सरकारी भवनों में यात्रियों को नाममात्र लागत पर भोजन और आश्रय प्रदान करना था। बांग्लादेश सीमा रक्षकों ने उन लोगों को भी देश में प्रवेश देने पर रोक लगा दी है, जो कि अपने दस्तावेज दिखाकर बांग्लादेशी होने का सबूत भी दे रहे हैं।

बीएसएफ शिविर में रह रहे लोग

हकीमपुर चौकी पर पहुंचने वालों को फिलहाल पास के बीएसएफ शिविर में ले जाया गया है। इनमें से एक नाम फहीम मलीदा का भी है, जिन्होंने मंगलवार बताया कि उन्होंने सरकारी कार्रवाई के डर से केरल में राजमिस्त्री का काम छोड़कर बांग्लादेश वापस जाने का फैसला किया था। उन्होंने फोन पर बताया कि उन्हें उस बीएसएफ शिविर का सटीक स्थान नहीं पता जहां उन्हें ले जाया गया है।

BSF ने भी जारी की आपत्तियां

मलीदा ने आगे कहा कि हमारी देखभाल की जा रही है। हमें खाना और पानी दिया जा रहा है लेकिन हमें नहीं पता कि वे हमें सीमा पार करके बांग्लादेश में कब जाने देंगे। बांग्लादेश सीमा रक्षकों की प्रतिक्रिया पर, बीएसएफ के एक सूत्र ने कहा कि उनकी ओर से आपत्तियां हैं। लेकिन हम निर्देशों के अनुसार अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे। हम चौकी के पास जमा हुए लोगों को बांग्लादेश लौटने के लिए भोजन और पानी जैसी सभी मानवीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।

पिछले साल नवंबर में बंगाल में विशेष गहन पुनरावलोकन के दौरान सैकड़ों लोगों के हकीमपुर चेकपोस्ट के रास्ते बांग्लादेश वापस जाने की खबर थी, जिसके कारण इस बार भी लोग यहां उमड़ पड़े हैं। 23 मई को जारी एक आदेश में राज्य सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को राज्य के सभी जिलों में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के लिए ‘हिरासत केंद्र’ स्थापित करने का निर्देश दिया।

‘इंटरनेशनल बार्डर के 15 KM के दायरे में सभी अवैध ढांचे तोड़ दो’, घुसपैठ रोकने को लेकर अमित शाह का सख्त निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इंटरनेशनल बॉर्डर के 15 किलोमीटर के दायरे में मौजूद अवैध ढांचों के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू करें और उन्हें गिरा दें। पढ़िए पूरी खबर…