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पीएम नरेंद्र मोदी की महत्‍वाकांक्षी योजना पर डॉक्‍टरों ने उठाए सवाल, सफलता पर जताया संदेह

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट (2018-19) में आयुष्मान भारत योजना की घोषणा की थी। इसके तहत शुरुआत में 10 करोड़ परिवारों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा का लाभ देने का लक्ष्‍य रखा गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पैकेज रेट के कम होने की दलील देते हुए योजना के सफल होने पर संदेह जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्‍त को आयुष्‍मान भारत योजना को लागू करने की घोषणा कर सकते हैं।

Author Updated: June 18, 2018 6:16 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

मोदी सरकार ने इस साल के आम बजट में गरीब परिवारों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा मुहैया कराने के लिए ‘आयुष्‍मान भारत’ योजना को अमल में लाने की घोषणा की थी। इसके जरिये शुरुआत में 10 करोड़ भारतीय परविारों को गुणवत्‍तापूर्ण चिकित्‍सा सुविधाएं देने की योजना है। लेकिन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मौजूदा पैकेज को देखते हुए इस योजना की सफलता पर संदेह जताया है। आईएमए में दो लाख से ज्‍यादा डॉक्‍टर शामिल हैं। ‘इकोनोमिक टाइम्‍स’ के अनुसार, आईएमए ने आयुष्‍मान भारत योजना के तहत तय दर (र‍िइंबर्समेंट रेट) को काफी कम बताते हुए उसकी आलोचना की है। आईएमए के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष रवि वानखेंडकर और मानद महासचिव आरएन. टंडन ने बताया क‍ि आयुष्‍मान भारत- राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना के तहत सरकार द्वारा तय दर बेहद कम और अव्‍यावहारिक है। आईएमए का कहना है क‍ि यहां तक कि सरकार द्वारा तय पैकेज रेट से इलाज का 30 फीसद हिस्‍सा भी कवर नहीं होता है। ऐसे में कोई भी हॉस्पिटल इन दरों पर मरीजों की सुरक्षा से समझौता किए बगैर इलाज नहीं कर सकता है। बता दें कि वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को पेश बजट में आयुष्‍मान भारत योजना की घोषणा की थी। इसे मोदीकेयर के नाम से भी जाना जाता है। इसके तहत शुरुआत में 10 करोड़ परिवारों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं देने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है। मोदीकेयर को दुनिया की सबसे बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्‍त को इस योजना को लागू करने वाले हैं।

उपलब्‍ध आंकड़ों के आधार पर तय किए गए पैकेज रेट: सरकार का कहना है कि उपलब्‍ध आंकड़ों और मानकों के आधार पर ही आयुष्‍मान भारत राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन (एबीएनएचपीएम) के पैकेज रेट तय किए गए हैं। एबीएनएचपीएम के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी इंदु भूषण ने बताया कि सरकार द्वारा तय रेट से अस्‍पतालों का खर्चा काफी हद तक कवर हो जाएगा। उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि सरकार लागत मूल्‍य का अध्‍ययन कराने की योजना बना रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित पैकेज की दर को दुरुस्‍त किया जा सके। नीति आयोग और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडि‍कल रिसर्च द्वारा आने वाले कुछ महीनों में इस बाबत अध्‍ययन करने की संभावना जताई गई है। भूषण ने कहा, ‘हमलोग पैकेज रेट को इतना ज्‍यादा नहीं रखना चाहते कि वह लोगों के लिए संभव ही न हो। साथ ही उसे इतना भी कम नहीं रखना चाहते कि वह लंबे समय तक चल ही न सके। हमलोग सीखने और समझने के लिए तैयार हैं। हमलोग लगात मूल्‍य का अध्‍ययन भी कराने जा रहे हैं, ताकि पैकेज रेट को तय करने में मदद मिल सके।’ दूसरी तरफ, आईएमए ने आयुष्‍मान भारत पर आने वाले खर्च को ज्‍यादा पारदर्शी बनाने और पब्लिक डोमेन में लाने की भी बात कही है।

आयुष्‍मान भारत के तहत 1,354 ट्रीटमेंट पैकेज: प्रधानमंत्री योजना की वेबसाइट पर इसको लेकर महत्‍वपूर्ण जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक, सरकार ने महत्‍वाकांक्षी आयुष्‍मान भारत योजना के तहत 1,354 ट्रीटमेंट पैकेज तय किए हैं। लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। बता दें कि वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में इस योजना का उल्‍लेख करते हुए स्‍वास्‍थ्‍य सेवा क्षेत्र में दो महत्‍वपूर्ण पहल की घोषणा की थी। आयुष्‍मान भारत योजना के तहत स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों की स्‍थापना और राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना का उल्‍लेख किया गया था। इस योजना के लाभार्थियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का हेल्‍थ कवर मुहैया कराया जाएगा।

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