ताज़ा खबर
 

पंचायत का फरमान- लड़कियों ने जींस पहने तो होगा परिवार समेत बायकाट

पंचों ने कहा है कि लड़कियों का पहनावा दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है जो समाज और खुद लड़कियों के हित में नहीं है

Author बागपत | April 12, 2016 1:29 AM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

भारत में लड़कियों के आधुनिक परिधान पहनने पर परिवार से लेकर और समाज और पंचायतों तक की टेढ़ी नजर रही है। सबसे ज्यादा विरोध जींस और चुस्त कपड़े पहनने पर एतराज जताया गया। हालांकि तमाम विरोध के बावजूद लड़कियां अपनी पसंद के कपड़े पहनती रही हैं। विदेश में ये कपड़े पहनना जहां सहज बात है वहीं भारत में के बड़े शहरों और और महानगरों में तो अब आम बात है। कस्बों की की लड़कियां भी अधुनिक कपड़े पहन रही हैं। कहीं कोई एतराज नहीं। थोड़े-बहुत संकोच के बाद मां-बाप भी बेटी की ये छोटी सी जिद मान जाते हैं। मगर देश के कई गांवों में और कुछ पंचायतों को ये जरा भी नहीं सुहाता।

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ गांवों में जींस और टाइट कपड़े पहनने को लेकर अक्सर आवाज उठती रही है। ग्रामीण समाज के साथ वहां की पंचायतें भी जब तब अपने फरमान सुनाती रही हैं। पिछले साल बिहार के हथुआ में एक पंचायत ने लड़कियों के मोबाइल फोन रखने और जींस पहनने पर पाबंदी लगा दी थी। और कुछ अरसा पहले हरियाणा से एक फरमान आया था तो अब उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के एक गांव ने लड़कियों के जींस पहनने पर कड़ा फरमान सुनाया है। यह ऐसा फरमान है जिससे मां-बाप भी सहम जाएं।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक गांव की पंचायत ने लड़कियों के जींस और अन्य तंग कपड़े पहनने को सामाजिक बुराइयों की बड़ी वजह करार देते हुए ऐसे कपड़े पहनने पर पाबंदी लगा दी है। पंचायत ने आगाह किया है कि इसका पालन नहीं करने वाली लड़कियों और औरतों का उनके परिवार समेत बायकाट किया जाएगा।

जिले के बावली गांव की पंचायत में किए गए निर्णय की जानकारी देते हुए गांव के प्रधानपति ओमवीर ने सोमवार को यहां बताया कि रविवार (10 अप्रैल) गांव में बुलाई गई पंचायत में सामाजिक व्यवस्था को सुधारने के लिए अहम मुद्दों पर गंभीरता से चिंतन करने के बाद पंचायत ने सबसे पहले लड़कियों के जींस और तंग कपड़े पहनने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया।

उन्होंने बताया कि पंचों ने कहा है कि लड़कियों का पहनावा दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है जो समाज और खुद लड़कियों के हित में नहीं है, इसलिए अब गांव की किसी लड़की ने जींस या टाइट कपड़े पहने तो उसका विरोध किया जाएगा। इसके बाद भी लड़की नहीं मानी तो उसका और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

ओमवीर ने कहा कि कोई भी पहनावा वहां के माहौल के हिसाब से पहना जाना चाहिए। पश्चिमी देशों में जींस और तंग कपड़े पहनने का पुराना रिवाज है, इसलिए वे उसके अभ्यस्त हैं। उससे उनके समाज में आमतौर पर खराबी नहीं फैलती लेकिन हमारे समाज में हमेशा से लड़कियों का शरीर छुपाने की चीज रही है। भारतीय परिवेश में लड़कियों के तंग कपड़े पहनने से शर्म-हया की परंपरा को चोट पहुंचती है, लिहाजा पंचायत ने यह फैसला किया है।

उन्होंने बताया कि पंचायत में समाज में बढ़ती दहेज की कुरीति पर चिंता जताते हुए दहेज लेने और देने वालों का भी बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा शादी में डीजे बनाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पंचायत ने भ्रूण हत्याओं पर भी रोक लगाने का फरमान भी सुनाया। साथ ही तेरहवीं संस्कार में भोजन न करने की हिदायत भी दी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X