केरल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार (18 मई, 2026) को होगा। लेकिन सरकार गठन से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने रविवार को कैबिनेट संबंधी निर्णयों और विभागों के बंटवारे को लेकर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

इसको लेकर AICC के महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि आज शाम मंत्रियों की सूची राज्यपाल को सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के नामों की घोषणा सीधे तौर पर नहीं की जाती, यह हमेशा से ही परंपरा रही है। UDF की एक सक्षम टीम मंत्रियों के रूप में शपथ लेगी।

के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि UDF एक ऐसी बेहतरीन टीम उतारेगी जो केरलम की जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ेगी। सरकार घोषित की गई गारंटियों पर गंभीरता से विचार करेगी। इस संबंध में किसी भी तरह की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार तो अभी बस शपथ लेने ही जा रही है। उससे पहले, वेल्लापल्ली नटेसन को इस तरह के भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए था।

कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव परिणाम ही इस बात का प्रमाण है कि केरल के लोग सांप्रदायिकता भड़काने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग पर बार-बार हो रहे हमले सामाजिक तनाव पैदा करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यूडीएफ के घटक दल एक-दूसरे पर प्रभुत्व जमाने वाले लोग नहीं हैं। सभी आपसी सम्मान के साथ व्यवहार करेंगे। कांग्रेस के अपने तौर-तरीके और दृष्टिकोण हैं। मुस्लिम लीग के भी अपने होंगे। लेकिन यूडीएफ व्यवस्था के भीतर, यह केवल उसी तरह आगे बढ़ सकता है जो सभी का सम्मान करे और सभी को स्वीकार्य हो। पार्टी की इच्छा थी कि रमेश चेन्निथला मंत्रिमंडल में हों, और तदनुसार, वे आए हैं। अलाप्पुझा के मजबूत प्रतिनिधित्व वाला मंत्रिमंडल बनने जा रहा है। मेरी भूमिका सरकार के साथ खड़े होकर अलाप्पुझा ने जो कुछ खोया है उसे वापस दिलाने की होगी।

वहीं, इससे पहले शुक्रवार को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के संयोजक अडूर प्रकाश ने कहा था कि तिरुवनंतपुरम में हुई यूडीएफ नेतृत्व की बैठक केवल एक औपचारिक बैठक थी। इस बैठक में मंत्री पदों को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रिमंडल गठन और विभागों के आवंटन सहित नई सरकार से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय शनिवार को होने वाली एक अन्य बैठक में लिए जाएंगे।

केरल: सीएम के नाम पर सहमति के बाद नए धर्म-संकट में फंसी कांग्रेस, शिक्षा मंत्रालय पर अड़ी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग

केरल में लेफ्ट गठबंधन को चुनाव हराकर सत्ता में आए यूडीएफ के दो सबसे बड़े घटक दलों के बीच खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस नीत यूडीएफ ने राज्य चुनाव में 102 सीटों पर जीत हासिल करके पूर्ण बहुमत हासिल किया मगर मुख्यमंत्री के नाम पर पार्टी में शक्ति परीक्षण होने लगा। यह मामला पार्टी के अन्दर तक सीमित रहता तो सामान्य लगता मगर कांग्रेस की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने वीके सतीशन के पक्ष में झण्डा उठाकर मामले को नया रुख दे दिया। कांग्रेस आलाकमान ने जब सतीशन के नाम की घोषणा की तो कई विश्लेषकों ने इसके पीछे मुस्लिम लीग के दबाव को एक वजह माना। सीएम के चेहरे के साथ ही एक अन्य मुद्दे पर मुस्लिम लीग कांग्रेस को धर्म-संकट में डाल चुकी है। पढ़ें पूरी खबर।