घर वालों के लाख मना करने पर भी झगड़ा कर तब मुंबई चले गए थे बाबुल सुप्रियो, स्टेशन पर बन गया था फिल्मी माहौल; जानें- पूरा किस्सा

बाबुल सुप्रियो ने आप की अदालत में बताया था कि जब वह मुंबई जा र हे थे तो घर वालों ने बहुत मना किया था। रेलवे स्टेशन पर फिल्मी माहौल था फिर भी वह नहीं माने। उन्होंने यह भी बताया कि टीटीई को पैसे देकर उन्हें ट्रेन में सीट मिली थी।

टीएमसी में शामिल हुए बाबुल सुप्रियो। फोटो- एएनआई ट्विटर

केंद्र की भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे बाबुल सुप्रियो ने कुछ महीने पहले ही पार्टी का साथ छोड़ा था और ऐलान किया था कि अब वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। अब अचानक टीएमसी में शामिल होकर उन्होंने लोगों को चौंका दिया है। भाजपा छोड़ते वक्त बाबुल को संगीत की याद आ रही थी। हालांकि अब वह फिर से राजनीत में ही आ गए हैं।

बाबुल सुप्रियो को गायक और ऐक्टर के रूप में काफी शोहरत हासिल हुई। वह बचपन से ही सिंगर बनना चाहते थे। हालांकि उन्होंने पश्चिम बंगाल के सेरामपुर कॉलेज से कॉमर्स की डिग्री ली और फिर कोलकाता में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में काम करने लगे। सिंगर बनने का सपना पूरा करना उनके लिए आसान काम नहीं था। वह मुंबई जाना चाहते थे लेकिन वह उनके घर वाले नहीं चाहते थे कि वह घर छोड़कर जाएं।

आप की अदालत कार्यक्रम में बाबुल सुप्रियो ने बताया था कि 20 साल की उम्र में वह बैंक में काम करने लगे थे। उनके दादा, पिता और मां नहीं चाहती थीं कि वह सिंगर बनने मुंबई जाएं। सभी उनको मुंबई जाने से मना कर रहे थे। उनके आंख में आसूं थे फिर भी वह झगड़ा करके मुंबई चले गए थे। वह जब जा रहे थे तो हावड़ा स्टेशन पर एकदम फिल्मी माहौल था। सभी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वह अपने सपने के पीछ निकल पड़े। उन्होंने कहा था, ‘जिंदगी में एक बार ही मौका आता है और तब अपने दिल की सुननी चाहिए क्योंकि अपने जीवन में खुश रहना बहुत जरूरी है।’

बाहुल सुप्रियो ने इंटरव्यू के दौरान बताया था कि संगीत विरासत में मिला था। मुझे लगा कि था कि अगर भगवान ने मुझे गाने की क्षमता दी है और बॉलिवुड सिंगर बनने की इच्छा है तो दोनों एक दूसरे को गले लगा रहे हैं। जहां बॉलिवुड है तो वहां तक तो जाऊंगा। अगर वहां जाकर मैं लक्ष्य हासिल कर लेता हूं तो पिता जी को भी खुशी मिलेगी। फेल होऊंगा तो कौन सा पेपर में आने वाला है।

बाबुल सुप्रियो ने स्ट्रगल की बात करते हुए बताया था कि जब भी वह म्यूजिक डायरेक्टर को कॉल करते थे वह यही बताते थे कि टॉइलट में हूं। मुझे लगता था कि जब ये हमेशा टॉइलट में रहते हैं तो म्यूजिक कब बनाते थे। उन्होंने बताया था, जहां वह रहते थे वहां रहने वाले सभी कई सालों से स्ट्रगल कर रहे थे। अपनी पहली सक्सेस की बात बताते हुए बाबुल सुप्रियो ने मजाकिया अंदाज में बताया था कि कुली को 12 रुपये देने पर उसने सीट दे दी थी।

बता दें कि बाबुल सुप्रियो को फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ से बॉलिवुड में पहला ब्रेक मिला था। यह फिल्म ऋतिक रोशन की भी पहली फिल्म थी। इसके बाद उन्होंने, हम तुम, हंगामा, फना और कई फिल्मों में गाने गए। उन्होंने बंगाली फिल्मों में गाने गाए और फिल्मों में अभिनय भी किया। साल 2004 उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा से की थी

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