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बाबा रामदेव का दावा- बाढ़ प्रभावित 16 जिलों में पतंजलि ने 200 ट्रक से ज्यादा राहत सामाग्री भेजी

अकेले बिहार में अब तक 304 लोगों की मौत होने के साथ 18 जिलों की एक करोड 38 लाख 50 हजार आबादी प्रभावित हुई है।

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बाबा रामदेव ने दावा किया है उनकी संस्था पतंजलि ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के 16 जिलों में 200 ट्रक से ज्यादा सामाग्री भेजा है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में पतंजलि संस्था से जुड़े कार्यकर्ता भी राहत काम में लगी हैं। इसके साथ ही बाबा ने सरकार से अपील की है कि सरकार को कोई ऐसी पॉलिसी बनानी पड़ेगी जिससे पर्यावरण का भी नुकसान ना हो और लोग भी अपनी प्राण ना खोएं। पिछले कुछ समय से देश के कई हिस्से बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम में बाढ़ से स्थिति काफी भायनक हो चुकी है। अकेले बिहार में अब तक 304 लोगों की मौत होने के साथ 18 जिलों की एक करोड 38 लाख 50 हजार आबादी प्रभावित हुई है। सरकार के अलावा पतंजलि और ऐसी कई दूसरी स्वयंसेवी संस्थाएं इस तरह का मदद प्रभावित लोगों तक पहुंचाने का कोशिश कर रही है।

असम और उत्तर प्रदेश में सोमवार को तीन-तीन और लोगों की बाढ़ के कारण जान चली गयी। हालांकि नदियों के जलस्तर में कमी के कारण पश्चिम बंगाल में स्थिति में सुधार हुआ है।
उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि राज्य में स्थिति गंभीर बनी हुई है। तीन और लोगों की मौत के साथ ही सूबे में इस विभीषिका से मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हो गयी।  राज्य के करीब 24 जिलों के 20 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। करीब 2,688 गांव अब भी जलमग्न हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 43 हजार 602 लोग राहत शिविरों में रह रहे है।

प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना के हेलीकॉप्टर, एनडीआरएफ और पीएसी जवान लगातार राहत और बचाव अभियान में लगे हैं। एनडीआरएफ की 21 कंपनियां, पीएसी की 30 कंपनियां और भारतीय वायु सेना के दो हेलीकाप्टर और सेना के जवान बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाने के काम में लगे हुए हैं।नेपाल से लगातार पानी छोड़े जाने तथा लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के काम में बाधा उत्पन्न हो रही है। केंद्रीय जल आयोग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पलिया कला इलाके में शारदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज, अयोध्या और बलिया के तुरतीपार में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। इसी तरह राप्ती, बूढ़ी राप्ती आदि नदियां भी खतरे के निशान के पास बह रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की एक रिपोर्ट के अनुसार दरांग में दो और कोकराझार में एक व्यक्ति बाढ़ में डूब गया। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 70 हो गयी है।

राज्य के 12 जिलों के करीब 14.36 लाख बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल में नदियों के जलस्तर में कमी आने और पिछले 24 घंटों में बहुत अधिक बारिश नहीं होने के कारण स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बाढ़ से अबतक 152 लोगों की मौत हो चुकी है। सूबे के करीब डेढ़ करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस विभीषिका से राज्य को  14,000 करोड़ की क्षति हुई है।

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