पिछले हफ्ते ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग की थी। कई मुस्लिम संगठन भी इन दिनों गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने की मांग उठा रहे हैं। इस सबके बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।

धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “हमने कल समाचार देखा कि देश के मुसलमान भी अब गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने के प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं। शायद मौलाना मदनी उनका नाम है, उन्होंने भी भारत सरकार से ये मांग उठाई कि गाय माता को राष्ट्र माता बनाया जाए।”

बागेश्वर धाम के पीठाधीश ने आगे कहा, “हम गाय पालने वाले हैं जबकि कुछ लोग गाय का मांस खाते हैं। हम गाय को रोटी खिलाते हैं लेकिन कुछ लोग गाय को रोटी के साथ खाते हैं। अब वो भी गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं तो देश सचमुच बदल रहा है।”

इस सबके बीच आगरा में मुस्लिम महापंचायत ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। बकरीद के मौके पर आज उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत के सदस्यों ने हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गाय देश की संस्कृति और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है इसलिए उसकी सुरक्षा और सम्मान होना चाहिए।

सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी सम्मान की अपील करते हुए मुस्लिम संगठनों ने गुरुवार को ईद-उल-अजहा की नमाज के बाद दिल्ली के सीलमपुर इलाके में प्रदर्शन किया और गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग की। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ‘गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो’ लिखी तख्तियां और पोस्टर हाथों में लेकर न्यू सीलमपुर की संकरी गलियों में मार्च निकाला। यह प्रदर्शन ईद-उल-अज़हा से पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा उठाई गई मांग के समर्थन में किया गया।

मौलाना अरशद मदनी ने गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग उठाई

इससे पहले पिछले हफ्ते जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग की थी। मदनी ने कहा कि इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म किया जाए ताकि गाय के नाम पर होने वाली ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं बंद हों। उन्होंने कहा कि इन लोगों को गाय से वास्तविक श्रद्धा नहीं बल्कि राजनीति से प्रेम है। राजनीति के जरिए लोगों को भड़काकर मुसलमानों के खिलाफ एकजुट किया जाता है और वोट हासिल किए जाते हैं।

वहीं, मुस्लिम मंच ने पुणे में गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग की है ताकि मॉब लिंचिंग की घटनाओं को कम किया जा सके। मुस्लिम मंच द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया, ”हमारे देश में जहां गाय को ना केवल पवित्र माना जाता है बल्कि मां का दर्जा भी दिया जाता है, वहां उसी गाय के नाम पर निर्दोष इंसानों का खून बहते देखना बेहद दुखद है। गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग, नफरत की राजनीति और एक विशेष समुदाय को बदनाम करने का यह दुर्भावनापूर्ण खेल तुरंत बंद होना चाहिए। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार को जल्द से जल्द गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करना चाहिए।” पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें