ताज़ा खबर
 

दुनिया की सबसे लंबी हाईवे सुरंग है Atal Tunnel, PM नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन, जानें खासियत

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था और सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी।

Author शिमला/नई दिल्ली | Updated: October 3, 2020 11:43 AM
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था और सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी। (फोटोः पीटीआई)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सभी मौसम में खुली रहने वाली अटल सुरंग का शनिवार (दो अक्टूबर, 2020) को हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में उद्घाटन कर दिया। मोदी ने फीता काटकर सुरंग का उद्घाटन किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सहित सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) के मुताबिक, अटल सुरंग दुनिया में सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है। 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग मनाली को वर्ष भर लाहौल स्पीति घाटी से जोड़े रखेगी। पहले घाटी करीब छह महीने तक भारी बर्फबारी के कारण शेष हिस्से से कटी रहती थी। हिमालय के पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच अत्याधुनिक विशिष्टताओं के साथ समुद्र तल से करीब तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर सुरंग को बनाया गया है।

मोदी अटल सुरंग के जरिए लाहौल-स्पीति जिले की लाहौल घाटी में उसके उत्तरी पोर्टल तक पहुंचे। उन्होंने मनाली में दक्षिणी पोर्टल के लिए हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एवआरटीसी) की एक बस को हरी झंडी दी। अटल सुरंग का दक्षिणी पोर्टल मनाली से 25 किलोमीटर की दूरी पर 3,060 मीटर की ऊंचाई पर बना है, जबकि उत्तरी पोर्टल 3,071 मीटर की ऊंचाई पर लाहौल घाटी में तेलिंग, सीसू गांव के नजदीक स्थित है।

अधिकारियों ने बताया कि घोड़े की नाल के आकार वाली दो लेन वाली सुरंग में आठ मीटर चौड़ी सड़क है और इसकी ऊंचाई 5.525 मीटर है। उन्होंने बताया कि 3,300 करोड़ रुपए की कीमत से बनी सुरंग देश की रक्षा के नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण है। अटल सुरंग का डिजाइन प्रतिदिन तीन हजार कारों और 1500 ट्रकों के लिए तैयार किया गया है जिसमें वाहनों की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था और सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी। मोदी सरकार ने दिसम्बर 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में सुरंग का नाम अटल सुरंग रखने का निर्णय किया था, जिनका निधन पिछले वर्ष हो गया।

उद्घाटन से पहले रक्षा मंत्री का दौराः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को रोहतांग में अटल सुरंग गए। रक्षा मंत्री के कार्यालय ने कई ट्वीट करके बताया कि सिंह के साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौजूद थे और उन्होंने शनिवार को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। कार्यालय ने बताया कि सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवानों के साथ भी बातचीत की। रक्षा मंत्री मनाली में डीआरडीओ के ‘स्नो एंड एवलांच स्टडी इस्टेब्लिशमेंट’ (एसएएसई) भी गए। उन्होंने एसएएसई में एक नई ‘कैलिब्रेशन लैब’ के निर्माण के लिए ‘भूमि पूजन’ भी किया।

सेल ने सुरंग के लिए 9,000 टन इस्पात की आपूर्ति कीः सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने रोहतांग स्थित अटल सुरंग के लिए 9,000 टन से अधिक इस्पात की आपूर्ति की है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस सुरंग का निर्माण मनाली-लेह राजमार्ग पर हर मौसम में आवाजाही की सुविधा के लिए किया गया है। शुक्रवार को सेल के बयान में कहा गया है कि सेल ने इस परियोजना के लिए 9,000 टन से अधिक स्टील की आपूर्ति की है। यह परियोजना में लगे कुल 15,000 टन स्टील का दो तिहाई है।

Next Stories
1 हाथरस कांड: पहली बार BJP के किसी बड़े नेता ने की योगी आदित्यनाथ की खिंचाई, उमा भारती ने कार्रवाई पर दागे सवाल
2 हाथरस घटना में पुलिस की कार्रवाई से छवि खराब हुई, मीडिया और नेताओं को परिवार से मिलने दिया जाए: उमा
3 कुछ लोग ‘भ्रम और भय’ का माहौल पैदा कर सरकार चला रहे हैं : सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर साधा निशाना
ये पढ़ा क्या?
X