ताज़ा खबर
 

बाबरी केस: बहुत से फैसलों में अब तरफदारी भी होती है, ओवैसी ने शेर के जरिए कसा तंज, कांग्रेस बोली- उम्मीद है सरकार देगी चुनौती

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सभी दोषियों को बरी करने का विशेष अदालत का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व संविधान की परिपाटी से परे है।

babri Masjid, Supreme Court,असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर तंज कसा है तो कांग्रेस ने उम्मीद लगाई है कि केंद्र सरकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएगी।

बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस जहां इस मामले को  सुप्रीम कोर्ट में उठाने की केंद्र सरकार से उम्मीद कर रही है। वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर  पर एक शेर साझा करते हुए तंज कसा है। ओवैसी ने लिखा है, वही क़ातिल वही मुंसिफ़ अदालत उस की वो शाहिद बहुत से फ़ैसलों में अब तरफ़-दारी भी होती है।

वहीं, कांग्रेस ने बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को पिछले साल आये उच्चतम न्यायालय के निर्णय के प्रतिकूल करार देते हुए बुधवार को कहा कि संविधान, सामाजिक सौहार्द व भाईचारे में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति उम्मीद करता है कि इस “तर्कविहीन निर्णय” के विरुद्ध प्रांतीय व केंद्र सरकार उच्च अदालत में अपील दायर करेगी ।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सभी दोषियों को बरी करने का विशेष अदालत का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय व संविधान की परिपाटी से परे है। उच्चतम न्यायालय की पांच न्यायाधीशों की खंडपीठ के 9 नवंबर, 2019 के निर्णय के मुताबिक बाबरी मस्जिद को गिराया जाना एक गैरकानूनी अपराध था। पर विशेष अदालत ने सभी दोषियों को बरी कर दिया। विशेष अदालत का निर्णय साफ तौर से उच्चतम न्यायालय के निर्णय के भी प्रतिकूल है। ”

उन्होंने आरोप लगाया , “पूरा देश जानता है कि भाजपा-आरएसएस व उनके नेताओं ने राजनैतिक फायदे के लिए देश व समाज के सांप्रदायिक सौहार्द्र को तोड़ने का एक घिनौना षडयंत्र किया था। उस समय की उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार भी सांप्रदायिक सौहार्द्र भंग करने की इस साजिश में शामिल थी।”

गौरतलब है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी।

(भाषा इनपुट्स के साथ)

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 बाबरी विध्वंस: इन 5 बातों के आधार पर सीबीआई कोर्ट ने आरोपियों को किया बरी
2 Babri verdict: मौलाना खालिद रशीद बोले- हमें कुछ नहीं कहना, सभी लोग जानते हैं 6 दिसम्बर 1992 को कानून की धज्जियां उड़ाई गई
3 आडवाणी ने जय श्री राम के नारे से किया फैसले का स्वागत, जानें- क्या बोले अन्य आरोपी
यह पढ़ा क्या?
X