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असम: साइकिल पर शव मामले की जांच के लिए गया दल नदी में गिरा, मृतक के घर तक पहुंचाने वाला बांस का पुल नहीं संभाल सका वजन

जांच दल का नेतृत्व कर रहे राज्य स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर रतिन भुयां दुर्घटना में बाल-बाल बच गये लेकिन उनकी टीम के बाकी साथी उनके जितने सौभाग्यशाली नहीं रहे।

man with dead body on cycle
असम में साइकिल पर भाई का शव लेकर जाता व्यक्ति।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के विधान सभा क्षेत्र मजुली में सामने आए साइकिल पर शव ले जाने के मामले में राज्य सरकार की एक बार फिर किरकिरी हो रही है। साइकिल पर शव ले जाने की तस्वीरें आने के बाद एक तरफ जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी वहीं दूसरी तरफ राज्य का स्वास्थ्य विभाग भी इसकी जांच कर रहा है।  बुधवार (19 अप्रैल) को राज्य स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर के नेतृत्व में एक जांच टीम मृतक के घर पहुंची लेकिन उसके कई सदस्य मृतक के गांव तक पहुंचाने वाले बांस के अस्थायी पुल से गुजरते समय घायल हो गये। हुआ ये कि बांस का अस्थायी पुल जांच दल का वजन नहीं संभाल सका और टूट गया जिससे जांच दल के कई सदस्य नदी की धारा में गिर गये।

मृतक डिंपल दास लखीमपुर जिले के बालिजान गांव का रहने वाले थे। श्वास संबंधी शिकायत के बाद उनकी अस्पताल में मौत हो गयी थी। 18 वर्षीय दास की मृत्यु के बाद उनके बड़े भाई साइकिल पर शव लेकर गांव तक आए क्योंकि गांव तक गाड़ी जाने लायक सड़क नहीं है। नवगठित मजुली जिले के डिप्टी कमिश्नर गोपाल झा ने बताया, “हम दो पहलुओं की जांच कर रहे हैं। एक, क्या दास के परिवार वालों ने 108 पर फोन करके एंबुलेंस सेवा बुलायी थी। दो, क्या अस्पताल के किसी कर्मचारी ने दास के बड़े भाई को परिसर में साइकिल पर शव बांधते देखा था।”

सीएम के विधान सभा का मामला होने के कारण पहले से ही राज्य की भाजपा सरकार आलोचना के केंद्र में थी लेकिन जांच दल के चार सदस्यों के नदी की धारा में गिर जाने से सरकार की और किरकिरी हो रही है। हालांकि जांच दल का नेतृत्व कर रहे राज्य स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर रतिन भुयां दुर्घटना में बाल-बाल बच गये लेकिन उनकी टीम के बाकी साथी उनके जितने सौभाग्यशाली नहीं रहे। जो चार लोग लुइट नदी में गिर पड़े में उनमें एडिशनल डायरेक्टर तंकेश्वर दास और मजुली के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर नरेन दास भी थे।

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मृतक का घर अस्पताल से करीब आठ किलोमीटर दूर है। मृतक के गांव तक जाने के लिए लुइट नदी पार करनी पड़ती है जो ब्रह्मपुत्र नदी की एक उप-नदी है। इस नदी को पार करने के लिए गांव वालों को बांस के अस्थायी पुल से गुजरना पड़ता है। गुवाहाटी से आया जांच दल इसी पुल से मृतक के घर जा रहा था। सोमवार (17 अप्रैल) को साइकिल पर अपने भाई का शव ले जाने की तस्वीरें जब मंगलवार (18 अप्रैल) को स्थानीय टीवी पर सामने आयीं तो सीएम सोनोवाल ने तत्काल घटना की जांच के आदेश दे दिए थे।

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