Ayushman Arogya Mandir Report: आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने व महामारी जैसी स्थिति से निपटने के लिए उप-स्वास्थ्य केंद्र-आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एचएससी-एएएम) को बनाने में बिहार और आंध्र प्रदेश सबसे पीछे हैं। देशभर के 11 राज्यों में कुल 11001 एचएससी-एएएम बनाए जाने हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या बिहार में हैं।

बिहार में 2546 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से केवल 8.83 फीसद ही कार्यशील हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में सबसे कम 1.14 फीसद केंद्र ही कार्यशील हो पाए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम) के केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के तहत इन केंद्रों को बनाया जा रहा है।

आंध्र प्रदेश में कुल 696 यूनिट

इन स्वास्थ्य केंद्र का अपना खुद का सरकारी भवन नहीं है। ये केंद्र आमतौर पर किराए के मकानों, पंचायत भवनों, सामुदायिक हाल या अन्य वैकल्पिक स्थानों से संचालित होते हैं। इनकी मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की योजना है। आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश में कुल 696 इकाईयां बनानी हैं।

इनमें से आठ (1.14 फीसद) कार्यशील हैं। जबकि 285 (41 फीसद) पर काम जारी हैं। असम में कुल 768 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 389 (50.6 फीसद) कार्यशील हैं। वहीं 310 (40 फीसद) पर काम जारी है। बिहार में कुल 2546 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 225 (8.83 फीसद) कार्यशील हैं। जबकि 1257 (49 फीसद) पर काम जारी है।

अन्य राज्यों का कैसा है हाल?

झारखंड में 893 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 744 (83 फीसद) कार्यशील हैं। जबकि 144 (16 फीसद) पर काम जारी है। कर्नाटक में कुल 530 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 375 (70 फीसद) पर काम जारी है। मणिपुर में कुल 64 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 36 (56 फीसद) कार्यशील हैं, जबकि 27 (42 फीसद) पर काम जारी है।

मेघालय में 251 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 96 (38 फीसद) कार्यशील हैं। जबकि 75 (29.8 फीसद) पर काम जारी है। ओडिसा में 604 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 376 (62 फीसद) कार्यशील हैं। जबकि 196 (32.4 फीसद) पर काम जारी है। राजस्थान में कुल 2518 केंद्र बनाए जाने हैं।

राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही केंद्र सरकार

इनमें से 948 (37.6 फीसद) कार्यशील हैं। जबकि 594 ( 23.5 फीसद) पर काम जारी है। उत्तर प्रदेश में कुल 1670 केंद्र बनाए जाने हैं। इनमें से 1416 (84.79 फीसद) कार्यशील हैं जबकि 142 (8.50 फीसद) फीसद पर काम जारी है। वहीं पश्विम बंगाल में कुल 461 केंद्र बनाए जाने हैं।

इनमें से 112 (24 फीसद) कार्यशील हैं जबकि 230 (50 फीसद) पर काम जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर इन योजनाओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।

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दिल्ली के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात करीब 1,000 डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि यह देरी मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत फंड की मंजूरी न मिलने के कारण हो रही है। पढ़िए पूरी खबर….