असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि असम सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार 5 जून 2026 को किया जाएगा। सीएम सरमा ने अपने संदेश में लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि असम सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार 5 जून 2026 को किया जाएगा।”

हालांकि, मुख्यमंत्री ने अभी यह नहीं बताया है कि मंत्रिमंडल में कितने नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा या किन विधायकों को जिम्मेदारी मिल सकती है। लेकिन राजनीतिक हलकों में इस विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्यों अहम है यह विस्तार?

असम में भाजपा लगातार तीसरे कार्यकाल में सत्ता में है और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार 2026 के बाद के राजनीतिक एजेंडे पर भी काम कर रही है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने और पार्टी संगठन के भीतर नई राजनीतिक ऊर्जा भरने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार उन क्षेत्रों और समुदायों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर सकती है, जिन्हें अब तक मंत्रिमंडल में पर्याप्त हिस्सेदारी नहीं मिली है। इसके अलावा बेहतर प्रदर्शन करने वाले विधायकों को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सहयोगी दलों और भाजपा विधायकों की बढ़ी उम्मीदें

मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों के विधायकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। पिछले कुछ समय से नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब 5 जून को होने वाले विस्तार से इन चर्चाओं पर विराम लग सकता है।

असम की राजनीति में यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य सरकार आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे, निवेश, रोजगार और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। ऐसे में नई जिम्मेदारियों के साथ मंत्रिपरिषद का विस्तार सरकार की कार्यक्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

अब सभी की निगाहें 5 जून पर टिकी हैं, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपनी सरकार की नई टीम का औपचारिक ऐलान करेंगे।