तेलंगाना के नलगोंडा जिले में स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के मामले ने पुलिस को भी चौंका दिया। 50 वर्षीय प्रिंसिपल की उनके घर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में 16 साल के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक ऐसा छोटा-सा सुराग सामने आया, जिसने पुलिस का पूरा ध्यान स्कूल और वहां पढ़ने वाले छात्रों की ओर मोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, हत्या से कुछ देर पहले प्रिंसिपल अपनी मौसी से फोन पर बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने ‘बाबू’ शब्द का इस्तेमाल किया था। तेलंगाना में यह शब्द अक्सर लड़कों या युवा पुरुषों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बातचीत खत्म होने के तुरंत बाद उनका फोन बंद हो गया। यही एक शब्द पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया।

‘बाबू’ शब्द से स्कूल तक पहुंची पुलिस की जांच

नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने शुरुआत में करीब 80 लोगों से पूछताछ की। इनमें पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग भी शामिल थे। हालांकि, जब पुलिस ने यह पता लगाया कि प्रिंसिपल अपने स्कूल के छात्रों को भी ‘बाबू’ कहकर संबोधित करती थीं, तो जांच की दिशा बदल गई।

इसके बाद पुलिस ने स्कूल के छात्रों और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान दो ऐसे 16 वर्षीय छात्रों पर शक गहराया, जिनकी लाइफस्टाइल उनकी उम्र के हिसाब से काफी खर्चीली थी।

प्रिंसिपल की डांट से नाराज थे दोनों छात्र

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी छात्र हॉस्टल में रहते थे और स्कूल प्रिंसिपल से उनका पहले विवाद हो चुका था। प्रिंसिपल ने कथित तौर पर उनके माता-पिता के सामने उन्हें खराब आदतों और जरूरत से ज्यादा पैसे खर्च करने को लेकर डांटा था। पुलिस का कहना है कि दोनों छात्रों ने इस फटकार को दिल पर ले लिया। उन्हें यह भी लगता था कि प्रिंसिपल के घर में काफी नकदी रखी रहती होगी। इसी नाराजगी और लालच के चलते उन्होंने हत्या की साजिश रची।

एक हफ्ते तक घर की रेकी, फिर खरीदे चाकू और मास्क

पुलिस के मुताबिक, हत्या से एक दिन पहले दोनों में से एक छात्र अपने घर गया और वहां से लाल रंग की हुडी लेकर आया। इसके बाद दोनों ने चाकू, मास्क और दस्ताने खरीदे। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक प्रिंसिपल के घर और उसके आसपास के इलाके की रेकी की थी। स्कूल के पास होने के कारण दोनों आरोपी घर की भौगोलिक स्थिति से परिचित थे। पुलिस ने इसे हत्या की पूर्व नियोजित साजिश बताया है।

पीछे के दरवाजे से घर में घुसे, चाकू से किया हमला

पुलिस के अनुसार, वारदात के समय एक आरोपी बाहर से आने-जाने वालों पर नजर रख रहा था, जबकि दूसरा पीछे के हिस्से से घर में दाखिल हुआ। दोनों कथित तौर पर खुले किचन के दरवाजे से घर में घुसे और प्रिंसिपल पर चाकू से हमला कर दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने बेडरूम से करीब 2.5 लाख रुपये नकद लूट लिए। इसके बाद वे घर की पिछली दीवार फांदकर सुनसान रास्ते से फरार हो गए।

सबूत मिटाने की कोशिश, फिर भी पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग

पुलिस के मुताबिक, दोनों ने वारदात में इस्तेमाल चाकू, दस्ताने, मास्क और एक मोबाइल फोन झाड़ियों में फेंक दिया। उन्होंने लाल हुडी भी उतार दी और कपड़े बदल लिए। हालांकि, पुलिस की जांच में दोनों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सुराग मिल गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.54 लाख रुपये नकद, मृतका का आईफोन और दो अन्य मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पति के बाहर रहने के दौरान हुई वारदात

मृतका की उम्र 50 वर्ष थी और वह शादीशुदा थीं। उनका एक बेटा बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के अनुसार, उनके पति सप्ताह में चार दिन काम के सिलसिले में हैदराबाद जाते थे। हत्या की वारदात उस समय हुई, जब वह घर पर मौजूद नहीं थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रिंसिपल अपने छात्रों के काफी करीब थीं और उन्हें दोस्त व मार्गदर्शक की तरह समझती थीं। पुलिस के मुताबिक, यह घटना इसलिए और दुखद है क्योंकि आरोपियों में से एक छात्र ने कथित तौर पर प्रिंसिपल के खिलाफ मन में नाराजगी पाल ली और अपने दोस्त को भी हत्या के लिए राजी कर लिया। मामले में पुलिस की जांच जारी है और दोनों नाबालिग आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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