डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (DGMA) ने शिपिंग कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात करने से बचें।
DGMA द्वारा जहाज मालिकों, जहाज के मैनेजरों और जहाजों के मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों को जारी एक एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि वे होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात न करें। बुधवार को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने अपने एक बयान में यह जानकारी दी।
एडवाइजरी में फारस की खाड़ी, होर्मुज जलमार्ग और आस-पास के इलाकों में चल रहे जहाजों से कहा गया है कि वे ज्यादा सतर्क रहें और नेविगेशन से जुड़ी चेतावनियों और सुरक्षा सलाहों पर नजर रखें। एडवाइजरी में जहाजों के कैप्टन से यह भी कहा गया है कि उन्हें ISPS कोड के अनुसार जहाज की सुरक्षा के सभी जरूरी उपायों, जहाज सुरक्षा योजनाओं और कंपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं को लागू करना चाहिए।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद आया डीजीएमए का आदेश
डीजीएमए द्वारा यह आदेश पश्चिम एशिया में एक बार फिर से उपजे तनाव के बीच आया है। अमेरिका द्वारा पिछले दो-तीन दिनों से ईरान के ठिकानों पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। इन हमलों के जवाब में तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है।
अमेरिका की तरफ से होर्मुज जलमार्ग की नाकेबंदी की घोषणा की गई है। इसी दौरान ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज को निशाना बनाया, जिस वजह से एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से 13 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है।
अमेरिका ने तेहरान के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया
अमेरिका ने ईरान पर अपने हमले और तेज कर दिए। अमेरिकी सेना ने इस बार ईरान के और अधिक उत्तरी इलाकों को निशाना बनाया और साथ ही एक ऐसे जहाज पर भी गोलीबारी की, जिस पर नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया।
जवाबी कार्रवाई में ईरान ने तड़के बहरीन और कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। दोनों तरफ से हो रहे हमलों ने अंतरिम समझौते को लगभग निष्प्रभावी कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र में फिर से पूर्ण युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 300 से अधिक घायल हुए हैं। इस ताजा हिंसा के दौरान पहली बार ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाया गया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, गुरुवार तड़के अमेरिकी हमलों में तेहरान के आसपास के कई इलाकों को निशाना बनाया गया। समाचार एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने सेमनान प्रांत पर भी हमला किया, जहां से ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और अंतरिक्ष कार्यक्रम संचालित होता है। (न्यूज एजेंसी AP के इनपुट के साथ)
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सरकार ने फैसला किया है कि एक विशेष ऑपरेशनल डैशबोर्ड बनाया जाएगा। इसके जरिए हर जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों की पूरी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध रहेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
