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असमः पीएम मोदी ने बीच में रोका अपना भाषण, कहा- कार्यकर्ता गिर रहा है, पानी पिलाइए, डॉक्टर उसे देखें

पीएम मोदी ने कहा, देखिए एक कार्यकर्ता गिर रहा है। उसे संभालिए, पानी पिलाइए।

प्रधानमंत्री मोदी ने असम में एक रैली को संबोधित किया। (Twitter)।

असम के तामुलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान एक ऐसा भी पल आया जब उन्होंने अपनी स्पीच रोक दी और एक कार्यकर्ता की चिंता करने लगे। दरअसल भीड़ में एक शख्स बेहोश हो रहा था। इस पर पीएम मोदी ने कहा, देखिए एक कार्यकर्ता गिर रहा है। उसे संभालिए, पानी पिलाइए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने डॉक्टरों की टीम से उसकी मदद करने को कहा। इसके बाद उन्होंने पुनः अपना भाषण शुरू किया।

पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इन दोनों चरणों के बाद असम में फिर एक बार NDA सरकार बननी तय है। असम की पहचान का बार-बार अपमान करने वाले लोग, यहां की जनता को बर्दाश्त नहीं हैं। असम को दशकों तक हिंसा और अस्थिरता देने वाले, अब असम के लोगों को अब एक पल भी स्वीकार नहीं हैं। पीएम ने कहा कि असम के लोग विकास, स्थिरता, शांति, भाईचारा, सद्भावना के साथ हैं। मोदी ने कहा, ‘मेरे राजनीतिक अनुभव के आधार पर, जनता के प्यार की भाषा, जनता के आशीर्वाद की ताकत पर मैं कहता हूं कि असम में एक बार फिर आप लोगों ने NDA सरकार बनाना तय कर लिया है। असम में हो रहा विकास यहां पर कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है। असम में हो रहा विकास यहां पर लोगों का, महिलाओं का जीवन आसान बना रहा है। असम में हो रहा विकास, यहां पर नए अवसर बना रहा है, नौजवानों के लिए अवसर बढ़ा रहा है।’

पीएम ने कहा कि हम जब भी कोई योजना बनाते हैं, तो सबके लिए बनाते हैं। हर क्षेत्र के लोगों को, हर वर्ग के लोगों तक, बिना भेदभाव, बिना पक्षपात, उस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए हम कड़ी मेहनत करते हैं। देश में कुछ बातें ऐसी गलत चल रही हैं, अगर हम समाज में भेदभाव करके, समाज के टुकड़े करके अपने वोटबैंक के लिए कुछ दे दें, तो दुर्भाग्य देखिए, उसे देश में सेक्युलरिज्म कहा जाता है। लेकिन अगर सबके लिए काम करें, बिना भेदभाव के सबको देते हैं, तो कहते हैं कि ये कम्युनल हैं।

सेक्यूलरिज्म-कम्यूनिज्म के खेल से देश को नुकसान: पीएम मोदी ने कहा कि सेक्यूलरिज्म-कम्यूनिज्म के इस खेल ने देश का बहुत नुकसान किया है। हम परिश्रम करने वाले लोग हैं, समाज की सेवा के लिए दिन-रात एक करने वाले लोग हैं, विकास के लिए ईमानदारी से काम करने वाले लोग हैं। असम के लोग आज देख रहे हैं कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास हमारी नीति में भी है और नीयत में भी है।

पीएम मोदी ने आज रैली में कहा कि गरीबों को पक्का घर मिल रहा है, तो हर वर्ग, हर जनजाति के गरीबों को मिल रहा है। शौचालय मिला, तो भी बिना भेदभाव के सभी को मिला। गैस कनेक्शन मिला, तो बिना भेदभाव के सभी को मिला।

माताओं के आंसू पोंछे: रैली में मोदी ने कहा कि NDA सरकार मानती है कि किसी भी क्षेत्र के लोगों का विकास भेदभाव से नहीं, सद्भाव से होता है। इसी सद्भावना का परिणाम है कि लंबे इंतज़ार के बाद ऐतिहासिक बोडो अकॉर्ड तक हम पहुंच पाए। अनेक माताओं के आंसू पोंछनें, अनेक बहनों की पीड़ा को दूर करने के लिए हम सभी ने मिलकर प्रयास किया।

पीएम मोदी ने रैली में कहा, ‘मैं यहां की माताओं- बहनों को विश्वास दिलाता हूं कि आपके बेटे के सपने पूरे करने के लिए हम लगे रहेंगे। आपके बच्चों को बंदूक न उठानी पड़े, उन्हें जंगलों में जिंदगी न गुजारनी पड़े, उन्हें किसी की गोली का शिकार न होना पड़े, इसके लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है।’

पीएम मोदी ने कहा कि यहां के चाय बागान में काम करने वाले साथियों को भी कांग्रेस ने लंबे समय तक मुसीबत में, अभाव में रखा था। चाय बागान में काम करने वाले लोगों के लिए सबसे ज्यादा काम एनडीए सरकार ने ही किया है।

युवा वोटरों से अपील: पीएम ने कहा, ‘मेरा उन युवा साथियों से विशेष आग्रह है जो पहली बार वोट डालने जा रहे हैं। देश की आजादी के 75वें वर्ष का पर्व मनाते हुए आप जो वोट डालेंगे, वो इस बात को भी तय करेगा कि जब हम आजादी के 100 वर्ष मनाएंगे, तो असम कितना आगे होगा। भाजपा के संकल्प पत्र में इसके लिए स्पष्ट रोडमैप है।’

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