असम में बाढ़ की वजह से हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। यह जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर बहुत बड़ा खर्चा होगा। हिमंता के मुताबिक, इस काम में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा।

हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनर्वास प्रक्रिया में केंद्र से पूरी मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, “पक्की राहत देने के लिए 9 अगस्त को एक रैपिड रिलीफ असेसमेंट ड्राइव शुरू किया गया था। 8000 से अधिक परिवारों का असेसमेंट किया गया है और 150 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।” सीएम ने बताया कि यह रैपिड रिलीफ असेसमेंट 30 अगस्त तक चलेगा।

पीएम ने कहा है- भुगतान करने में कोई दिक्कत नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के ऊपरी जिलों में बाढ़ से अधिक नुकसान हुआ है, हमें ऐसी उम्मीद है कि 50-60 हजार परिवार ऐसे होंगे जो ताजा बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि नुकसान की भरपाई और पुनर्वास में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। PM ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों को पेमेंट करने में कोई दिक्कत नहीं है और हमसे बिना किसी लापरवाही के असेसमेंट करने को कहा है।”

पुनर्वास के लिए शुरू हो सकती है मॉडल हाउसिंग स्कीम

मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत अभियान कई चरण में चलाया जाएगा और फाइनल सर्वे सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। सीएम ने कहा कि नेपालीखुटी, माजगांव और कमल चापोरी समेत कई इलाकों में हर घर को नुकसान हुआ है। लोगों के पुनर्वास के लिए हम केंद्र और सोशल साइंटिस्ट से बात कर रहे हैं कि क्या उनके घरों को फिर से बनाने के लिए कोई मॉडल हाउसिंग स्कीम शुरू की जा सकती है। असम सरकार ऐसी बाढ़ का कोई पक्का हल ढूंढ रही है।

मदद के लिए 1.5 लाख रुपये तक मिलेंगे- सीएम

असम में बुधवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर रही। चार जिलों में 1.12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और अधिक बारिश का अनुमान है। सरमा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित 64,891 परिवारों को शुरुआती मदद के तौर पर 15,000 रुपये मिले हैं, जबकि आने वाले दिनों में 31,212 और परिवारों को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “20 अगस्त से बाढ़ से तबाह शिवसागर और चराईदेव जिलों में वैष्णव भक्तों के पूजा स्थल, नामघरों को फिर से बनाने के लिए हर एक को 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। PWD ने सड़कों से मलबा हटाने के लिए 50 मशीनें लगाई हैं।”

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असम की राजनीति में अगर किसी एक नेता ने पिछले एक दशक में खेल का पूरा समीकरण बदल दिया है, तो वह हैं हिमंता बिस्वा सरमा। कभी कांग्रेस के भीतर सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाने वाले सरमा आज उसी राजनीति के सबसे आक्रामक और निर्णायक खिलाड़ी बन चुके हैं। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर, पार्टी बदलने का जोखिम भरा फैसला और फिर सत्ता के शिखर तक पहुंचना – यह कहानी केवल एक नेता के उभार की नहीं, बल्कि समय को पहचानने की असाधारण क्षमता की कहानी है। यहां पढ़ें पूरी खबर…