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भारत को राज्यों का संघ कहकर अलगावादी संगठनों की भाषा बोल रहे हैं राहुल गांधी: हिमंत बिस्वा सरमा

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कांग्रेस में गांधी परिवार के साथ विश्वासघात करना देश के साथ विश्वासघात के रूप में देखा जाता है, जबकि भाजपा में देश पार्टी से ऊपर है।

Himanta Biswa Sarma | States | BJP | Rahul Gandhi
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (एक्सप्रेस फोटो: अमित मेहरा)

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी भारत को राज्यों का संघ (Union of States) कहकर अप्रत्यक्ष रूप से अलगवादियों की भावनाओं बढ़ावा दे रहे हैं और इसके साथ उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति मदरसों को बंद करने और यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात कर रहा है वो भारतीय मुसलमानों का दोस्त है।

सरमा ने दिल्ली में आरएसएस से जुड़ी पत्रिकाओं पांचजन्य और ऑर्गनाइज़र के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम में कहा, “अगर भारत राज्यों का संघ है तो हमारे 5 हजार साल के सुनहरे इतिहास का क्या मतलब है? जब कांग्रेस खुद को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कहती है और पूरे भारत में बैठकें करती हैं, तो क्या इसका मतलब वह देश को संघ के रूप में मान रहे हैं? भारत को राज्यों का संघ कहकर राहुल गांधी देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं और इसके जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अलगावादियों को बढ़ावा दे रहे हैं। ये (राहुल गांधी) वहीं कह रहे हैं जो उल्फा (असम का अलगावादी संगठन) कहता है।”

सरमा ने आगे कहा कि “इसमें उनकी गलती नहीं है। वह जेएनयू से ट्यूशन ले रहे हैं और वहीं से सीख रहे हैं। कांग्रेस में गांधी परिवार के साथ विश्वासघात करना देश के साथ विश्वासघात करने जैसा है जबकि भाजपा में देश पार्टी से ऊपर मना जाता है।”

गौरतलब है कि हाल ही राहुल गांधी की ओर लंदन में हुए एक समारोह में भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि संविधान में भारत को एक देश नही बल्कि राज्यों का संघ के तौर पर उल्लेख किया हुआ है।

असम के मुख्यमंत्री सरमा ने हाल ही में मदरसों को सरकारी मदद देना बंद कर दिया है, जिस पर काफी विवाद भी खड़ा हुआ था। इस पर उन्होंने कहा कि अगर भारतीय मुसलमानों को शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की करनी है तो फिर मदरसों को खत्म करना होगा। अगर आपको धार्मिक शिक्षा देनी है तो आप अपने घर पर दीजिए। स्कूल केवल विज्ञान और गणित जैसे विषयों को पढ़ाने के लिए हैं।

एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोलते हुए कहा कि मदरसों को बंद करना और यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना भारतीय मुसलमानों के हक में है। “हम इसे हिंदुत्व के लिए नहीं करने जा रहे हैं और जो मदरसों को बंद कर रहा और यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू कर रहा है। भारतीय मुसलमानों को उन्हें अपना दोस्त समझाना चाहिए, यह उन्हीं लोगों के फायदे के लिए है।” इसके साथ उन्होंने मुसलमानों को भड़काने के लिए ओवैसी को उनका सबसे बड़ा दुश्मन बताया।

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