Assam Assembly Elections 2026: असम विधानसभा चुनाव की उम्मीदवार कुनकी चौधरी को रविवार को गुवाहाटी के पान बाजार पुलिस स्टेशन में आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के आरोप में उनकी कैंपेन टीम के खिलाफ दर्ज मामले में पूछताछ के लिए तलब किया गया था।
गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के कुछ घंटों बाद, असम पुलिस ने इस मामले के संबंध में उनकी कैंपेन टीम के तीन सदस्यों को हिरासत में ले लिया। चौधरी कांग्रेस की सहयोगी असम जातीय परिषद की गुवाहाटी सेंट्रल सीट से उम्मीदवार हैं। 27 साल की कुनकी चौधरी असम चुनाव में सबसे युवा उम्मीदवार हैं। उन्होंने आरोपों से इनकार किया है।
कुनकी चौधरी सबसे युवा उम्मीदवार
गुवाहाटी सेंट्रल सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विजय गुप्ता के खिलाफ चुनाव लड़ रही युवा उम्मीदवार के रूप में उन्होंने सबका ध्यान खींचा है। हालांकि, विशेष रूप से तब सुर्खियां बटोरीं जब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन पर और उनके परिवार पर बार-बार हमले किए। सरमा ने दावा किया है कि उनके परिवार ने कथित तौर पर बीफ खाकर और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करके हिंदुओं का अपमान किया है और उनकी मां ने सोशल मीडिया पर उमर खालिद और शरजील इमाम का खुलेआम समर्थन किया है।
शनिवार को चौधरी को पान बाजार पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए समन जारी किया गया। यह मामला लोक सेवक द्वारा जारी आदेश में बाधा डालने और चुनाव के दौरान अनुचित प्रभाव के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के उल्लंघन से संबंधित बीएनएस की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
हिरासत में लिए गए तीनों सदस्य कहां के हैं?
गुवाहाटी के सेंट्रल डीसीपी शम्भावी मिश्रा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि यह मामला इस शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था कि हिरासत में लिए गए तीनों सदस्य मूल रूप से हरियाणा के हैं और निर्वाचन क्षेत्र में उस नियम का उल्लंघन करते हुए मौजूद थे जिसके अनुसार निर्वाचन क्षेत्र के बाहर से लाए गए राजनीतिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मतदान से 48 घंटे पहले निर्वाचन क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। चौधरी के बारे में डीसीपी ने कहा था, “आरोप यह है कि वह कल (मतदान के दिन) भी प्रचार कर रही थीं और अन्य उल्लंघन भी किए गए हैं, जैसे कि अपने पीएसओ को मतदान केंद्रों के आसपास ले जाना।”
रविवार को पुलिस स्टेशन में पूछताछ के बाद चौधरी ने कहा, “झूठे आरोपों पर एफआईआर दर्ज की गई है, इसलिए मुझे खुशी है कि मुझे बुलाया गया ताकि मैं आकर अपना बयान दे सकूं। मुझे व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और मुझे विश्वास है कि जांच ठीक से की जाएगी।” असम जातीय परिषद के प्रमुख लुरिंज्योति गोगोई ने चौधरी के खिलाफ जारी किए गए मामले और समन को एक उम्मीदवार पर प्रशासनिक दबाव बताया।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और बीजेपी अपने राजनीतिक लाभ के लिए प्रशासन और पुलिस का इस्तेमाल करना शुरू कर रहे हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक संकेत है। असम में बीजेपी विपक्ष की आवाज को डरा-धमकाकर, दमन और गुंडागर्दी के जरिए दबाना चाहती है। मध्य गुवाहाटी निर्वाचन क्षेत्र में एजेपी उम्मीदवार के उदय और संभावित जीत से भयभीत बीजेपी ने अब डराने-धमकाने की राजनीति का सहारा लिया है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि डराने-धमकाने से सच्चाई हमेशा के लिए छिप नहीं सकती। हम कुनकी चौधरी जैसी साहसी युवा महिलाओं को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि आप अकेली नहीं हैं। असम में हजारों लोकतांत्रिक सोच वाले लोग कुनकी चौधरी के साथ हैं।”
कौन हैं कुनकी चौधरी
असम विधानसभा चुनाव के लिए सबसे कम उम्र की उम्मीदवार 27 वर्षीय कुनकी चौधरी की मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ तीखी बहस हो गई है। डिब्रूगढ़ में प्रचार करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कुनकी चौधरी और उनके परिवार पर निशाना साधा था। कुनकी गुवाहाटी सेंट्रल सीट से कांग्रेस की सहयोगी असम जातीय परिषद (AJP) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
