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नए तरीके से कांग्रेस चुनेगी उम्मीदवार, राहुल गांधी ने बदली वर्षों पुरानी परंपरा

अब नई व्यवस्था के तहत ऐसा हो सकेगा और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों को लंबी-लंबी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (फोटो- पीटीआई)

चार राज्यों में आगामी विधान सभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उम्मीदवारों के चयन में वर्षों पुरानी परंपरा को बदलने का फैसला किया है। अब पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों का चयन करने के लिए ग्राउंड जीरो से प्राइवेट इंटेलिजेंस इनपुट लेगी। उसके बाद संभावित नामों पर विचार किया जाएगा। इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन को और अधिक लोकतांत्रिक बनाने के उद्देश्य से तीन सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी को ग्राउंड जीरो तक पहुंचकर उम्मीदवारों के बारे में निजी और सार्वजनिक सूचना इकट्ठा करने को कहा है ताकि संभावित उम्मीदवारों की कुंडली खंगाली जा सके और उसकी जीत की संभावनाओं को तलाशा जा सके। बता दें कि इससे पहले तक स्क्रीनिंग कमेटी सभी राज्यों के नेताओं और प्रदेश अध्यक्षों से चर्चा करने के बाद हरेक विधानसभा के लिए तीन से पांच नाम की सिफारिश केंद्रीय चुनाव समिति को करती थी। इस कमेटी में पार्टी अध्यक्ष भी होते थे लेकिन स्क्रीनिंग कमेटी ग्राउंड जीरो पर जाकर कभी भी कोई सूचना इकट्ठा नहीं करती थी। अब नई व्यवस्था के तहत ऐसा हो सकेगा और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों को लंबी-लंबी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवारों के चयन का तरीका बदलने का आइडिया छत्तीसगढ़ से आया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इसी तर्ज पर उम्मीदवार ढूंढ़ने की शुरुआत की है। अब टिकट के दावेदारों को दिल्ली पहुंचकर 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय या बड़े-बड़े नेताओं का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा बल्कि पार्टी के ही बड़े नेता उनके इलाके में पहुंचकर उनके बारे में फीडबैक लेंगे। छत्तीसगढ़ में स्क्रीनिंग कमेटी अब सघन तौर पर सर्वे करा रहा है ताकि उपयुक्त और जिताऊ उम्मीदवारों का चयन कर सकें। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भी इस काम में लगी टीम को मदद कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस के नेता बूथ लेवल कमेटी, ब्लॉक लेवल कमेटी और डिस्ट्रिक लेवल कमेटी बनाकर पहले ही फीडबैक ले चुके हैं। अब स्क्रीनिंग कमेटी सघन दौरे कर ग्राउंड जीरो से आंकड़े और फीडबैक लेगी। इसके बाद पुराने फीडबैक से डेटा मेल कराकर विधान सभा वार तीन से पांच नामों की संभावित सूची केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपी जाएगी। हालांकि इन राज्यों में विधान सभा चुनाव होने में अब तीन महीने से बी कम समय बचा है। ऐसे में कांग्रेस ने इस काम के लिए अभियान तेज कर दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को राजस्थान में स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष बनाया गया है जबकि ललितेश त्रिपाठी शकीर सनादी को उसका सदस्य बनाया गया है। मध्य प्रदेश में मधुसूदन मिस्त्री को अध्यक्ष और नेट्टा डिसूजा और अजय कुमार लल्लू को सदस्य बनाया गया है। इसी तरह छत्तीसगढ़ में असम कांग्रेस के पूर्व पार्टी अध्यक्ष भुवनेश्वर कालिता के अध्यक्ष और रोहित चौधरी और अश्विनीभाई कोतवाल को सदस्य बनाया गया है।

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