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Assam Election Results 2021: 5वीं बार जीते सरमा, पर टाल गए CM पद से जुड़ा सवाल; सूबे में NDA की जीत के पीछे रहे प्रमुख रणनीतिकार

Assam Election Results 2021: सरमा ने भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि सत्ताविरोधी भावना को परास्त करके सत्ता कायम रखना किसी भी दल के लिए उपलब्धि है।

himanta biswa sarma, assam, elections 2021असम से ताल्लुक रखने वाले BJP नेता हिमंत बिस्व सरमा। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः अमित मेहरा)

Assam Election Results 2021: पांचवीं बार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद असम के वरिष्ठ मंत्री एवं भाजपा नेता हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को कहा कि वह इस बारे में बात नहीं करना चाहते हैं कि कौन राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनेगा क्योंकि यह निर्णय पार्टी का संसदीय बोर्ड करेगा।

भाजपा ने 2016 में विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था लेकिन इस बार उसने इस शीर्ष पद के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं की। ऐसी अटकलें हैं कि सरमा नये मुख्यमंत्री होंगे। सरमा से जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या वह अगले मुख्यमंत्री होंगे, तो उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इसके बारे में कोई बात नहीं करना चाहता हूं। हमारा संसदीय बोर्ड इस बारे में निर्णय लेगा।’’ कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान बार बार दावा किया कि राज्य में दो मुख्यमंत्री हैं। उसका इशारा सरमा एवं मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सत्ता के प्रतिद्वंद्वी केंद्रों के रूप में अफवाहों की ओर था। निवर्तमान राज्य सरकार में सरमा के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त एवं लोक निर्माण विभाग थे। वह राजग के पूर्वोत्तर संस्करण पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (नेडा) के संयोजक हैं।

उन्होंने असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रोमेन चंद्र बोरठाकुर को रविवार को 1,01,911 मतों के अंतर से हराकर जालुकबारी सीट पर कब्जा बरकरार रखा है। सरमा ने भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि सत्ताविरोधी भावना को परास्त करके सत्ता कायम रखना किसी भी दल के लिए उपलब्धि है।

ऐसा रहा इस बार असम का चुनावी परिणामः

 

सरमा सूबे में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की जीत के पीछे अहम रणनीतिकार माने जाते हैं। चुनावी प्रचार के दौरान उन्होंने बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ के साथ कांग्रेस के गठबंधन करने को लेकर बार-बार उस पर जुबानी निशाने साधे थे। वह इस चुनाव में पार्टी के प्रमुख प्रचारक रहे।

पूर्व सीएम तरुण गोगोई के कभी करीबी रहे सरमा के बारे में कहा जाता है कि कांग्रेस में रहते हुए उन्हें नजरअंदाज किया गया। उनकी सीएम बनने से जुड़ी आकांक्षाएं महज इच्छा ही रह गई, इसलिए उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी ज्वॉइन कर ली थी, जो कि उस वक्त देश के उत्तर पूर्वी राज्यों में अपने विस्तार के मौके तलाश रही थी। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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