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आयुष्मान भारत योजना: 5 लाख सालाना का मेडिकल कवरेज, जानें किसे और कैसे मिलेगा फायदा

पीएम ने भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती पर अप्रैल में योजना के पहले हिस्से को शुरू किया था। वह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुआ था, जहां पर पहले हेल्थ और वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया गया था।

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (एबी-एनएचपीएस) को चालू करने की घोषणा की। (फोटोः पीटीआई)

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (एबी-एनएचपीएस) को चालू करने की घोषणा की। मोदी सरकार इस योजना को 25 सितंबर (पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती) को लॉन्च करेगी। देश के तकरीबन 10 करोड़ परिवारों को इसके जरिए पांच लाख रुपए सालाना का मेडिकल कवरेज मुहैया कराया जाएगा। आगे चलकर मध्यम वर्गीय लोगों को भी इससे फायदा पहुंचाने की बात कही गई है।

आपको बता दें कि पीएम मोदी ने भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती पर अप्रैल में योजना के पहले हिस्से को शुरू किया था। वह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुआ था, जहां पर पहले हेल्थ और वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया गया था। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए तकरीबन 10 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। लोग इस योजना को मोदी केयर नाम भी दे रहे हैं। आइए जानते हैं कि मोदी सरकार की इस योजना का लाभ किसे मिलेगा और इसे पाने के लिए क्या करना होगा-

मोदी सरकार के इस प्रोजेक्ट के तहत वे लोग लाभ उठाने के योग्य होंगे, जो सोशियो इकनॉमिक कास्ट सेंसस (एसईसीसी) डेटा में वंचितों के मानदंड पर खरे उतरेंगे। ग्रामीण इलाकों में जिन लोगों के घर कच्ची दीवारों या कच्ची छतों वाले होंगे, जिनके परिवार में 16 से 59 साल तक का कोई सदस्य न होगा, जहां महिला ही घर की मुखिया होगी और 16 से 59 साल के बीच का कोई पुरुष न होगा व अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से आने वाले परिवार इस योजना का लाभ पा सकेंगे। और कौन इस याजना का लाभ ले सकेगा, अधिक जानकारी के लिए abnhpm.gov.in पर जाएं।

ग्रामीण इलाके में रहने वाले वे लोग जिनके पास सिर छिपाने के लिए छत न हो, जिनके पास किसी का सहारा न हो, भीख मांग कर गुजर-बसर कर रहे हों, गटर-नाले साफ करने वाले, आदिम आदिवासी समूह भी योजना का लाभ उठा सकेंगे। वहीं, शहरी इलाकों में कुल 11 व्यवसायों से नाता रखने वाले इस योजना के अंतर्गत आएंगे। साथ ही परिवार के आकार, सदस्यों की उम्र और उनके लिंग के आधार पर किसी प्रकार की बाध्यता नहीं होगी।

स्कीम के अंतर्गत, अगर मामला अस्पताल में भर्ती होने से जुड़ा हुआ, तब परिवार का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च भी मेडिकल कवरेज में शामिल होंगे। यही नहीं, लाभार्थी देश के किसी भी सरकारी अस्पताल या सरकार द्वारा तय किए गए चुनिंदा अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे। पर इलाज के लिए अस्पताल में लाभार्थी को मांगी गई आईडी (पहचान पत्र) देनी पड़ेगी।

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