पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में एक अगस्त से अगले साल फरवरी के अंत तक ‘जनगणना 2027’ आयोजित की जाएगी और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इस कवायद के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से जनगणना प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”बंगाल में जनगणना एक अगस्त से शुरू होगी और अगले साल फरवरी के अंत की मध्यरात्रि तक जारी रहेगी। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।” शुभेंदु ने कहा कि भारत ने जनगणना कार्य में काफी प्रगति की है और पश्चिम बंगाल को अन्य राज्यों के साथ चलने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ”देश जनगणना के कार्य में बहुत आगे निकल गया है, जबकि हम पीछे रह गए हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”बांग्लादेश के साथ हमारी 600 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़बंदी नहीं है। पिछली राज्य सरकार ने बीएसएफ को जमीन नहीं सौंपी थी। इसलिए वहां बाड़ नहीं लगाई जा सकी जिसके कारण घुसपैठ हुई और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में जनसांख्यिकीय संरचना (डेमोग्राफी स्ट्रक्चर) बदल गई।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन और योजना बनाने के लिए जनगणना के सटीक आंकड़े अनिवार्य हैं। शुभेंदु ने कहा, ”यह जनगणना अभियान बहुत महत्वपूर्ण है। मैं बंगाल के प्रत्येक व्यक्ति से इसमें भाग लेने का आग्रह करता हूं।” मुख्यमंत्री ने ‘भारत की जनगणना, 2027’ के पहले चरण के संबंध में राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में एक बैठक में भाग लिया।
फरवरी 2027 तक चलेगी प्रक्रिया
राज्य सरकार के अनुसार जनगणना की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी। इसमें घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करना, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और जनसंख्या संबंधी सूचनाओं का सत्यापन शामिल होगा। यह प्रक्रिया अगले वर्ष फरवरी के अंत तक जारी रहेगी।
जनगणना क्यों महत्वपूर्ण है?
जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल सरकारी योजनाएं बनाने, संसाधनों के वितरण, शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे की योजना, शहरी और ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए किया जाता है।
इसी वजह से केंद्र और राज्य सरकारें इसे प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानती हैं।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच टिप्पणी
पश्चिम बंगाल में हाल के महीनों में विभिन्न प्रशासनिक और नागरिक मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज रही है। ऐसे माहौल में शुभेंदु अधिकारी का यह कहना कि जनगणना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है और राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ
पश्चिम बंगाल अन्नपूर्णा योजना का फॉर्म रिलीज
पश्चिम बंगाल में सरकार ने बुधवार को ‘अन्नपूर्णा योजना’ का आवेदन फॉर्म लॉन्च किया। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना की जगह लेगी जिसे वर्ष 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने शुरू किया था।
