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VIDEO: इसाई=ऐलोपैथी, हिंदू=आयुर्वेद…ऐसा क्यों? आपकी तरफ से सिग्नल आ रहा है- पत्रकार ने दागा सवाल, देखें- क्या बोले रामदेव

रामदेव ने आगे कहा "हमारे हिन्दू साधुओं ने भी इस देश में शिक्षा, स्वस्थ्य, तमाम तरह के कार्यों में योगदान दिया है। जो अच्छा काम करते हैं उनकी प्रशंसा होनी चाहिए।"

रामदेव ने डॉक्टर और आधुनिक चिकित्सा को लेकर एक विवादित बयान दिया था। (express file)

बाबा रामदेव ने हालही में डॉक्टर और आधुनिक चिकित्सा को लेकर एक विवादित बयान दिया था। जिसके बाद वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। रविवार को ‘न्यूज़ 18 इंडिया’ चैनल के शो ‘आर-पार’ में बाबा रामदेव ने इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान विवेक नारायण नाम के एक पत्रकार ने ऐलोपैथी और आयुर्वेद को लेकर कई सवाल पूछे।

नारायण ने रामदेव से कहा “पूरे भारत की तरह दक्षिण भारत भी इस विवाद से अछूता नहीं है। यहां भी लोग अपनी प्रतिकृया दे रहे हैं। दक्षिण भारत में जो हेल्थ इंडायसिस है वह उत्तर भारत के मुक़ाबले बहुत बेहतर है। इसे कई कारण होंगे, एक बड़ा कारण है कि दक्षिण भारत ने ऐलोपैथी को पूरी तरह से थामा है। उसका एक और कारण यह है कि यहां पर जो ईसाई मिसनरी थे उन्होने जिस तरह से अस्पतालों की स्थापना की थी। नर्सिंग इंस्टीट्यूट तैयार किए हैं। केरल की नर्स पूरी दुनिया में फैली हुई हैं। उनके बेहतरीन काम के चलते चेचक, पोलियो जैसी बीमारियां खतम हो गई।”

नारायण ने कहा “आपके संस्थान से आवाजें आ रही हैं कि इसाई=ऐलोपैथी, हिंदू=आयुर्वेद…ऐसा क्यों?” इसपर रामदेव ने कहा “हम कभी भी अभिलेखपूर्ण बात नहीं करते। ईसाई, इस्लाम, जैन, सीख, बुद्ध, हिन्दू, ब्राह्मण, शूद्र, वैश्य, क्षत्रिय, आदिवासी, वनवासी किसी का भी भेदभाव का पक्षपात नहीं करता। जहां तक प्राशन है हमारे आईएमए के अध्यक्ष का तो उन्हें ऐसा काम नहीं करना चाहिए।”

रामदेव ने आगे कहा “हमारे हिन्दू साधुओं ने भी इस देश में शिक्षा, स्वस्थ्य, तमाम तरह के कार्यों में योगदान दिया है। जो अच्छा काम करते हैं उनकी प्रशंसा होनी चाहिए।” योग और आयुर्वेद की अहमियत बताते हुए रामदेव ने दावा किया कि 98 प्रतिशत बीमारियों का इलाज आयुर्वेद से मुमकिन है। रामदेव ने यह भी माना कि एलोपैथी की वजह से करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाई गई है, लेकिन आयुर्वेद का भी सम्मान होना चाहिए।

रामदेव ने कहा कि मैंने आईएमए की कोई मानहानि नहीं की, बल्कि मुझे आईएमए पर मानहानि का मुदमा करना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि वे 90 प्रतिशत डॉक्टरों का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ डॉक्टरों के कारण दिक्कत है।

रामदेव ने कहा ‘आईएमए के डॉक्टर असभ्यता से बात करते हैं और वे राजनीति पर उतर आए हैं। मेरा बयान आधिकारिक नहीं था। व्हाट्सऐप पर एक जानकारी आई थी, जिसे मैंने सिर्फ साझा किया।’ मैं इसके लिए खेद भी जता चुका हूं।

रामदेव ने आगे कहा, ‘मेरे मन में किसी के लिए दुराग्रह नहीं है और मैं मानता हूं कि एलोपैथी ने करोड़ों जान बचाईं, लेकिन एलोपैथी में कई रोगों का विश्वसनीय इलाज नहीं है।

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