श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद उनके भाई सुनील बंसल ने राम मंदिर में दान के कथित गबन मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने राम मंदिर आंदोलन और राष्ट्र सेवा के लिए अपना घर-परिवार और करियर तक त्याग दिया।

बिजनौर जिले के नगीना निवासी सुनील बंसल ने सोमवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि चंपत राय ने अपना पूरा जीवन आरएसएस, राम मंदिर आंदोलन और देश की सेवा को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके भाई पर लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

फिजिक्स के लेक्चरर रह चुके हैं चंपत राय

सुनील के अनुसार, चंपत राय ने 1970-71 में रोहतक में टीचर के रूप में काम किया। इसके बाद 1972 में उन्होंने धामपुर के आरएसएम डिग्री कॉलेज में फिजिक्स के लेक्चरर के रूप में जॉइन किया। आपातकाल के दौरान जब वह कॉलेज में पढ़ा रहे थे तब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कॉलेज पहुंच गई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने खुद स्थानीय थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।

सुनील बंसल ने बताया कि 1980-81 में चंपत राय ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया और खुद को पूरी तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। सुनील ने कहा कि उनके भाई ने आरएसएस, राम मंदिर आंदोलन और राष्ट्र सेवा के लिए सब कुछ त्याग दिया।

चंपत राय का इस्तीफा

गौरतलब है कि राम मंदिर में दान की बड़ी रकम के कथित गबन के मामले में चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठने के बाद उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, इस्तीफे की खबर शुक्रवार से ही मीडिया में चल रही थी लेकिन ट्रस्ट की ओर से शनिवार को एक पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी गई। ट्रस्ट की ओर से जारी बयान के अनुसार, “श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल श्राजी से त्यागपत्र प्राप्त हुआ है। न्यास अपनी आगामी बैठक में इसका विचार करेगा।”

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया गया है। शिकायत के अनुसार, अभियुक्तों ने श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन का गबन किया और ट्रस्ट के फंड का दुरुपयोग किया।

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राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले में अयोध्या की एक अदालत ने सोमवार को सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। इससे पहले अयोध्या के बार एसोसिएशन ने रविवार को फैसला किया था कि जिले का कोई भी वकील राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें