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अयोध्या विवाद: जज ने पूछा क्या है शिया-सुन्नी विवाद? मुस्लिम पक्ष के वकील बोले- इससे कोई फर्क नहीं पड़ता

जीव धवन ने कहा कि रामलला के वकील सिर्फ अदालत के फैसले को पढ़ रहे हैं वह कोई तथ्य सामने नहीं रख रहे हैं। इसके बाद रामलला के वकील ने पुराणों का जिक्र करना शुरू किया।

निर्मोही अखाड़े और रामलला विराजमान के वकीलों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा।

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को भी सुनवाई हुई। अब अगली सुनवाई शुक्रवार को होनी है।रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई का यह छठा दिन था। इस दौरान अदालत ने कई सारे सवाल दोनों पक्षों से किया। रामलला की तरफ से वकील सी. एस. वैद्यनाथन ने अपनी दलीलें रखीं। वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से राजीव धवन ने अपनी दलीलें दी। इस दौरान जस्टिस बोबडे ने पूछा कि यह विवादित स्थल को लेकर शिया-सुन्नी विवाद क्या है? इस पर वकील राजीव धवन ने कहा कि इस विवाद से इस मामले पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने इस दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले की दलील दी।

पुराणों का जिक्र: राजीव धवन ने कहा कि रामलला के वकील सिर्फ अदालत के फैसले को पढ़ रहे हैं वह कोई तथ्य सामने नहीं रख रहे हैं। इसके बाद रामलला के वकील ने पुराणों का जिक्र करना शुरू किया। रामलला के वकील ने स्कन्द पुराण का जिक्र करते हुए शुरुआत की। इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आप जिन चीजों की बात कर रहे हैं उनमें रामजन्मभूमि के दर्शन का जिक्र है।

इसमें किसी देवता का जिक्र नहीं है। इस पर वकील वैद्यनाथन ने कहा कि रामजन्मभूमि ही अपने आप में देवता है। इस दौरान उन्होंने सरयू नदी और रामजन्मभूमि के महत्व के बारे में बताया। कोर्ट से रामलला के वकील ने कहा कि मंदिर किसने गिराया इसे लेकर कई सारे तथ्य है लेकिन मंदिर 1786 के बाद ही गिराया गया था।

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