बांग्लादेश ने मार्च की शुरुआत में अपने खुफिया एजेंसी प्रमुख को भारत भेजा था। बीएनपी के चुनाव जीतने और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद बांग्लादेश से भारत की यह पहली उच्च स्तरीय यात्रा थी। सूत्रों के अनुसार, खुफिया प्रमुखों ने 2 मार्च 2026 को डिनर पर मुलाकात की, जहां खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश की शीर्ष रक्षा खुफिया एजेंसी, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस (DGFI) के महानिदेशक मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी ने 1 से 3 मार्च के बीच दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी R&AW के प्रमुख पराग जैन और सैन्य खुफिया महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल आर एस रमन से मुलाकात की।
22 फरवरी को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के पांच दिन बाद, रहमान ने ब्रिगेडियर जनरल कैसर राशिद को मेजर जनरल के पद पर प्रमोट किया और उन्हें डीजीएफआई का महानिदेशक नियुक्त किया। बांग्लादेश में भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर भारत को गंभीर सुरक्षा चिंताएं हैं। यह आकलन किया गया कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। ऐसे में आने वाले समय में सुरक्षा मोर्चे पर सहयोग किस तरह आगे बढ़ता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
हादी की हत्या के आरोपी दो बांग्लादेशी नागरिक बंगाल से गिरफ्तार
आरोपी राहुल (37), उर्फ फैसल करीम मसूद, और आलमगीर हुसैन (34) को शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बोंगांव से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, राहुल बांग्लादेश के पटुआखाली का निवासी है जबकि आलमगीर ढाका का निवासी है। बांग्लादेश सरकार ने अब गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों से मिलने के लिए कांसुलर पहुंच की मांग की है।
इसके एक सप्ताह बाद 8 मार्च को पश्चिम बंगाल के बोंगांव क्षेत्र में प्रमुख बांग्लादेशी राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के आरोपी दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। राज्य के विशेष कार्य बल (STF) ने रविवार को यह जानकारी दी थी। हादी की मृत्यु 18 दिसंबर, 2025 को सिंगापुर के एक अस्पताल में हुई थी। उनकी मृत्यु 12 दिसंबर 2025 को ढाका में सिर में गोली लगने के 6 दिन बाद हुई थी। 32 वर्षीय हादी बांग्लादेश में 2024 के छात्रों के विद्रोह के दौरान एक प्रमुख युवा नेता के रूप में उभरे थे। इस विद्रोह के कारण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हाथ धोना पड़ा था। हादी इंकलाब मंचो के सह-संस्थापक और प्रवक्ता थे जो जुलाई 2024 के विद्रोह के बाद उभरा एक राजनीतिक मंच था।
बांग्लादेश को भारत से सहयोग की अपेक्षा
बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने सोमवार को ढाका में पत्रकारों से कहा, “हमें कल पता चला कि उस्मान हादी हत्याकांड के दो संदिग्धों को कोलकाता में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें दो सप्ताह के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है। चूंकि हमारे पास उनके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है इसलिए हमने उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता स्थित अपने दूतावास के माध्यम से कांसुलर पहुंच का अनुरोध किया है।” मंत्री ने कहा, “हम हादी हत्याकांड में न्याय के लिए और उन्हें वापस लाने के लिए सभी राजनयिक प्रयास करेंगे और इस संबंध में भारत से सहयोग की अपेक्षा करते हैं।”
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