scorecardresearch

Augusta Westland Scam: सीए राजीव सक्सेना ने बताया- कैसे दी गई रिश्वत

मुख्य आरोपी सीए राजीव सक्सेना फिलहाल जमानत पर है। सक्सेना को जनवरी 2019 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और ईडी ने उससे पूछताछ की थी। ईडी सक्सेना की 385 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है।

Augusta Westland sacm, VVIP chopper scam, CA rajiv saxena, kamal nath son
सक्सेना ने स्वीकार किया कि वह खुद निवेश सौदों में भागीदार था, जिसके माध्यम से पैसे दिए गए। (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील मामले के मुख्य आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव सक्सेना ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उन संस्थाओं और निवेशों के बारे में बताया है, जिनके माध्यम से कथित रिश्वत के कुछ हिस्से दिए गए थे।

इसमें डिफेंस डीलर सुषेन मोहन गुप्ता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी भी शामिल थे।  मुख्य आरोपी सीए राजीव सक्सेना फिलहाल जमानत पर है। सक्सेना को जनवरी 2019 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और ईडी ने उससे पूछताछ की थी। ईडी सक्सेना की 385 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है। इस मामले में ईडी ने अब सक्सेना का अप्रूवर स्टेटस खत्म करने के लिए अपील दायर की है।

जांच एजेंसी का मानना है कि सक्सेना कथित रूप से केस से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा नहीं कर रहा है। 1000 से अधिक पन्नों का उसका बयान ( सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स के साथ) उसे यह दावा करते हुए दिखाते हैं कि उसकी भूमिका सुषेन मोहन गुप्ता, रतुल पुरी और गौतम खेतान जैसे प्रमुख लोगों के लिए चीजों को मैनेज करने की थी।

लेकिन इटली और मॉरीशस के लेटर्स रोजेटरी के माध्यम से प्राप्त जानकारी से पता चलता है कि सक्सेना की चार कंपनियों को कथित बिचौलिए क्रिश्चियन माइकल की कंपनी ग्लोबल सर्विसेज से करीब एक करोड़ डॉलर की राशि मिली। क्रिश्चियन माइकल को दिसंबर 2018 में प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।

वह भी जेल में हैं। जबकि जून 2000 में सक्सेना ने खुद इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजी में 99.9 हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था। मॉरीशस से ईडी को मिले दस्तावेजों के सामने, सक्सेना ने दावा किया कि उन लोगों ने बहुत ही होशियारी से धोखाधड़ी की। हालांकि उसने यह भी स्वीकार किया किवह खुद निवेश सौदों में भागीदार था, जिसके माध्यम से कथित रिश्वत दी गई।

सक्सेना ने ईडी को बताया जहां तक मेट्रिक्स ग्रुप लिमिटेड (सक्सेना की कंपनी) द्वारा भारत में ऑप्टिमा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडी रिगेल पावर लिमिटेड के माध्यम से किए गए निवेश का सवाल है, मैं इसकी पुष्टि करता हूं। इसे इंटरस्टेलर लिमिटेड और वैश्विक सेवाओं एफजेडसी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पैसे मिले हैं।

सक्सेना ने ईडी को बताया कि इस निवेश का एक हिस्सा ग्लोबल सर्विसेज एफजेडसी के जरिये उनके (रतुल पुरी) द्वारा व्यवस्थित किया गया था, जिसकी मुझे जानकारी नहीं थी।

सुषेन मोहन गुप्ता के मामले में, सक्सेना ने ईडी को बताया कि उन्होंने दो कंपनियों, डीएम पावर और डीएम साउथ इंडिया हॉस्पिटैलिटी में निवेश किया है।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट