ताज़ा खबर
 

VHP को उम्मीद, अयोध्या में राम जन्मभूमि न्यास के डिजाइन के मुताबिक ही होगा मंदिर निर्माण

कोकजे ने कहा, "इस फैसले की रोशनी में हम समझ रहे हैं कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये जरूरी फैसले शीर्ष अदालत के आदेश पर सरकार द्वारा गठित किये जाने वाले ट्रस्ट की निगरानी में ही होने हैं। हालांकि, हम उम्मीद कर रहे हैं कि राम जन्मभूमि पर उसी डिजाइन के मुताबिक भव्य मंदिर का निर्माण किया जायेगा, जो राम जन्मभूमि न्यास ने पहले से तैयार कर रखा है।

Author इंदौर | Updated: November 9, 2019 5:52 PM
Ram temple design, ayodhya, Ayodhya verdict, ayodhya verdict 2019, Babri Masjid, Chief Justice of India, mayawati, mayawati on ayodhya, Hyderabad, Ram Janmabhoomi, ram mandir, supreme court, Telangana, Whatsapp, Ayodhya verdict, Ayodhya verdict case, ayodhya case, ram mandir, Ram Janmabhoomi, babri maszid, ajit doval, Amit Shah, article 144, ayodhya, Ayodhya verdict, ayodhya verdict 2019, Babri Masjid, Chief Justice of India, Ram Janmabhoomi, ram mandir, Section 144, supreme court, uttar pradesh police, Lucknow news, Lucknow latest news, Lucknow news, India, India news, India news today, Today news, Google news, Breaking news,Vishva Hindu Parishad,Uma Bharti,Rashtriya Swayamsevak Sangh,Ranjan Gogoi,L. K. Advani,Babri Masjid,Ayodhya,Ashok Singhalप्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को संतुलित करार देते हुए विश्व हिन्दू परिषद के एक शीर्ष पदाधिकारी ने शनिवार को इसका स्वागत किया। इसके साथ ही उम्मीद जतायी कि संविधान पीठ के आदेश पर बनने वाला ट्रस्ट राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण राम जन्मभूमि न्यास के उस डिजाइन के मुताबिक ही करायेगा जिसके तहत पिछले तीन दशक से पत्थर तराशे जा रहे हैं।  विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने “पीटीआई-भाषा” से कहा, “अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अब किसी भी पक्ष की हार या जीत का सवाल नहीं है, क्योंकि अदालत ने संतुलित फैसला सुनाते हुए सदियों पुराने मसले को अच्छी तरह हल कर दिया है। यह फैसला स्वागतयोग्य है, क्योंकि इसके तहत न्याय किया गया है।”

कोकजे ने कहा, “इस फैसले की रोशनी में हम समझ रहे हैं कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये जरूरी फैसले शीर्ष अदालत के आदेश पर सरकार द्वारा गठित किये जाने वाले ट्रस्ट की निगरानी में ही होने हैं। हालांकि, हम उम्मीद कर रहे हैं कि राम जन्मभूमि पर उसी डिजाइन के मुताबिक भव्य मंदिर का निर्माण किया जायेगा, जो राम जन्मभूमि न्यास ने पहले से तैयार कर रखा है। इस डिजाइन को अपनाया जाना (प्रस्तावित) ट्रस्ट के लिये सुविधाजनक भी होगा।” अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद काशी और मथुरा के विवादित धार्मिक स्थलों को लेकर विहिप की आगामी योजना के बारे में पूछे जाने पर कोकजे ने सीधा जवाब टाल दिया। उन्होंने संबंधित प्रश्न पर कहा, “फिलहाल हम अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बाकी विषयों पर समाज के रुख को राम मंदिर निर्माण के बाद देखा जायेगा।”

मध्यप्रदेश और राजस्थान के उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, “राम जन्मभूमि न्यास ने मंदिर निर्माण के लिये काफी तैयारी कर रखी है। मंदिर का डिजाइन तैयार है और इसके मुताबिक बड़े पैमाने पर पत्थर भी तराश लिये गये हैं।” गौरतलब है कि विहिप ने राम मंदिर निर्माण कार्यशाला में 1990 में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिये पत्थरों को तराशना शुरू किया था। राम जन्मभूमि न्यास विश्व हिन्दू परिषद के सदस्यों का स्थापित ट्रस्ट है। इस ट्रस्ट की स्थापना अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के उद्देश्य से 18 दिसंबर 1985 को की गयी थी।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने शनिवार को सुनाये अपने फैसले में कहा कि अयोध्या में उस स्थान पर मंदिर निर्माण के लिये तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट गठित किया जाना चाहिये जिसके प्रति हिन्दुओं की आस्था है कि भगवान राम का जन्म वहीं हुआ था।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उनका संगठन यह उम्मीद भी करता है कि भगवान राम के प्रति भक्ति-भाव रखने वाले हिन्दुओं को ही प्रस्तावित ट्रस्ट में शामिल किया जायेगा। हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल ने जोर देकर कहा, “अयोध्या में राम जन्मभूमि के विवाद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या विश्व ंिहदू परिषद ने पैदा नहीं किया था। राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर आम जनता ने आंदोलन शुरू किया था और हम लोग इसमें शामिल हुए थे।”

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 हिदू नेताओं ने रामजन्म भूमि आंदोलन में आडवाणी, अशोक सिंघल के योगदान को सराहा
2 अयोध्या फैसले पर यूपी पुलिस ने डिलीट करवाया बीजेपी समर्थक मुस्लिम का पोस्ट, महिला पत्रकार को चेताया- पड़ेगा भुगतना
3 Ayodhya case: मुस्लिम नेताओं ने अयोध्या पर फैसले को स्वीकार किया, शांति का किया आह्वान
ये पढ़ा क्या?
X