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पंजाब के नेत्र शिविर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 60 लोगों को दिखना बंद

पंजाब के गुरुदासपुर जिले में नेत्र शिविर में ऑपरेशन के बाद 60 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। शिविर का आयोजन गैर सरकारी संगठन ने किया था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों में 16 लोग अमृतसर के गांवों के हैं जबकि बाकी गुरुदासपुर जिले के। इन सभी को अमृतसर और गुरुदासपुर के अस्पतालों […]

Author December 5, 2014 11:09 AM
नेत्र शिविर में आपरेशन के बाद 60 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई (एक्सप्रेस फोटो)

पंजाब के गुरुदासपुर जिले में नेत्र शिविर में ऑपरेशन के बाद 60 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। शिविर का आयोजन गैर सरकारी संगठन ने किया था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों में 16 लोग अमृतसर के गांवों के हैं जबकि बाकी गुरुदासपुर जिले के। इन सभी को अमृतसर और गुरुदासपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा है। आंखों की रोशनी गंवाने वाले सभी की उम्र 60 साल से ज्यादा है और ये गरीब घरों के हैं।

अमृतसर के जिलाधिकारी रवि भगत ने गुरुवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि 16 लोगों को सहायक प्राध्यापक कमलजीत सिंह की निगरानी में ईएनटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंह ने बताया कि इन सभी लोगों की आंखों की रोशनी स्थायी तौर पर जा चुकी है। घटना की उच्चस्तरीय जांच और ऑपरेशन करने वालों डाक्टरों का पता लगाने के आदेश दिए जा चुके हैं।

अमृतसर के सिविल सर्जन राजीव भल्ला ने बताया कि दस दिन पहले गुरदासपुर के घुमान गांव में आयोजित नेत्र शिविर में इनकी आंखों का ऑपरेशन किया गया था। इस घटना का पता तब चला जब आंखों की रोशनी गंवाने वाले अमृतसर के 16 पीड़ितों ने जिलाधिकारी रवि भल्ला से मुलाकात कर उन्हें अपनी व्यथा सुनाई और गैर सरकारी संगठन व आपरेशन करने वाले डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गुजारिश की। भल्ला ने बताया कि ऑपरेशन बेहद अस्वास्थ्यकर स्थिति में किए गए थे। नेत्र जांच शिविरों के आयोजन से पहले जिला प्रशासन व सिविल सर्जन की इजाजत लेनी पड़ती है। लेकिन इस बार आयोजित शिविर में ऐसा नहीं किया गया था।

 

 

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