दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में असम की राजधानी गुवाहाटी में हुए प्रदर्शन के सिलसिले में कम से कम 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही शनिवार को एक और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे दो दर्जन से अधिक लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
शनिवार दोपहर की धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है, जिसको पीएम की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूर भी कर लिया है।
SFI ने किया था प्रदर्शन का आयोजन
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की ओर से गुवाहाटी के चचल में तय विरोध-प्रदर्शन स्थल पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारी शामिल हुए और यह प्रदर्शन काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। ये सभी दिल्ली में प्रदर्शनकारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, और धर्मेंद्र प्रधान ने दोपहर को अपना इस्तीफा भी दे दिया।
10 धाराओं में मामला दर्ज
शुक्रवार को भी दिसपुर पुलिस स्टेशन में BNS की 10 धाराओं के तहत दर्ज एक मामले के सिलसिले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। इन धाराओं में भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले काम, अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, आपराधिक साज़िश, और किसी सरकारी कर्मचारी को अपना काम करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल जैसे आरोप शामिल थे।
दो दिन में 6 लोग गिरफ्तार
दिसपुर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें पुलिस रिमांड में भेजा गया। पुलिस अधिकारी ने एक शख्स की गिरफ्तारी का आधार बताया गया कि वह प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था, भीड़ को उकसा और प्रभावित कर रहा था। उन्होंने साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों से बहस करने और उनके काम में बाधा डालने का भी उस पर आरोप बताया।
एक व्यक्ति पर हुए एफआईआर कॉपी में कहा गया है कि “उसके कामों और व्यवहार ने, भीड़ के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर, शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा की” और “यह शक करने के वाजिब कारण हैं कि वह एक साझा योजना के तहत और अन्य ज्ञात व अज्ञात लोगों के साथ पहले से रची गई साजिश को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा था।”
पुलिस को बाहरी फंडिंग की भी आशंका
इसमें आगे कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए “अगर कोई फंडिंग हुई है, तो उसके स्रोत और तरीके की गहन जांच” की जानी चाहिए।
आगे यह भी कहा, “इस चरण में, अज्ञात या बाहरी स्रोतों से वित्तीय सहायता मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। यह पता लगाना भी जरूरी है कि क्या कथित गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने या उनका समर्थन करने के लिए भारत के बाहर के स्रोतों या किसी गैर-कानूनी संगठन से कोई वित्तीय या अन्य सहायता मिली थी।”
शनिवार को भी बुलाया गया था विरोध प्रदर्शन
SFI ने शनिवार को उसी जगह पर एक और विरोध प्रदर्शन बुलाया था। इसके बाद पुलिस और CRPF ने विरोध स्थल के एंट्री गेट पर ही प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर तीन अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया, जिनमें से अधिकतर को शाम को छोड़ दिया गया।
दिसपुर पुलिस स्टेशन के OC भास्कर मल्ला पटोवरी ने कहा, “आयोजकों ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए अनुमति नहीं ली थी।” उन्होंने बताया कि गुरुवार के विरोध प्रदर्शन के बाद, कुछ प्रदर्शनकारियों ने जगह के बाहर नारे लगाते हुए जुलूस निकाला और सड़कें जाम कर दीं।
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राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मू ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिफारिश पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है। प्रह्लाद जोशी के पास पहले ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय है। इस पर सीजेपी से जब सवाल किया गया कि तो उन्होंने कहा कि हम नए शिक्षा मंत्री से जल्द मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
