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Ram Mandir में प्रभु राम की मूर्ति में होनी चाहिए मूछें- बोले हिंदू नेता संभाजी भिड़े

भिड़े ने कहा, ''अगर आप यह भूल (भगवान राम की मूर्ति में मूछें न होना) नहीं सुधारते हैं, तो भगवान राम के मेरे जैसे भक्तों के लिये मंदिर का कोई अर्थ नहीं है।''

Author Edited By अभिषेक गुप्ता पुणे/अयोध्या | Updated: August 3, 2020 10:45 PM
Lord Ram, Ram Idol, Moustache, Hindutva Leaderशिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के प्रमुख भिड़े ने लोगों से पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन के दिन को दीपवाली और दशहरा की तरह जश्न मनाने की अपील की। (फाइल फोटो)

हिंदुत्व नेता संभाजी भिड़े ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में प्रस्तावित मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की मूछें होनी चाहिये। अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर का भूमि पूजन होना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शामिल होने की उम्मीद है। भिड़े ने पुणे के नजदीक सांगली में पत्रकारों से कहा, ”मैंने गोविंद गिरिजी महाराज (मंदिर न्यास के एक न्यासी) से कहा है कि आप राम और लक्ष्मण की जिस मूर्ति की स्थापना करने जा रहे हैं, उनकी मूछें होनी चाहिये।”

भिड़े ने कहा, ”अगर आप यह भूल (भगवान राम की मूर्ति में मूछें न होना) नहीं सुधारते हैं, तो भगवान राम के मेरे जैसे भक्तों के लिये मंदिर का कोई अर्थ नहीं है।” उन्होंने मंदिर स्थल पर भूमि पूजन से पहले कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की एक तस्वीर की पूजा की जानी चाहिये। शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के प्रमुख भिड़े ने लोगों से पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन के दिन को दीपवाली और दशहरा की तरह जश्न मनाने की अपील की।

राकांपा प्रमुख शरद पवार ने हाल ही में कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बन जाने से कोविड-19 महामारी खत्म हो जाएगी। पवार के इस बयान पर भिड़े ने कहा कि वह एक सम्मानित व्यक्ति हैं और उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिये था। भिड़े ने कहा, ”पवार को भूमि पूजन कार्यक्रम में जाना चाहिये, भले ही उन्हें निमंत्रण न मिला हो। वह वहां पूरे महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।”

कौन हैं भिड़े? जानें: 81 वर्षीय संभाजी भिड़े मूल रूप से महाराष्ट्र में सांगली के निवासी हैं। वह वहां के हिंदू संगठन श्रीशिव प्रतिष्ठान से जुड़े रहे हैं और RSS के बड़े कार्यकर्ता बाबाराव भिड़े के भतीजे हैं। हालांकि, कभी संभाजी का भी आरएसएस से ताल्लुक हुआ करता था, पर किसी विवाद को लेकर उन्होंने सांगली में समानांतर RSS का गठन कर लिया था। साल 1984 में उन्होंने श्रीशिव प्रतिष्ठान की स्थापना की थी। इस संगठन की वेबसाइट के मुताबिक, प्रतिष्ठान का “लक्ष्य हिंदुओं को शिवाजी और संभाजी के ब्लड ग्रुप का बनाना है।”

मंदिर निर्माण की शुरुआत संग VHP करेगी ‘राम राज्य’ की दिशा में काम: विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में पांच अगस्त को राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के साथ ही संगठन अब भारत को ‘‘राम राज्य’’ बनाने की दिशा में काम करेगा तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों के उत्थान पर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व करने वाली विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) का मिशन भगवान राम के जन्मस्थान पर केवल मंदिर निर्माण का नहीं था, बल्कि यह ‘‘राम राज्य’’ स्थापित करने का भी मिशन है।

‘मोदी ने किया हिंदुओं का सपना साकार’: अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास की तैयारियों में जुटे क्षेत्रीय भाजपा सांसद लल्लू सिंह का मानना है कि मंदिर निर्माण से देश की राजनीति में व्यापक बदलाव आएगा। सिंह ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने से देश की सियासत में उसी तरह का बड़ा बदलाव होगा जैसा कि मंदिर आंदोलन शुरू होने से हुआ था। फैजाबाद से दूसरी बार सांसद चुने गए सिंह ने कहा कि राम मंदिर बनने के बाद राजनीति की दिशा बदल जाएगी। इससे लोग एकजुट होंगे और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा मिलेगा। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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