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दादरी की गूंज संराष्ट्र में, आज़म ने कहा-देश को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की साज़िश

नोएडा के दादरी स्थित बिसाहड़ा गांव में गोवध के आरोप में एक मुस्लिम व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या को लेकर आजम खां ने आज संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र..

Author लखनऊ | October 5, 2015 18:45 pm
आजम खान ने पत्र में कहा है कि गंगा-जमुनी तहजीब वाले इस देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा अन्य फासीवादी ताकतें मुल्क के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करके इसे हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहती हैं। (पीटीआई फोटो)

नोएडा के दादरी स्थित बिसाहड़ा गांव में गोवध के आरोप में एक मुस्लिम व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या को लेकर मचे बवाल के बीच उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ काबीना मंत्री आजम खां ने आज संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखकर देश में ‘मुसलमानों के खिलाफ चलायी जा रही मुहिम’ को रोकने के लिये हस्तक्षेप की मांग की।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने यहां संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून को पत्र लिखने के साथ-साथ उनसे मुलाकात के लिये समय भी मांगा है। खां ने बताया कि उन्होंने पत्र में कहा है कि गंगा-जमुनी तहजीब वाले इस देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा अन्य फासीवादी ताकतें मुल्क के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करके इसे हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहती हैं। केंद्र की मौजूदा सरकार ने इस ताने-बाने को बनाये रखने की शपथ तो ली थी लेकिन उसका झुकाव और वफादारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे उस कट्टरपंथी संगठन की तरफ है जो देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिये 40 अन्य सम्बद्ध संगठनों के जरिये काम कर रहा है।

खां ने कहा कि देश में फासीवादी ताकतें मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा करने का अभियान चलाकर समाज में खाई तैयार करना चाहती हैं। हाल में दादरी में गोवध के आरोप में अखलाक नामक व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या किया जाना इस मंसूबे की ताजा मिसाल है।

उन्होंने पत्र में कहा ‘‘इस सर्वोच्च अन्तरराष्ट्रीय संस्था से मेरा विनम्र निवेदन है कि वह हमारी बदहाली को समझे और भारत सरकार को अन्तरराष्ट्रीय करारों पर टिककर काम करने को कहे। साथ ही उससे यह भी कहे कि वह देश में धर्मनिरपेक्षता और अनेकता में एकता की भावना को बढ़ावा दे और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिश में जुटे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे गैर संवैधानिक संगठन के एजेंडा को आगे ना बढ़ाये।’’

खां ने कहा कि चूंकि मोदी सरकार के ज्यादातर मंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं लिहाजा उन्होंने इस संगठन के प्रति वफादारी की कसम खायी है और इस संगठन की विचारधारा उनके लिये मजहब की तरह है।

उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी ने जब से सत्ता सम्भाली है, तब से अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों और ईसाइयों में खौफ पैदा हो गया है, क्योंकि मोदी हमेशा संघ और उसके फासीवादी संगठनों की हरकतों पर खामोश रहते हैं।

काबीना मंत्री ने गुजरात दंगों के बाद अमेरिका द्वारा मोदी को वीजा देने से इनकार किये जाने का जिक्र करते हुए कहा ‘‘मोदी जब प्रधानमंत्री बन गये तो उन्होंने विश्व नेताओं के बीच जाकर आश्वासन दिया कि भारत हमेशा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र रहेगा, लेकिन सचाई इसके बिल्कुल उलट है। मोदी संघ और उससे जुड़े उन फासीवादी संगठनों को मूक समर्थन देते हैं जो वर्ष 2022-23 तक देश को हिन्दू राष्ट्र बना देना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों अल्पसंख्यकों को संयुक्त राष्ट्र तथा वैश्विक संस्थाओं के मुआहदे के तहत भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त आजादी का पूरा हक हासिल है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री मोदी एक गोलमेज सम्मेलन बुलाकर गोमांस की आड़ में मुसलमानों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान और देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने की कोशिशों पर चर्चा करायें।

खां ने एक सवाल पर कहा कि उनका संयुक्त राष्ट्र से अपना दर्द कहने का मतलब भारत के खिलाफ कुछ कहना कतई ना माना जाए। संयुक्त राष्ट्र इसीलिये बना था कि दुनिया के मानवीय अधिकारों का हनन ना हो और दुनिया को कानून तथा मानवता की निगाह से एक साथ देखा जा सके। इसीलिये उसके सामने अपनी तकलीफ को बयान किया गया है।

खां ने कहा कि हिन्दुस्तान में मुसलमानों के लिये जो भाषा बोली जा रही है, वह तो किसी असभ्य समाज में भी नहीं बोली जाती। संघ को बिहार, उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों में सरकारें बनाने के लिये यकीनन एक ऐसा मुद्दा चाहिये जिससे दो सभ्यताएं अलग-अलग खड़ी हो सकें।

उन्होंने गम्भीर आरोप लगाया ‘‘बाबरी के बाद दादरी का चुनाव इसलिये किया गया क्योंकि वह दिल्ली से नजदीक है और भाजपा की केंद्र की सरकार को वहां फसाद कराने और अपना प्रभाव इस्तेमाल करने में आसानी हो रही थी। वहां देश के गृह मंत्री (राजनाथ सिंह) साहब के बेटे का भी राजनीतिक क्षेत्र है। वह वहां काम करते हैं।’’

खां ने कहा ‘‘यह भी बात सामने आयी कि बापू की तहरीक के बाद हिन्दुस्तान में सबसे बड़ा आंदोलन अशोक सिंघल जी का था और इसके लिये वह सम्मानित भी किये गये। हम इससे अंदाजा लगा रहे हैं कि देश को किधर ले जाये जाने की कोशिश है।’’

उन्होंने मीडिया की सराहना करते हुए कहा कि उसने दादरी में मुसलमानों के होने वाले कत्लेआम की तैयारियों का पर्दाफाश किया। फासीवादी ताकतें वह सब नहीं कर सकीं जो उनका मंसूबा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कल रात भी हालात खराब करने की कोशिश की गयी।

सपा का मुस्लिम चेहरा कहे जाने वाले खां ने कहा ‘‘मुसलमान अगर मजहब के मुल्क में रहना चाहते तो वर्ष 1947 में उनके लिये पाकिस्तान के रास्ते खुले हुए थे, मगर वह बापू और सरदार पटेल के आश्वासन पर और मौलाना अबुल कलाम आजाद की तकरीर में दिलाये गये यकीन पर हिन्दुस्तान में रुक गये, लिहाजा मुसलमान एक धर्मनिरपेक्ष मुल्क में रुका था। हिन्दू राष्ट्र बनने के बाद मुसलमानों की क्या हैसियत होगी, उनके क्या अधिकार होंगे, यह बता देना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के लिये जरूरी है।’’

खां ने कहा ‘‘बिहार में चुनाव का मूड ही बदल गया है। आज वहां विकास और जाति वर्ग चुनावी मुद्दा नहीं है, बल्कि चुनावी मुद्दा यह है कि किसी के बारे में उंगली उठा कर कह दिया जाए कि इसके पेट में ‘बीफ’ है तो उसे जान से मार दिया जाए।’’

नगर विकास मंत्री ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू के गाय के बारे में दिये गये विवादास्पद बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इस बारे में काटजू से कोई सवाल क्यों नहीं किया गया।

खां ने कहा कि गाय से ना सिर्फ हिन्दुओं का बल्कि मुसलमानों का भी मजहबी रिश्ता है। हत्या से ज्यादा बड़ा जुर्म क्या हो सकता है मगर उसकी सजा के लिये कानून है। हम चाहते हैं कि देश में किसी भी जीव की हत्या ना की जाए। इसके लिये कानून बने।

उन्होंने दादरी में भड़काऊ बयानबाजी करने वाले भाजपा विधायक संगीत सोम के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर कहा ‘‘संगीत सोम साहब ने जो कहा है वह कर सकते हैं लेकिन आपसे मैं यह जानना चाहूंगा कि पूरे देश के वो लोग आज जिनकी सत्ता है केंद्र में, अगर वो किसी को मिटाने का फैसला ले लें तो उसका मुकाबला किसी भी ताकत के लिये करना इसलिये मुश्किल होगा कि हमारे सामने इराक, लीबिया और मिस्र के हालात हैं।’’

खां ने कहा ‘‘मुजफ्फरनगर दंगों में मेरा नाम आया। मैं कहता हूं कि किसी भी अन्तरराष्ट्रीय एजेंसी से जांच करवा लें और अगर मेरा जरा सा भी दोष हो तो मुझे फांसी दे दें। मैं भाजपा के लिये एक आइटम हूं। मेरे नाम के अलावा उनकी दुकान में कुछ नहीं है। सारी नफरत का बाजार और सारी नफरत की खेती वह मेरे नाम से उगाते हैं।’’

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