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बाबरी विध्वंस मामले में अदालत के फैसले से भाजपा को मिली नयी ऊर्जा

भाजपा के कुछ बड़े नेता कोरोनावायरस महामारी के चलते फैसला सुनाने के वक्त कोर्ट में नहीं पहुंचें।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: Sep 30, 2020 9:03:57 pm
Babri Demolitio Case, CBI Courtबाबरी विध्वंस केस में आज सीबीआई कोर्ट का फैसला। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सभी 32 आरोपियों में शामिल भाजपा के नेताओं और हिन्दूत्ववादी कार्यकर्ताओं को बरी किए जाने का फैसला भगवा दल को प्रोत्साहित करने वाला है क्योंकि उसके नेताओं का हमेशा इसी बात पर जोर रहा है कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया जाना अकस्मात घटना थी और उसके पीछे कोई षड्यंत्र नहीं था। अदालत की ओर से भाजपा के लिए इस भावनात्मक मुद्दे पर फैसला ऐसे समय में आया है जब वह बिहार विधानसभा चुनाव के साथ एक लोकसभा और देश भर की 56 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर वह अपने अभियान की धार को तेज करने में जुटी है। अयोध्या, बाबरी मस्जिद और राम मंदिर निर्माण का मुद्दा हमेशा से देश की राजनीति के चर्चा के केंद्र में रहा है और भाजपा को इसका लाभ भी मिला है।

कौन-कौन था मामले में आरोपी?: अयोध्या विध्वंस केस में लालकृष्ण अडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, विनय कटियार, महंत नृत्य गोपाल दास, उमा भारती, महंत धर्मदास, डॉ. रामविलास वेदांती, चंपत राय, सतीश प्रधान, साध्वी ऋतंभरा, पवन कुमार पांडे, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडे, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ और धर्मेंद्र सिंह गुर्जर आरोपी थे।

1993 में हाईकोर्ट के आदेश पर लखनऊ में गठित हुई थी विशेष अदालत: बता दें कि बाबरी मस्जिद के गिरने के 7 दिन बाद ही केस सीबीआई को सौंप दिया गया था। इस मामले की अलग-अलग जिलों में सुनवाई हुई, जिसके बाद इलाहबाद हाईकोर्ट ने 1993 में सुनवाई के लिए लखनऊ में विशेष अदालत का गठन किया था। तब सीबीआई ने अपनी संयुक्त चार्जशीट फइल की। इस चार्जशीट में ही बाल ठाकरे, नृत्य गोपाल दास, कल्याण सिंह, चम्पत राय जैसे 49 नामों को जोड़ा गया था।

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Highlights

    21:03 (IST)30 Sep 2020
    पर्सनल लॉ बोर्ड ने बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई से अपील दायर करने का आग्रह किया

    इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बाबरी विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत के फैसले पर बुधवार को सवाल उठाए और केंद्रीय जांच एजेंसी से इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अनुरोध किया। पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव वली रहमानी ने एक बयान में दावा किया, ‘‘यह फैसला न्याय से कोसों दूर है। यह न तो सबूत और न ही कानून पर आधारित है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ आरोपियों को बरी करने का जो भी कारण हो, लेकिन हम सबने विध्वंस के वीडियो एवं तस्वीरें देखी हैं। इस साजिश में कौन लोग शामिल थे, ये सबको पता है।’’

    20:33 (IST)30 Sep 2020
    बाबरी विध्वंस मामले में न्याय हुआ : चंद्रकांत पाटिल

    भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सभी अभियुक्तों को बरी करने के विशेष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ‘‘ मामले में न्याय हुआ है।’’ उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘ भाजपा, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जैसे लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और अन्य को अयोध्या में विवादित ढांचे को ध्वस्त करने के मामले में बरी करने के फैसले का स्वागत करती है। इस मामले में न्याय हुआ है।’’

    20:21 (IST)30 Sep 2020
    सीबीआई की तरफ से पेश किए गए सबूत मजबूत नहीं थे

    जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सीबीआई की तरफ से पेश किए गए सबूत मजबूत नहीं थे। बाबरी विध्वंस की घटना अचानक से ही हुई थी, यह पूर्व नियोजित नहीं थी। बता दें कि इस मामले में कुल 49 लोगों पर आरोप लगे थे, जिनमें से 17 की मौत हो चुकी है। इनमें यूपी के फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह, कैसरगंज से सांसद ब्रज भूषण शरण सिंह और उन्नाव के साक्षी महाराज शामिल हैं।

    20:14 (IST)30 Sep 2020
    पाकिस्तान ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में फैसले की निंदा की

    पाकिस्तान ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में बुधवार को सभी 32 अभियुक्तों को बरी किये जाने की निंदा की। भारत की एक अदालत द्वारा दिये गये फैसले को इस देश में मीडिया ने प्रमुखता के साथ कवरेज दी है। यह मामला अयोध्या में छह दिसम्बर, 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़ा है। इस मामले के बाद पूरे भारत में हुए सांप्रदायिक दंगों में लगभग दो हजार लोगों की मौत हो गई थी। इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इसकी निंदा की और कहा कि ऐतिहासिक मस्जिद को ढहाये जाने के लिए जिम्मेदार लोगों को ‘‘शर्मनाक तरीके से बरी’’ कर दिया गया।

    18:30 (IST)30 Sep 2020
    जज एसके यादव का अंतिम केस

    यह केस जज एसके यादव के कार्यकाल का अंतिम फैसला है। वे 30 सितंबर 2019 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 30 सितंबर 2020 तक (फैसला सुनाने तक) सेवा विस्तार दिया।

    17:33 (IST)30 Sep 2020
    कोर्ट के निर्णय ने मेरी और पार्टी की रामजन्मभूमि आंदोलन को लेकर प्रतिबद्धता सही साबित कीः आडवाणी

    भाजपा नेता लालकृष्ण अडवाणी ने फैसला आने के बाद वीडियो मैसेज में जय श्री राम का नारा लगाया। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए खुशी का पल है। कोर्ट के निर्णय ने मेरी और पार्टी की रामजन्मभूमि आंदोलन को लेकर प्रतिबद्धता और समर्पण को सही साबित किया है। इससे पहले सीबीआई जज सुरेंद्र कुमार यादव ने 16 सितंबर को आदेश में कहा था कि फैसले के दिन मामले के सभी 32 अभियुक्तों को कोर्ट में मौजूद रहना है।

    16:42 (IST)30 Sep 2020
    विशेष सीबीआई अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा मुस्लिम पक्ष : जिलानी

    आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य एवं अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बुधवार को सभी 32 अभियुक्तों को बरी किये जाने के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। जिलानी ने कहा, ‘‘विशेष सीबीआई अदालत का फैसला बिल्कुल गलत है। अदालत ने सबूतों को नजरअंदाज करते हुए यह निर्णय दिया है। मुस्लिम पक्ष इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देगा।’’

    15:26 (IST)30 Sep 2020
    योगी बोले- षड़यंत्र के लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई कोर्ट के फैसले का स्वागत में ट्वीट किया। उन्होंने कहा, "सत्यमेव जयते! CBI की विशेष अदालत के निर्णय का स्वागत है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित हो पूज्य संतों, भाजपा नेताओं, विहिप पदाधिकारियों, समाजसेवियों को झूठे मुकदमों में फँसाकर बदनाम किया गया। इस षड्यंत्र के लिए इन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।"

    15:00 (IST)30 Sep 2020
    हम चाहते थे यह मामला खत्म हो जाए: इकबाल अंसारी

    अयोध्या जन्मभूमि मामले में पक्षकार रहे हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा कि हम कानून का पालन करने वाले मुसलमान हैं। अच्छा है, अगर अदालत ने बरी कर दिया तो ठीक है, बहुत लंबे समय से अटका हुआ मामला था, खत्म हो गया, अच्छा हुआ, यह ठीक है हम तो चाहते थे कि पहले ही इसका फैसला हो जाए।

    14:29 (IST)30 Sep 2020
    राम माधव बोले- तीन दशक बाद सम्मानीय नेताओं से हटा केस

    भाजपा नेता राम माधव ने बाबरी केस में फैसला आने के बाद कहा कि आखिर जीत हुई। उन्होंने कहा कि बाबरी साजिशकेस में कोर्ट की तरफ से बाई-इज्जत बरी किया जाना काफी समय से बाकी था। देश के सम्मानीय नेताओं के खिलाफ एक दुर्भावनापूर्ण तरीके से चलाया गया केस आखिरकार तीन दशक बाद खत्म हुआ। हर किसी को कोर्ट के फैसले का स्वागत करना चाहिए।

    13:59 (IST)30 Sep 2020
    लालकृष्ण अडवाणी बोले- हम सबके लिए खुशी का दिन है

    अडवाणी ने वीडियो मैसेज ने कहा, "आज जो कोर्ट का निर्णय आया, वो अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सबके लिए खुशी का दिन है। समाचार सुना, इसका स्वागत करते हैं।" बता दें कि अडवाणी सुनवाई के लिए आज लखनऊ स्थित स्पेशल कोर्ट नहीं पहुंचे थे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुना।

    13:29 (IST)30 Sep 2020
    बरी हुए मुरली मनोहर जोशी बोले- साबित हुआ कि हमारी से ओर से नहीं थी कोई साजिश

    बाबरी विध्वंस केस में बरी किए गए भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हए कहा कि अब यह साबित हुआ है कि दिसंबर को अयोध्या में हुई घटना में कोई साजिश नहीं थी। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यक्रम और रैलियां किसी साजिश का हिस्सा नहीं थीं। हम खुश हैं और अब सभी को राम मंदिर निर्माण के लिए तैयार होना चाहिए।

    13:09 (IST)30 Sep 2020
    रक्षा मंत्री ने किया कोर्ट के फैसले का स्वागत

    भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि लखनऊ की विशेष अदालत द्वारा बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में श्री लालकृष्ण आडवाणी, श्री कल्याण सिंह, डा. मुरली मनोहर जोशी, उमाजी समेत 32 लोगों के किसी भी षड्यंत्र में शामिल न होने के निर्णय का मैं स्वागत करता हूं। इस निर्णय से यह साबित हुआ है कि देर से ही सही मगर न्याय की जीत हुई है। 

    12:47 (IST)30 Sep 2020
    फैसले पर बिहार उपमुख्यमंत्री बोले- जय श्रीराम

    बाबरी विध्‍वंस मामले में विशेष अदालत का फैसला आते ही बिहार के उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट किया- "जय श्री राम। अडवाणी जी सहित सभी अभियुक्त दोष मुक्त। बाबरी ढांचा गिराने में कोई पूर्व नियोजित षड्यंत्र नहीं था।

    12:38 (IST)30 Sep 2020
    कोरोना पीड़ित होने की वजह से फैसले के वक्त अदालत नहीं पहुंचे कल्याण सिंह-उमा भारती

    भाजपा नेता उमा भारती, कल्याण सिंह और राम मंदिर न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास कोर्ट के आदेश के बावजूद बाबरी विध्वंस केस में कोर्ट में मौजूद नहीं थे। ये सभी कुछ दिनों पहले कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। बता दें कि कल्याण सिंह का नाम मामले में पिछले साल सितंबर में ही जुड़ा, जब वे राजस्थान में राज्यपाल के पद से हटे थे।

    12:33 (IST)30 Sep 2020
    लखनऊ स्पेशल कोर्ट का फैसला- सभी आरोपी बरी

    बाबरी का विवादित ढांचा ढहाए जाने को लेकर लखनऊ की स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। जज एसके यादव ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 32 आरोपियोंं को बरी कर दिया। कुल 48 लोगों पर आरोप लगे थे, जिनमें से 16 की मौत हो चुकी है।

    11:51 (IST)30 Sep 2020
    अडवाणी-जोशी को हो सकती है 5 साल की अधिकतम सजा

    न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने कानून के जानकारों के हवाले से बताया है कि बाबरी कांड में आरोपी लालकृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, चंपत राय बंसल, राम विलास वेदांती, धर्मदास और सतीश प्रधान को अगर साजिश रचने का दोषी पाया जाता है, तो उन्हें अधिकतम 5 साल की जेल हो सकती है, जबकि अगर उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा सांसद साक्षी महाराज और तत्कालीन अयोध्या डीएम आरएन श्रीवास्तव दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें तीन साल की सजा हो सकती है।

    11:28 (IST)30 Sep 2020
    कुल 6 आरोपी नहीं आएंगे कोर्ट, 26 की होगी पेशी

    सीबीआई स्पेशल कोर्ट के फैसला सुनाने से पहले ही मामले में 26 आरोपी अदालत पहुंच गए। हालांकि, 6 नेता कोर्ट नहीं पहुंचे। इनमें लालकृष्ण अडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, महंत नृत्य गोपाल दास शामिल हैं। बताया गया है कि वे फैसला सुनाते वक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जुड़ सकते हैं। इसके अलावा वे कोर्ट का आदेश मानने के लिए अंडरटेकिंग भी देंगे।

    11:08 (IST)30 Sep 2020
    मामले में फैसला सुनाने वाले जज एसके यादव कोर्ट पहुंचे

    बाबरी विध्वंस कांड में फैसला सुनाने वाले जज एसके यादव कोर्ट पहुंच चुके हैं। जज यादव मई 2017 से ही इस मामले की रोजाना सुनवाई कर रहे हैं। पिछली सुनवाई में उन्होंने सभी आरोपियों से फैसले के वक्त कोर्ट में मौजूद रहने के लिए कहा था। माना जा रहा है कि कोर्ट की सुनवाई शुरू होने के कुछ ही देर बाद जज फैसला सुना देंगे।

    10:31 (IST)30 Sep 2020
    फैसले से पहले विनय कटियार, धर्मदास, लल्लू सिंह और अन्य नेता लखनऊ पहुंचे

    बाबरी विध्वंस कांड में फैसले से पहले कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कई भाजपा नेता पेशी के लिए लखनऊ पहुंच गए। इनमें विनय कटियार, धर्मदास, वेदांती, लल्लू सिंह, चंपत राय और पवन पांडे शामिल हैं। बताया गया है कि अन्य नेता भी जल्द ही लखनऊ पहुंचेंगे। हालांकि, कोरोना महामारी के चलते उमा भारती, कल्याण सिंह, लालकृष्ण अडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का पहुंचना संदिग्ध है।

    10:02 (IST)30 Sep 2020
    साक्षी महाराज बोले- जेल जाना पड़े, तो हंसते हुए जाएंगे

    साक्षी महाराज ने केस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'रामकाज के लिए जो भी जजमेंट आएगा, वह हमें स्वीकार होगा। जेल भी जाना पड़े तो हंसते हुए माला पहनकर जाऊंगा। कल्याण सिंह ने एक बार कोर्ट में कहा था राम जी के लिए 24 घंटे के लिए नहीं पूरी जिंदगी जेल में रहना पड़े, मगर राम मंदिर बनना चाहिए। हम लोग आंदोलनकारी हैं। उन्होंने वह बात भी दोहराई जो अक्सर कहते आए हैं। कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादित ढांचा, जिसमें भगवान श्रीराम का विग्रह विराजमान था, एक भव्य मंदिर बनाने के लिए उस विवादित ढांचे को उठाया गया था, जो हिंदुस्तान के माथे पर कलंक जैसा था।'

    09:31 (IST)30 Sep 2020
    विवादित ढांचा न गिरता, तो शायद ही बन पाती मंदिर की सोच: महंत रामदिनेशाचार्य

    अयोध्या में सभी साधु-संतों का मानना है कि विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद ही राम मंदिर की सोच साकार हो पाई। हरिगोपाल धाम के महंत जगदगुरु रामदिनेशाचार्य कहते हैं कि अगर उस जगह इमारत खड़ी होती तो ऐतिहासिक इमारत को तोड़कर नवीन मंदिर की परिकल्पना शायद की मूर्त रूप ले पाती। वहीं सद्गुरु सदन के सियाकिशोरी शरण महाराज कहते हैं कि पूरी दुनिया का इतिहास संघर्षों से भरा पड़ा है। एक हजार साल तक भारत अलग-अलग आक्रांताओं के उत्पीड़न का शिकार होकर गुलाम बना रहा।

    09:00 (IST)30 Sep 2020
    बाबरी केस का 28 साल बाद फैसला, 18 आरोपी सुनवाई से पहले ही स्वर्ग सिधारे

    बाबरी विध्वंस केस में सीबीआई कोर्ट ने 32 आरोपियों को पेश रहने के लिए कहा है। इस मामले में पहले भाजपा, शिवसेना और विहिप के कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, 28 साल तक चली सुनवाई के दौरान ही 18 आरोपी स्वर्ग सिधार चुके हैं। वहीं, कई अन्य जीवन के अंतिम पड़ाव में हैं।

    08:30 (IST)30 Sep 2020
    बाबरी केस के पैरोकार बोले- उम्मीद है कोर्ट निष्पक्ष फैसला देगा

    बाबरी मस्जिद केस के पैरोकार और मुस्लिम नेता हाजी महबूब ने कहा है कि विध्वंस मामले में दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई की कोर्ट इस मामले में निष्पक्ष फैसला देगा। महबूब ने कहा कि वे कभी भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के विरोध में नहीं रहे। लेकिन विवादित ढांचे वाली जगह को खाली छोड़ दिया जाए और उसके आसपास मंदिर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पहले लोग इसके लिए तैयार थे, लेकिन विश्व हिंदू परिषद के नेताओं ने इसे सफल नहीं होने दिया।

    07:59 (IST)30 Sep 2020
    बाबरी केस में आरोपी सांसद बोले- कोर्ट का फैसला मंजूर होगा

    बाबरी विवादित ढांचे के विध्वंस के मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व सांसद डॉक्टर राम विलास वेदांती का कहना है कि राम मंदिर के लिए सैकड़ों सालों तक हिंदू समाज ने संघर्ष किया और अब सफलता मिल चुकी है। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। वेदांती ने विवादित ढांचे को मस्जिद मानने से इनकार करते हुए कहा कि वह पुराना जर्जर मंदिर था, जिसे कारसेवकों ने नए मंदिर के निर्माण के लिए ढहा दिया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट में सभी का बयान दर्ज किया जा चुका है. आगे कोर्ट जो भी फैसला देगा वह हमें मंजूर होगा।

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