Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर से दान की गई धनराशि की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर कोई हिंदुत्व का दुरुपयोग करके मंदिर को लूटता है, तो हिंदू उसे नहीं बख्शेंगे।”
उद्धव ठाकरे ने कहा, “जब इस देश में सत्ता संभाली जा रही थी, तब श्री राम के नारे लगाए गए थे। मुझे नहीं लगता कि किसी अन्य पार्टी ने राम मंदिर के लिए उतना काम किया है जितना शिव सैनिकों ने किया है। उन्होंने शिला पूजन और रथ यात्रा में भाग लिया और कार सेवा करने के लिए अयोध्या गए। कई कार सेवकों ने अपना खून बहाया, मुंबई शहर ने ऐसी चीजें झेलीं जिनका अनुभव शायद ही किसी अन्य शहर ने किया हो। उस समय, बालासाहेब ठाकरे लोगों के साथ खड़े थे। हिंदू डर और हमलों के साये में जी रहे थे और समर्थन की तलाश में थे। तभी शिवसेना का केसरिया झंडा उनके हाथों में सौंपा गया।”
शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, “बारह साल बीत चुके हैं और जिस व्यक्ति के लिए हमने इतनी कड़ी मेहनत की, वह अब प्रधानमंत्री के पद पर हैं। फिर भी, बाद में उन्होंने अफजल खान की तरह शिवसेना को नष्ट करने की कसम खाई।”
काशी-मथुरा को किस हद तक लूटेंगे- उद्धव ठाकरे
बीजेपी के नारे अयोध्या तो बस एक ट्रेलर था, काशी और मथुरा तो अभी आने बाकी हैं का जिक्र करते हुए शिवसेना यूबीटी प्रमुख ने कहा, “अगर अयोध्या सिर्फ एक झलक थी, तो वे काशी और मथुरा को किस हद तक लूटेंगे? हमें लगा था कि सत्ता में ‘भगवा’ सरकार आई है। अटल-जी ने कहा था, ‘अब हिंदुओं को चोट नहीं सहनी पड़ेगी,’ फिर भी आज ऐसी सरकार सत्ता में है जो हिंदुओं को ही लूट रही है। यह सचमुच दुर्भाग्यपूर्ण है। ये आरोप सिर्फ मैं नहीं लगा रहा हूं, कई और लोग भी ऐसा कर रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि केदारनाथ का सोना लूटा गया। मध्य प्रदेश में मंत्रियों ने महाकाल मंदिर की जमीन हड़प ली। बद्रीनाथ से भी गबन की खबरें आ रही हैं।”
गर्व से कहो हम हिंदू हैं- उद्धव ठाकरे
शिवसेना यूबीटी प्रमुख ने गरजकर कहा था, “गर्व से कहो, हम हिंदू हैं। मैं उसी हिंदुत्व को फिर से जिंदा करना चाहता हूं। यह हिंदू पागल नहीं है, बारिश में भीगते हुए भी वह रामरक्षा का पाठ कर रहा है। यह बारिश के बीच जगी एक चिंगारी है। अगर सत्ता में बैठे लोग राम-भक्तों के स्वभाव को नहीं समझ पा रहे हैं, तो मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं, भगवान राम के साथ गई वानर-सेना ने रावण की सोने की लंका को राख में बदल दिया था। उन्होंने हमारी पार्टी चुरा ली और हमसे भगवान राम का धनुष-बाण वाला चुनाव चिह्न छीन लिया। लेकिन आज, हमारे हाथ में वही मशाल है जिसका इस्तेमाल हनुमान जी ने लंका को जलाने के लिए किया था। जब तक हम आपके अन्याय की लंका को राख नहीं कर देते, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।”
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अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित चोरी का मामला 10 जुलाई से कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हो रही आरएसएस की तीन दिन की सालाना अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में चर्चा का मुख्य विषय रहने वाला है। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि यह विवाद संगठन के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
