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Coronavirus की दूसरी लहर ने कई उद्योग किए बेहाल, पर मई में Bajaj Auto की बिक्री में 114% आया उछाल!

जाज ऑटो के एक बयान के मुताबिक, कंपनी ने पिछले साल मई में 1,27,128 वाहन बेचे थे। कंपनी ने कहा कि मई 2021 में घरेलू बिक्री 52 प्रतिशत बढ़कर 60,830 ईकाई हो गई, जो मई 2020 में 40,074 इकाई थी।

Edited By अभिषेक गुप्ता मुंबई | Updated: June 1, 2021 1:39 PM
महाराष्ट्र में पुणे स्थित Bajaj Auto का प्लांट। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

वैश्विक महामारी Coronavirus की दूसरी लहर देश में सुनामी के तौर पर आई थी। बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और दवाओं आदि की कमी के बीच अप्रैल और मई, 2021 में देश के विभिन्न हिस्सों को लॉकडाउन, आंशिक कर्फ्यू और ऐसी मिलती-जुलती पाबंदियों से गुजरना पड़ा था। नतीजतन छोटे और मंझले उद्योगों के साथ कई बड़े उद्योगों का हाल बेहाल हुआ। पर इस साल मई में Bajaj Auto की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 114% उछाल आया।

कंपनी ने मंगलवार को कहा कि मई 2021 में उसके कुल वाहनों की बिक्री पिछले साल के समान महीने की तुलना में 114 प्रतिशत बढ़कर 2,71,862 इकाई हो गई। बजाज ऑटो के एक बयान के मुताबिक, कंपनी ने पिछले साल मई में 1,27,128 वाहन बेचे थे। कंपनी ने कहा कि मई 2021 में घरेलू बिक्री 52 प्रतिशत बढ़कर 60,830 ईकाई हो गई, जो मई 2020 में 40,074 इकाई थी। समीक्षाधीन अवधि में कुल निर्यात 142 प्रतिशत बढ़कर 2,11,032 इकाई हो गया, जो मई 2020 में 87,054 इकाई था।

एक अन्य विज्ञप्ति में एमजी मोटर इंडिया ने बताया कि मई 2021 में उनकी बिक्री 1,016 इकाई रही, जबकि पिछले साल के समान माह में यह आंकड़ा 710 था। कंपनी ने बताया कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते उसका कारोबार प्रभावित हुआ।

बता दें कि कोरोना महामारी के भीषण प्रकोप और मांग पर इसके हानिकारण प्रभाव के चलते भारत में मई 2021 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट देखने को मिली। आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) मई में गिरकर 50.8 पर आ गया, जो अप्रैल में 55.5 पर था। इस दौरान कंपनियों के पास नया काम और उत्पादन पिछले 10 महीनों में सबसे कम था। अगर पीएमआई 50 से ऊपर है, तो इसका अर्थ है कि गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि 50 से कम अंक संकुचन को दर्शाते हैं।

आईएचएस मार्किट में अर्थशास्त्र के एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘‘भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में तनाव बढ़ने के संकेत हैं, क्योंकि कोविड-19 संकट तेज हो गया है। मौजूदा बिक्री, उत्पादन और कच्चे माल की खरीद मई में काफी कमजोर हो गई और ये पिछले दस महीनों में सबसे धीमी गति से वृद्धि की ओर इशारा कर रहा है। वास्तव में, सभी सूचकांक अप्रैल से नीचे थे।’’ हालांकि, लीमा ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में हानिकारक प्रभाव पिछले साल की तुलना में काफी कम गंभीर हैं।

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