ताज़ा खबर
 

अयोध्या मामला: राजीव धवन को धमकी देने वालों को नोटिस

पीठ अवमानना के इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद करेगी।

वैद्यनाथन ने कहा कि हिन्दू पक्षकारों का यही मामला है कि खुदाई में मिले अवशेषों, घेराकार मंदिर, स्तंभों के आधार, एक दूसरे से मिलती दीवारें और अन्य सामग्री, से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वहां एक मंदिर था।

सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद में मुसलिम पक्षकारों की पैरवी करने के कारण वरिष्ठ वकील राजीव धवन को कथित रूप से धमकी देने वाले दो व्यक्तियों को मंगलवार को नोटिस जारी किया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस भूमि विवाद पर 18वें दिन सुनवाई शुरू होते ही राजीव धवन की अवमानना याचिका पर ये नोटिस जारी किए। पीठ अवमानना के इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद करेगी। संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एसए बोबडे, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं।

प्रमुख याचिकाकर्ता एम सिद्दीक व आॅल इंडिया सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से पेश हो रहे वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने पूर्व सरकारी अधिकारी एन षणमुगम और राजस्थान के निवासी संजय कलाल बजरंगी के खिलाफ शुक्रवार को शीर्ष अदालत में अवमानना याचिका दायर की थी। उनका आरोप है कि मुसलिम पक्षकारों की ओर से पैरवी करने की वजह से उन्हें धमकी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी एन षणमुगम से 14 अगस्त, 2019 को उन्हें एक पत्र मिला। जिसमें उन्हें मुसलिम पक्षकारों की ओर से पेश होने की वजह से धमकी दी गई थी।

धवन ने यह भी कहा है कि उन्हें राजस्थान के निवासी संजय कलाल बजरंगी से वाट्सऐप संदेश मिला है और वह भी न्याय के प्रशासन में हस्तक्षेप करने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक व्यक्ति धमकी भरे व्यवहार के साथ उन पर अदालत परिसर और घर तक टिप्पणी करते रहते हैं। उन्होंने याचिका में कहा कि इस तरह से पत्र भेजकर कथित अवमाननाकर्ता ने आपराधिक अवमानना की है क्योंकि वह शीर्ष अदालत में एक पक्षकार की ओर से पेश होकर अपने दायित्व का निर्वहन करने वाले वरिष्ठ वकील को धमकी दे रहा है और उसे इस तरह का पत्र नहीं लिखना चाहिए था।

धवन ने अदालत से अनुरोध किया है कि अदालत के समक्ष पेश तथ्यों के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 129 और अदालत की अवमानना कानून की धारा 15 के तहत इसका स्वत: संज्ञान लिया जाए और इन दोनों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की जाए।

Next Stories
1 कांग्रेस नेता शिवकुमार को ईडी ने गिरफ्तार किया
2 फिलहाल कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे भूपेंद्र हुड्डा
3 जनसत्ता विशेष: गर्व को मिलेगा चंद्रयान-2 को चंद्रमा की सतह पर उतरते हुए देखने का मौका
ये पढ़ा क्या?
X