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राजस्थान में दलितों पर अत्याचार बढ़े: गहलोत

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के 26 महीने के शासन में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, थानों में मुकदमे दर्ज नहीं होते, मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार जैसी घिनौनी घटनाएं आम हो गई हैं।
Author जयपुर | April 16, 2016 03:07 am
गहलोत

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के 26 महीने के शासन में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, थानों में मुकदमे दर्ज नहीं होते, मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार जैसी घिनौनी घटनाएं आम हो गई हैं। गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री की नाक के नीचे डकैती के साथ बलात्कार जैसी शर्मनाक घटना तक हो गई। लेकिन मुख्यमंत्री अभी भी कांग्रेस के शासन पर दोष मढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय जब-जब मंत्रियों पर आरोप लगे, तुरंत मामला सीबीआइ को सौंप दिया गया। लेकिन वर्तमान सरकार में तो लाचार गृह मंत्री आपराधिक घटनाओं को लेकर कुछ और बोल रहे हैं और मुख्यमंत्री कुछ और बोल रही हैं। गृह मंत्री ने तो सीबीआइ को लेकर यहां तक टिप्पणी कर बैठे कि वह कौन-सी हरिशचंद्र है।

उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा डॉ आंबेडकर की 125वीं जयंती मनाने का ढोंग कर रही है और दूसरी ओर इस अवसर पर उसने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बाबा साहेब के नाम पर खोले गए विश्वविद्यालय को बंद कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि विश्वविद्यालय को बंद क्यों किया गया है?

गहलोत ने कहा कि डेल्टा प्रकरण में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संबंधित परिवार द्वारा सीबीआइ जांच कराए जाने की भावना को ही आगे बढ़ाया है। अब मुख्यमंत्री क्यों इंतजार कर रही हैं? दूसरी ओर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी का कहना है कि नोखा के डेल्टा हत्याकांड में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आरएसएस के दबाव में हैं।

क्योंकि एक आरोपी ईश्वर चंद बैद आरएसएस का कार्यकर्ता है। डूडी ने कहा कि आरएसएस के दबाव में मुख्यमंत्री, गृह मंत्री से लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तक इस मामले को दबाने में लगे हैं और आरोपियों को ‘क्लीन चिट’ देने पर आमादा हैं। डूडी ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे डेल्टा हत्याकांड में सभी को गुमराह कर रही हैं।

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