असम के नागांव में 6 अक्टूबर को लोकसभा उपचुनाव के लिए मतगणना होना है। इससे जुड़े प्रचार के दौरान राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हैं खासकर भाजपा और कांग्रेस। इस प्रचार में बिरयानी, रस्क और यहां तक की सूखी मछली का मुद्दा ज्यादा चर्चा हो छा गया है। कांग्रेस ने इस सीट पर सिबामोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन के बीच चल रहे तीखे समुदायिक भेदभाव और दौलत का दावा खूब जोर-शोर से हो रहा है। नागांव में भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा के लिए प्रचार कर रहे हिमंता ने एक चुनावी प्रचार अभियान के दौरान रकीबुल हुसैन की तुलना बकासुर (हिंदू पौराणिक कथाओं का राक्षस) से की।

सरकारी योजनाओं के लिए आए फंड को डकार जाते हैं- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री हिमंता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सिबोमोनी बोरा के लिए प्रचार अभियान कर रहे रकीबुल दिन में कई बार मांस और पुलाव खाते हैं, ठीके वैसे ही जैसे वे सरकारी योजनाओं के लिए आए फंड को डकार जाते हैं।

जन्म लेते ही मुझे अमीर बना दिया- कांग्रेस सांसद

इस पर कांग्रेस सांसद रकीबुल ने पलटवार किया और कहा उनका जन्म बिरयानी का आनंद लेने के लिए हुआ है। हिमंता बिस्वा सरमा पर कटाक्ष करते हुए रकीबुल हुसैन ने कहा, “भगवान ने मुझे बिरयानी के लिए दुनिया में भेजा और जन्म लेते ही मुझे अमीर बना दिया।”

हिमंता बिस्वा सरमा का उड़ाया मजाक

उन्होंने हिमंता बिस्वा सरमा के कथित तौर पर टूटे बिस्किट या रस्क के प्रति लगाव का मजाक उड़ाते हुए कहा कि जो लोग ऐसे खाने पर जीते हैं, उन्हें पुलाव और बिरयानी में फर्क नहीं पता। साथ ही उनके बचपन में भी मजाक करने हुए कहा कि जहां बच्चे आमतौर पर जन्म के बाद मां का दूध पीते हैं, वहीं उनका जन्म चिकन बिरयानी खाते हुए हुआ था।

इसके बाद मुख्यमंत्री हिमंता ने बहस को और बढ़ा दिया। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “जो अपनी मां का दूध पीने के लिए होते हैं, वे इंसान हैं और जो बिरयानी खाने के लिए पैदा होते हैं वे जानवर है।”

विवाद में एआईयूडीएफ भी कूदी

इसके बाद इस विवाद में एआईयूडीएफ भी कूद पड़ी। एआईयडीएफ के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी इस उपचुनाव में मैदान में है।

यह सीट तब खाली हुई थी जब तत्कालीन कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दी और भाजपा में शामिल हो गए।

अजमल ने रकीबुल हुसैन के धनवान परिवार में जन्म लेने के दावे पर सवाल दागते हुए कहा, “रकीबुल हुसैन तो सूखी मछली खाकर पैदा हुए थे, बिरयानी खाकर नहीं। वे गरीब परिवार में पैदा हुए थे। उन्हें बिरयानी कहां से मिलती?”

जानकारी दे दें कि अजमल की रकीबुल हुसैन से पुरानी दुश्मनी है। 2024 के लोकसभा चुनावों में, धुबरी से तीन बार सांसद रहे अजमल को रकीबुल हुसैन ने 10 लाख से अधिक वोटों से हराया था।

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पहली बार बीजेपी शासित किसी राज्य के सरकारी स्कूल की तारीफ की है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने असम के एक सरकारी स्कूल की तस्वीर और वीडियो देखकर स्कूल में दी जा रही सुविधाओं की तारीफ की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें