ताज़ा खबर
 

असम चुनावः राहुल गांधी का वादा- सत्ता में आए तो 6 घंटे में इन कामगारों का बढ़ा देंगे वेतन

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की तरह उन्हें झूठ बोलने की आदत नहीं है। छत्तीसगढ़ चुनाव के दौरान कांग्रेस ने किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था। सरकार बनाने के छह घंटे के भीतर सीएम भूपेश बघेल ने किसानों के कर्ज माफी की घोषणा कर दी थी।

asam electionअसम के चाय बागान में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के साथ खाना खाते राहुल गांधी (फोटोः ट्विटर@inc)

राहुल गांधी ने असम के चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों से वादा किया है कि सूबे में कांग्रेस सरकार बनने के छह घंटे के भीतर वह उनकी मजदूरी बढ़ाकर 365 रुपए कर देंगे। राहुल ने कहा कि वह किसी का समय जाया करने नहीं आए हैं। बीजेपी ने आपसे वादा किया था कि सत्ता मिलने पर मजदूरी 351 रुपए की जाएगी, लेकिन सरकार बनाने के बाद अपना वादा भूल गए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की तरह उन्हें झूठ बोलने की आदत नहीं है। छत्तीसगढ़ चुनाव के दौरान कांग्रेस ने किसानों से कर्जमाफी का वादा किया था। राहुल ने कहा कि सरकार बनाने के छह घंटे के भीतर सीएम भूपेश बघेल ने किसानों के कर्ज माफी की घोषणा कर दी थी। उसी तरह से असम के चाय बागानों के मजदूरों के लिए नीति अमल में लाई जाएगी। राहुल ने अपर असम के दो कार्यक्रमों में यह घोषणा की। उन्होंने Chabua और Doomdooma के प्रोग्राम में कहा कि रोजाना भत्ता बढ़ाने की गारंटी कांग्रेस की तरफ से दे रहे हैं।

राहुल ने कहा कि यह कोई तोहफा नहीं बहै बल्कि लोगों का हक है। केरल में टी वर्कर्स को रोजाना 380 रुपए मिलते हैं जबकि असम में इन लोगों को महज 167 रुपए ही बीजेपी सरकार दे रही है। हालांकि, बीजेपी ने इन लोगों का मेहनताना बढ़ाकर हाल ही में 217 रुपए किया था पर हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। समुदाय के कल्याण के लिए राहुल ने कई और योजनाओं का जिक्र इस दौरान किया। इनमें स्पेशल टी मिनिस्ट्री, लैंड राइट्स, चाय बागानों के स्कूलों में स्पेशल शिक्षकों की भर्ती, मोबाइल हेल्थ क्लीनिक, सेल्फ इंप्लॉयमेंट की सुविधा शामिल है। राहुल ने असम में सीएए न लागू करने, हर घर को 200 यूनिट बिजली फ्री देने, घरेलू मगहिलाओं को 2 हजार महीना देने के साथ

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के साथ इस दौरान छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भी थे। दोनों ने Chabua की दिनजॉय की टी एस्टेट में मजदूरों के साथ खाना भी खाया। जवाहर लाल नेहरू 1936 में इसी टी एस्टेट में आकर रुके थे। राहुल ने कहा कि यह चुनाव असम की संस्कृति, इतिहास और भाषा को बचाने का है। यही वजह है कि लोग कांग्रेस को वोट देंगे। राहुल ने असम चुनाव में 10 दलों के साथ मिलकर एक मोर्चा बनाया है। उनका कहना है कि अभी असम की सरकार नागपुर से चल रही है। लेकिन कांग्रेस इसे असम से ही चलाएगी। डिब्रूगढ़ में कांग्रेस नेता ने युवाओं के साथ तकरीबन एक घंटे तक विचार विमर्श भी किया।

ध्यान रहे कि चाय बागानों में काम करने वाला आदिवासी समुदाय असम की राजनीति को किसी भी मुहाने पर पहुंचाने की क्षमता रखता है। सूबो की 126 सीटों में से 42 पर इनका सीधा असर है। बीजेपी के लिए फिलहाल यह तबका सिरदर्द बना हुआ है। द असम टी ट्राइब्स स्टूडेंट एसोसिएशन ने 22 मार्च को समूची टी एस्टेट्स में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। उनकी मांग दैनिक भत्तों में बढ़ोतरी करने की है। असम के ऊपरी हिस्सों में 27 को मतदान होना है। इनकी नाराजगी पार्टी को भारी पड़ सकती है। बीजेपी के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। असम में तीन चरणों के तहत 27 मार्च, 1 व 6 अप्रैल को मतदान होना है।

Next Stories
1 कौन हैं दत्तात्रेय होसबोले, जो बने RSS के नए ‘सरकार्यवाह’?
2 कोरोना के बीच बंगाल में PM की रैलीः दोहरे मास्क में मंच पर मोदी, किया दावा- 5 साल में 70 साल का काम कर के दिखा देंगे
3 एंटीलिया केसः जहां मिली थी मनसुख हीरेन की लाश, वहीं पाया गया एक और शव
ये पढ़ा क्या?
X